आंटी की चूत चुदाई की प्यास बुझाई

आंटी की चूत चुदाई की प्यास बुझाई


दोस्तो, मैं आपका दोस्त गोविंद … फिर एक बार एक अपनी कहानी लेकर आया हूं. आशा करता हूं कि जिस तरह पिछली कहानी
दोस्त की गर्लफ्रेंड को उसके घर पर चोदा
में आपका प्यार मिला था, इस बार भी मिलेगा.

दोस्तो, जब से मैंने साक्षी की चूत का रसपान किया है, तब से मेरे लंड को चूत का पानी पीने की लत लग गई है. जब मैंने साक्षी की चुदाई की थी, तो चुदाई के कुछ फोटो मैंने अपने मोबाइल में ले लिए थे.

इस कहानी में मैं आपको अपनी आंटी की चूत चुदाई के बारे में लिख रहा हूँ.

मेरी एक मुँह बोली आंटी हैं, जिनका नाम पायल है. मैं बचपन से ही उनके घर पर आता जाता रहा हूं.

आंटी हमेशा से ही मुझे बहुत प्यार करती हैं. वैसे तो वो मुँह बोली आंटी थीं, लेकिन कभी भी वो इस बात को नहीं मानती थीं. वो हमेशा ही मुझसे मजाक किया करती थीं कि तेरी शादी किसी पागल से करूंगी, जो तुझे भी पागल कर दे.

आंटी के कोई संतान नहीं थी, लेकिन कमी आंटी में नहीं थी. कमी थी अंकल में … जिन्होंने कभी भी आंटी को संतुष्ट ही नहीं किया था.

खैर कोई बात नहीं … लेकिन आंटी की संतुष्टि तो मेरे नसीब में थी.

शुरू एक दिन मैं आंटी के घर पर गया. आंटी ने मुझसे कहा कि देख जरा मेरे फोन में मेरा फेसबुक अकाउंट नहीं चल रहा है.
मैंने कहा- लाओ.

मैं आंटी से फोन लेकर देखने लगा और उसी बीच एक ऐसी बात हो गई, जिसका मुझे ध्यान ही नहीं रहा था. हुआ ये कि मैं आंटी के मोबाइल को देख रहा था, उसी बीच न जाने किस समय आंटी ने मेरा फोन मेरे पास से ले ले लिया. मुझे पता ही नहीं चला.

दस मिनट में आंटी के फोन में उनका फेसबुक अकउंट चालू कर दिया था और उधर आंटी मेरे फोन की गैलरी देखने लगी थीं.

मैंने भी आंटी की नजर बचाते हुए उनके मोबाइल देखा कि आंटी के फोन में कुछ पॉर्न वीडियो पड़े थे, जो उनको किसी लड़के ने भेजे थे. मैंने कुछ नहीं कहा और फिर व्हाट्सएप पर गया और आंटी से पूछा.

मैंने पूछा- आंटी ये लड़का कौन है?

आंटी ने कुछ नहीं बताया … वो सुनकर चुप रह गईं.
मैंने दोबारा पूछा- ये लड़का कौन है?
आंटी ने झट से मेरे और साक्षी के अश्लील फोटो दिखा कर कहा- पहले ये बता कि ये कौन है?

अब बाजी उल्टी पड़ गई थी.

मैंने मुँह नीचे करते हुए कहा- मेरी फ्रेंड है.
वो बोली- दोस्त के साथ ऐसे फ़ोटो होते हैं भला.

फिर क्या था … मैंने भी आंटी के फोन में पोर्न वीडियो दिखा दिए, जो उस लड़के ने भेज रखे थे. मैं कहा कि ये क्या है, जो आपको इस लड़के ने भेजे हैं.
वो बोलीं- ये तो मेरा फ्रेंड है.
मैंने कहा कि कोई फ्रेंड भला ऐसी वीडियो सेंड करेगा.

फिर आंटी ने मुझे सारी बात बताई कि तेरे अंकल से तो कुछ होता नहीं है. वो रात को आते हैं और बस सो जाते हैं. मैं कैसे अपनी प्यास बुझाऊं. मेरी फ्रेंड लिस्ट में एक दो लड़के हैं, रात को किसी एक से चैट करके मैं अपनी चूत का पानी निकाल लेती हूं.

आंटी की इन बातों को सुन कर मैं बहुत ही शर्मा रहा था … क्योंकि अब से पहले मैंने आंटी से कभी ऐसी बात नहीं की थी.
वो बोलीं- तू तो ऐसे शरमा रहा है, जैसे न जाने कितना सीधा हो.
मैंने कहा- नहीं आंटी … ऐसी बात नहीं है.
वो बोलीं- तो और कैसी बात है?

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मैंने भी मौके पर चौका मार दिया. मैंने कहा कि आंटी ये मेरी फ्रेंड भी अब बहुत दिन हो गए है, मिलती नहीं है.
आंटी समझ गईं और बोलीं- हां मैं सब जानती हूं कि तू अपने मन में क्या खिचड़ी पका रहा है.
मैंने कहा- क्या पका रहा हूँ?
आंटी ने मेरी जांघ पर हाथ फेरते हुए कहा- अभी बताती हूँ चिकने.

उन्होंने मेरे लंड पर हाथ रख दिया और मुझे किस करने ही वाली थीं कि दरवाजे की घंटी बज उठी.

आंटी ने देखा, तो अंकल आ गए थे. हमारा सारा मजा ख़राब हो गया. लेकिन अब मैं आंटी से खुल गया था. मैंने उस दिन अपने घर पर आकर आंटी के नाम की तीन बार मुठ मारी. मुठ मारने के बाद भी मेरे लंड की प्यास नहीं बुझी. मेरा बुरा हाल हो गया था कि बस किसी तरह आंटी की चूत मिल जाए.

अब मैं रोज आंटी से रात को व्हाट्सएप पर चैट करने लगा.

करीब 6 या 7 दिन बाद अंकल का फोन आया- गोविंद घर पर आ जा, मुझे तुझसे कुछ बात करनी है.
मैं एकदम से घबरा गया था कि कहीं अंकल को तो पता नहीं चल गया.

खैर … मैं हिम्मत करके शाम के टाइम उनके घर पर चला गया और जाकर सोफे पर बैठ गया.
तभी अंकल आए और मेरे पास आकर बोले- बेटे, मैं तो शादी में जा रहा हूं. मुझे 2 या 3 दिन लग जाएंगे, तो तू अपनी आंटी के साथ रात को घर पर ही सो जाना.

इतना सुनते ही मेरे मन में तो लड्डू फूटने लगे. आंटी भी वहीं पर खड़ी हुई थीं. मैंने आंटी की तरफ देखा, तो आंटी मुस्कुरा रही थीं. मैं समझ गया कि दाल में कुछ ना कुछ जरूर काला है.
खैर कोई बात नहीं … मैं अपने घर वापिस आ गया.

मैंने मम्मी से बोला- मैं दो तीन दिन रात को अंकल के यहां पर सोऊंगा.
मम्मी ने बोल दिया- ठीक है, सो जाना.

अगले दिन अंकल शादी में चले गए.

मैं सारे दिन जॉब पर गया और बस आंटी की चुदाई के बारे में ही सोचता रहा कि इस बार आंटी को नहीं छोडूंगा. मुझे एक एक मिनट एक एक दिन की तरह लग रहा था.
शाम को मैं घर आया और कपड़े चेंज करके आंटी के घर पर चल दिया.

तभी मम्मी ने आवाज लगाई- खाना तो खा ले.
मैंने कहा- आज भूख नहीं है, मुझे नींद आ रही है. मैं सोने के लिए अंकल के घर जा रहा हूँ.
मम्मी ने ओके कहा.

साली नींद आ किसे रही थी, मुझे तो बस आंटी की चूत नजर आ रही थी. मैं अंकल के घर पहुंचा और घंटी बजा दी.

सिर्फ एक बार घंटी बजाते ही दरवाजा खुल गया. शायद आंटी भी मेरा इन्तजार कर रही थीं. मैं आंटी को देख कर हैरानी में पड़ गया था कि रोज तो आंटी साड़ी में रहती हैं … और आज ऐसे कपड़ों में?

मैंने कहा- आंटी बड़ी तेज भूख लग रही है, खाना बना लिया क्या?
आंटी बोलीं- आ जा पहले खाना खा ले.
मैंने कहा- ठीक है.

हम दोनों खाना खाने लगे. खाना खाते हुए मैं आंटी के चूचों को देख रहा था. आंटी ने एक बहुत ढीली सी नाइट टी-शर्ट पहनी हुई थी, जिसका गला काफी बड़ा था. जैसे ही आंटी गर्दन नीचे करतीं, तभी मैं उन्हें ताड़ने लग जाता. मेरी इस हरकत को आंटी ने देख लिया था.

वो आंख दबाते हुए बोलीं- अभी आराम से खाना खा ले … फिर देख लेना, जितना देखना है.
मैंने मासूम बनते हुए कहा- क्या हुआ आंटी?
वो बोलीं- हां तू तो कुछ जानता ही नहीं है … बहुत सीधा है.
मैंने फिर से कहा- नहीं … मैंने किया क्या है?
वो बोलीं- साले, मेरे मम्मे क्यों देख रहा है?

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मैंने भी बोल दिया- जब ये हैं ही इतने मस्त कि इन्हें देख कर तो हर कोई पीना चाहेगा.
वो बोलीं- अच्छा?
मैंने कहा- हां.
तो वो कहने लगीं- परेशान मत हो … तुझे दूध पिलाने के लिए ही तो ये सब नाटक करना पड़ा.

मैंने कहा- कौन सा नाटक?
आंटी कहने लगीं- तुझे यहां पर सुलाने का.
मैंने कहा- वो कैसे?
आंटी बोलीं- तेरे अंकल तो शादी में मुझे भी साथ में ले जा रहे थे. मैंने ही दर्द का बहाना करके जाने से मना कर दिया है. मैंने उनसे कहा कि मुझे रात को अकेले डर लगेगा, इसलिए गोविंद को यही सोने के लिए बोल देना.

मैं समझ गया.

आंटी कहे जा रही थीं- अब तेरे अंकल हैं कि मेरी इन चूचों को कभी हाथ भी नहीं लगाते … तो क्या फायदा इनके अच्छे होने क़ा.
मैंने कहा- अच्छा जी ऐसी बात है.

खाना बीच में ही छोड़ते हुए मैंने आंटी को अपनी बांहों में भर लिया. वो कुछ समझ पातीं कि मैंने पलक झपकते ही अपने होंठ आंटी के रस भरे होंठों से मिला दिए और रसपान करने लगा.

आंटी ने मेरी इस हरकत से कोई आपत्ति नहीं जताई. मैं एक हाथ से आंटी के मम्मे सहलाने लगा. अब आंटी पूरी तरह से गर्म हो गई थीं. अपने एक हाथ से वो भी मेरे लंड को सहलाने लगी थीं और मुँह से ‘ईई मममम हहह..’ की आवाज कर रही थीं.

उनकी कामुक आवाजों से मेरा लंड और भी उफान पर आता जा रहा था. मैं आंटी को और जोर जोर से किस करने लगा. आंटी के होंठों की लिपस्टिक मेरे होंठों पर भी लग गई थी.

मैंने करीब 15 मिनट तक इस तरह से ही किस किया, तो आंटी ने कहा- अब बस कर दे ना … क्या चूमता ही रहेगा. इसके अलावा और भी बहुत कुछ बाकी है.

मैं समझ गया कि अब आंटी को चूत में लंड लेने की जल्दी है. मैंने आंटी को अपनी बांहों में उठाया और किस करता हुआ उन्हें उनके रूम में ले गया. मैंने आंटी को बेड पर लिटा दिया और उनके लोवर में हाथ देकर चूत में उंगली करने लगा.

जैसे ही मैंने आंटी की चूत में उंगली दी, वो एकदम से गनगना उठीं और आंटी ने मेरे होंठों पर काट लिया. मुझे इससे और भी ज्यादा मजा आ रहा था. मैंने धीरे धीरे आंटी के बदन को उनके कपड़ों से आजाद कर दिया था.

आंटी ने अन्दर ना तो ब्रा पहनी हुई थी ना पैंटी. आंटी की चूत एकदम साफ चिकनी थी.

मैंने कहा- आंटी, आज ही झांटें साफ़ की हैं क्या?
वो बोलीं- और नहीं तो क्या … तुझे ऐसे ही झाड़ियों ने थोड़ी धकेल देती.

मैं किस करते करते आंटी के पेट से होता हुआ उनकी चूत पर आकर चूत चाटने लगा. आंटी ने चूत खोल दी. मैं आंटी की चूत में अपनी जीभ को अन्दर बाहर करते हुए चाट रहा था. वो भी मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थीं. कभी ऊपर को होतीं, कभी नीचे को.

मैं भी भूखे कुत्ते की तरह आंटी की चूत चाटता रहा. आंटी के मुँह से ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… अअअ … उम्म..’ की आवाज के साथ गाली भी निकल रही थी- साले हरामी मारेगा क्या … कुत्ते की तरफ चूत चाट रहा है.
मैंने कहा- आंटी कुत्ता ही तो हूँ.

तो उन्होंने मुझे एकदम से डांटा और कहा- भोसड़ी के, अभी तो मुझे आंटी मत बोल … आज मुझे पायल के नाम से पुकार. आज मेरा बदन तेरा है, जो करना है … जैसे करना है … कर ले.
मैंने कहा कि पायल रानी … आज की रात तू भी याद ही रखेगी..

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मैं और भी जोर जोर से आंटी की चूत को चाटने लगा. मेरा लंड इस टाइम बेकाबू हो रहा था, लेकिन मुझसे ज्यादा तो आंटी की हालत रही थी. वो मुझे ऐसे नोंच रही थीं, जैसे न जाने कितने बरसों से चुदाई की भूखी हों.

मैंने जैसे ही आंटी की चूत पर प्यार से दाना खींचते हुए काटा, तो आंटी ने मेरी कमर को बहुत जोरों से दोनों हाथों से दबा लिया और मुँह से तेज ‘आआआ … ऊऊऊऊ…’ करते हुए अपनी चूत को मेरे मुँह में घुसेड़ने लगीं. आंटी ने अपनी रसीली चूत का सारा पानी मेरे मुँह पर ही निकाल दिया और बिल्कुल कते हुए पेड़ की तरह मेरे ऊपर गिर गईं.

इसके बाद मैंने आंटी से पूछा- आंटी यदि आपकी इजाजत हो तो मैं एक सिगरेट पी लूं?
आंटी हंस कर बोलीं- यार तूने तो मेरे दिल की बात कह दी. अभी अपना खाना भी अधूरा पड़ा है. चल पहले दो दो पैग लगाते हैं, फिर खाना खाएंगे.

मैंने तो आंटी से सिगरेट की कहा था. मगर आंटी तो मुझसे भी एक कदम आगे निकलीं. अगले ही मिनट में नंगी ही उठ कर आंटी ने खाने की टेबल पर व्हिस्की की बोतल, दो गिलास और पानी नमकीन आदि सजा दिया.

मैंने आंटी को अपनी गोद में बिठाया और उनसे कहा कि हम दोनों एक ही गिलास से पी लेंगे.

आंटी ने हंस कर हामी भर दी. मैंने तगड़ा पैग बनाया और आंटी के होंठों से जाम लगा दिया. आंटी ने घूँट भरा और बोलीं- बहुत हार्ड बना दिया है. इसमें पानी और मिला.
मैंने आंटी से कहा- अबकी बार अपने मुँह में जाम भर के मुझे पिला देना. दारू का नशा कम लगेगा, प्यार का नशा ज्यादा लगेगा.

आंटी खुश हो गईं. उन्होंने अगला बड़ा घूँट भरके मेरे मुँह से अपना मुँह लगा कर पिला दिया. हम दोनों को बड़ा मजा आया. फिर सिगरेट का कश लगाते हुए हम दोनों ने दो तगड़े पैग हलक के नीचे उतार लिए.

अब आंटी नशे में मस्त हो गई थीं. हम दोनों ने चुदाई से पहले खाना खत्म किया और बिस्तर पर आकर पहली बार चुदाई जल्दी से करने का तय किया.

आंटी चूत खोल कर लेट गईं. मैंने एक शॉट में ही अपना लौड़ा आंटी की चूत में पेल दिया. आंटी चिल्ला दीं और मजे से गांड उठा कर चुदने लगीं.

बीस मिनट बाद मैंने आंटी की चूत से लंड खींचा और आंटी के मुँह में लगा दिया. आंटी ने मेरे लंड को चूस कर सारा पानी पी लिया.

इसके बाद हम दोनों ने एक पैग फिर से खींचा और सिगरेट का मजा लेते हुए अगले राउंड की तैयारी करने लगे.

उस रात मैंने आंटी को तीन बार चोदा. दूसरे दिन मैंने ऑफिस से ऑफ़ ले लिया और सारा दिन आंटी की बांहों में नंगा पड़ा रहा.

मेरी और आंटी की चुदाई आज भी बदस्तूर चल रही है. उनके घर में उनकी दो सहेलियां भी आती थीं. उनकी चूत की प्यास भी बुझाने की बात हुई. इस तरह अभी आंटी के घर में कुछ और चुदाई की कहानी लिखना बाकी है, जो मैं कहानी के अगले भाग में बताऊंगा.

दोस्तो, सेक्स कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं.
मैं इस सेक्स कहानी का अगला भाग भी लिखूँ … ये भी जरूर लिखें.
मेरी मेल आईडी है [email protected]

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