जहाज में मिली हसीन चूत को मुम्बई में चोदा

जहाज में मिली हसीन चूत को मुम्बई में चोदा

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अन्तर्वासना के सभी पाठकों को कुणाल सिंह खड़े लण्ड से प्रणाम करता है।
दोस्तो, मैं आपके लिए एक नई सत्य सेक्स कहानी लेकर आया हूँ इस गर्म कहानी को पढ़ने के बाद मेरी प्यारी भाभियों, आंटियों और मेरी दीवानी लड़कियों की चूत से पानी टपकने लगेगा और मेरे प्यारे भाइयों के लण्ड पैंट में तम्बू बन जायेंगे।

दोस्तो।, आप तो जानते ही हैं कि मुझे खुल कर सेक्स करना बहुत अच्छा लगता है, मैं चूत का पुजारी हूँ, चूत का दीवाना हूँ, चूत जैसा मज़ा किसी और चीज़ में नहीं है।

अब मैं कहानी पर आता हूँ, यह घटना अभी 8 दिन पहले की है।

मुझे अपने काम से मुम्बई जाना था। वैसे तो मैं कई बार मुम्बई जा चुका हूँ लेकिन मैं ट्रेन से आता जाता रहा हूँ।

इस बार मुझे जल्दी जाना था तो मैंने हवाई जहाज से जाने की सोची और मैंने ओनलाइन टिकट भी बुक कर दी। मेरी फ़्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट से थी।

मैं टाइम से देहली पहुँच गया और सारी औपचारिकताएँ पूरी करके अपनी उड़ान का इंतजार करने लगा।
थोड़ी देर में हमारी उड़ान थी, मैं जहाज में जाकर बैठ गया।

मैं जिस सीट पर बैठा था, उसी के बगल में एक सुन्दर लड़की आकर बैठ गई। वो एकदम गोरी जैसे अंग्रेज होते हैं, बिल्कुल वैसे ही और बहुत सुन्दर भी थी। उसकी लम्बाई 5 फुट 7 इंच की होगी और उसका फिगर 34-30-34 का होगा, एकदम पटाखा लग रही थी।

उसे देख कर मेरा लंड तो पैंट में तम्बू बन गया था।

थोड़ी देर चुप रहने के बाद उसने मुझसे बात करना चालू कर दिया, वो मुझसे पूछने लगी- आप कहाँ जा रहे हो?
मैंने कहा- मुम्बई जा रहा हूँ।

वो कहने लगी- मैं भी मुम्बई जा रही हूँ।
उसने कहा- आप मुम्बई में ही रहते हो क्या?
मैंने कहा- नहीं, मैं आगरा में रहता हूँ और मुम्बई अपने काम से जा रहा हूँ।

मैंने उससे पूछा- आप कहाँ से हो?
तो उसने कहा- मैं देहली से हूँ, मैं भी किसी काम से मुम्बई जा रही हूँ।

मैंने उससे उसका नाम पूछा, उसने अपना नाम इशिका बताया, वह 24 साल की थी, वो मुम्बई में इन्टरव्यू देने जा रही थी।
फिर मैंने भी उसे अपने बारे में बताया, तब तक जहाज भी उड़ान भर चुका था।

फिर मैं अपने मोबाइल में अन्तर्वासना साईट खोल कर कहानी पढ़ने लगा तो उसने मुझे कहानी पढ़ते देख लिया।
उसने ओह्ह्ह्ह करके अपने मुँह पर हाथ रख लिया और मुझसे पूछने लगी- तो आप ये सब भी करते हैं?
मैंने कहा- हाँ, मैं अन्तर्वासना का दीवाना हूँ!

फिर वो भी अपने आप ही मुझे बताने लगी- मैं भी अन्तर्वासना पर कहानियाँ पढ़ती हूँ।
मैंने उसे अपनी पहले वाली कहानी पढ़वाई, वो कहने लगी- आप तो शादीशुदा हो, फिर भी ये सब करते हो?
मैंने कहा- हां!

फिर वो मेरी दोनों कहानियाँ पढ़ने लगी।
कहानी पढ़ने के बाद वो मुझसे पूछने लगी- आपने कितनी लड़कियों की चुदाई की है अब तक?
मैंने कहा- शादी से पहले 4 लड़कियों की बहुत चुदाई की है लेकिन शादी के बाद बस एक औरत की चुदाई की है, वो भी जब उसका मेल आया था मेरी परेशानी पढ़ने के बाद!

फिर मैंने भी उससे पूछा- क्या तुमने भी कभी सेक्स किया है?
तो उसने मुझे बताया- हां!
उसका एक बॉयफ़्रेंड था जिसने उसे चोदा है, सिर्फ 2 बार ही चुदी है।

फिर थोड़ी देर हम ऐसे ही चुदाई की बातें करने लगे।
बातों ही बातों में वो मेरी जांघों पर हाथ फेरने लगी और मेरे लण्ड की पैमाइश करने लगी।
मैं भी उसकी जांघों को सहला रहा था।

फिर उसने अपनी इच्छा जताई, कहने लगी- कुणाल जी, मैं आपसे चुदना चाहती हूँ।
मैंने कहा- मुझे कोई परेशानी नहीं है अगर आप तैयार हो तो!

और ऐसे ही बातों में पता नहीं चला कि कब हम मुम्बई पहुँच गए।
मुम्बई पहुँचते ही सबसे पहले हम होटल पहुँचे, वहाँ हमने दो अलग अलग कमरे लिये हमारे कमरे आमने सामने थे।

इशिका अपने कमरे में अपना सामान रख कर तुरंत मेरे कमरे में आ गई, कमरे में आते ही वो मुझसे लिपटने लगी और मुझे मेरे बदन पर चूमने लगी।

वो जीन्स और टी शर्ट पहने हुए थी।
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

फिर मैंने भी उसे कस कर पकड़ लिया और उसके होठों की जबरदस्त चुसाई करने लगा, मैंने उसको दीवार के सहारे खड़ा कर लिया था।
वो भी मेरे होठों को ऐसे चूस रही थी कि जैसे उनसे रस निकल रहा हो!

फिर मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और बेड पर पटक दिया और मैं उसके ऊपर आ गया।
हम दोनों अभी तक एक दूसरे के होठों को ही चूस रहे थे, अब वो कभी मेरी जीभ को पकड़ कर चूसने लगती तो कभी मैं उसकी जीभ को अपने होठों से पकड़ कर बाहर की तरफ खींच कर चूसता!

तब उसने झटके से मुझे अपने नीचे कर लिया, वो मेरे ऊपर आ गई थी, और उसने मेरी पैंट और शर्ट उतार कर फेंक दी और मेरे लण्ड को चड्डी के ऊपर से ही सहलाने लगी।

अब मैंने भी अपने हाथ आगे बढ़ाकर उसकी टी शर्ट उतार दी।
मैं उठ गया और उसको लिटा कर उसकी जीन्स को भी उतार दिया।
वो गुलाबी रंग की पैंटी और ब्रा पहने हुए थी।

जैसे ही मैंने उसकी जीन्स उतारी, मैं उसके गोल गोल चूतड़ देख कर खुश हो गया।

अब वो मेरे सामने ब्रा और पैंटी में थी।
अब मैं उसकी गोरी गोरी टांगों को चूमने लगा और टांगों चूमते चूमते उसकी गांड तक पहुँच गया।

वो उल्टी होकर लेटी थी और मैं उसके चूतड़ों को जोर जोर से चाट और मसल रहा था।
मैंने उसकी ब्रा पैंटी को भी उतार दिया, उसकी चूत एकदम गोरी और चिकनी थी, उसकी चूत को देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया और मैं उसकी चूत को चूसने लगा।

इशिका पहले से चुदी थी, उसकी चूत खुली हुई थी, वो चुदाई में बहुत माहिर थी!

जैसे ही मैं उसकी चूत को चाटता वैसे ही वो मेरे सर को अपनी चूत पर जोर से दबा देती!
मैं उसकी चूत को खूब मज़े से चूस रहा था, कभी उसकी चूत के छेद में जीभ डाल देता तो वो उछल पड़ती!
कभी उसकी चूत में एक उंगली डाल कर अंदर बाहर करता!

वो बहुत बुरी तरह तड़फ रही थी, उसकी आहे बंद ही नहीं हो रही थी, वो ‘आअह्ह आह्ह्ह ओफ़्फ़ हम्म्म… ऐसे ही चूसो… बहुत मज़ा आ रहा है… मेरी चूत का सारा पानी निकाल दो कुणाल आज…’ ऐसे बोल रही थी।

मैं समझ गया कि इससे अपनी आग सहन नहीं हो पा रही है जो इसकी चूत में लग रही है।

उसकी चूत के दाने को जो चूत के बीच में लंबी से खाल लटकी होती है, मैं उसे अपने होठों से पकड़ कर खींचता तो उसके मुँह में से आवाज़ निकलती ‘आआ आहह ओफफ्फ़…’

उसकी चूत में से गाढ़ा सा सफ़ेद पानी निकलना शुरू हो गया।
मैंने कहा- इशिका, अब मेरा लण्ड चूसो!

वो तुरंत उठ कर बैठ गई, पहले तो अपने हाथों से मेरे लण्ड को सहलाने लगी फिर मुँह में लेकर चूसने लगी।
इशिका लण्ड चूसने में माहिर लग रही थी, वो बहुत ही अच्छे से चुसाई कर रही थी…
सच में मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था।

वो मेरे लण्ड को पूरा मुंह में ले लेती फिर पूरा निकाल कर उस पर थूक देती फिर चाटने लगती।

अब इशिका कहने लगी- कुणाल, मेरी चूत की चुदाई कर दो… अब मुझे क्यों परेशान कर रहे हो… मैं मरी जा रही हूँ, चोदो न मुझे!

मैंने भी ज्यादा देर ना करते हुए इशिका को सीधी लेटा लिया और एक ही पल मैं मैंने एक शॉट में लण्ड का सुपाड़ा इशिका की चूत में उतार दिया।

वो उत्तेजना में मेरे होंठ चूसने लगी और उसने अपने पैरों को मेरी कमर पर लपेट लिया।
इशिका ने अपनी बांहें मेरे गले में डाल ली थी।

मैं इशिका की चूचियों को कभी मसलता तो कभी मुँह में लेकर चूसता, कभी दायीं चूची को चूसता तो बायीं चूची को… कभी उसकी घुंडी को दांत से हल्का सा काट लेता जिससे इशिका काम्प जाती!

मैं अब इशिका के पैरो कों अपने कंधों पर रख कर उसकी चूत में लण्ड पेलने लगा, मैं उसे जोर जोर से पेलने लगा।
अब इशिका की चूत से ‘खचाखच.. फचाफच..’ की आवाज आ रही थी और उसके मुँह से ‘ओह्ह्ह.. ऊऊफ़.. आहसीई.. उफ़..’ की आवाजें आने लगीं।
इशिका अपनी चूत उठा-उठा कर मेरे लण्ड को अपनी चूत में ले रही थी।

‘ऊऊफ़आह.. और पेलो.. ऐसे ही.. चोदो.. मुझे.. मैं ऐसे ही लण्ड से चुदने के लिए तड़फ रही हूँ.. आईईईई सीऊऊह सीईईई आह ऊफ़्फ़्फ़.. चोद.. पेल.. मार साले मेरी चूत…’ इशिका अब गली देने लगी थी।

‘कुणाल कस-कस कर अपना लौड़ा मेरी चूत में डालो… आज इसकी सारी गर्मी निकाल दो!’

मैं इशिका की चूत को चोद रहा था और इशिका अपनी चूत को मुझसे चुदवा रही थी।
जैसे ही मैं ऊपर से झटका देता तो वो भी नीचे से अपनी चूत को उठा कर मेरे लण्ड पर मार देती।

अब मैं पूरा ज़ोर लगा कर धक्के पर धक्के लगाता हुआ पूरा लण्ड चूत में जड़ तक डाल रहा था।

मैं इशिका की जबरदस्त चुदाई कर रहा था और इशिका सिसकारी लेते हुए चूत चुदवाती जा रही थी ‘आहसीई.. आउउई.. फाड़ दो.. मेरी चूत.. मेरे चूचों को खा जाओ… जोर से चूसो इन्हें… और और रगड़ कर पेलो… मेरे जानू इसे कहते हैं असली चुदाई… चूत के राजा.. मेरी चूत का कीमा बना दो जानू… आआह्ह्ह.. म्म्म्म म्म्मार.. चूतत.. मेरे जानू. डालल.. पेलल.. आहसीई… ऊईई.. मैं गई.. मेरे राजा लगा धक्का.. कस कस.. कर पेल साले.. मार चूत आआ..! मेरी सा…साली.. चूत.. आह आउइ उउउइ..’ कहते हुए इशिका ने मुझे बहुत तेजी से जकड़ लिया और अपना पानी छोड़ दिया।

वो मुझे कस कर पकड़ कर झड़ रही थी और मैं इशिका की झड़ी हुई चूत पर धक्के पर धक्के लगाते हुए काफी देर तक चोदता रहा।
अब मेरा भी होने वाला था तो मैं भी इशिका की चूत में लण्ड को पूरा जड़ तक घुसा कर झड़ने लगा और इशिका को पूरी तरह अपनी बाँहों में कसकर दबा के.. लण्ड से वीर्य की धार छोड़ कर झड़ने लगा।
हम दोनों एक-दूसरे को बाँहों में लिए काफी देर तक पड़े रहे।

आप लोग अपनी राय मुझे मेल करें तो मुझे अच्छा लगेगा।
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