मेरी मस्त सेक्सी मॉम की पटाखा जवानी

मेरी मस्त सेक्सी मॉम की पटाखा जवानी


कैसे हो दोस्तो? मेरा नाम गुरू है. कहानी के शीर्षक से ही आपने समझ लिया होगा कि मैं यहां पर किसके बारे में बात करने वाला हूं. इसलिए आपका ज्यादा समय न लेते हुए मैं अपनी बात को शुरू कर रहा हूं.

मैं एक हाई क्लास रिच फैमिली से हूं. हाइट 5.9 फीट की है और रंग एकदम गोरा है. उम्र 20 साल है और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा हूं. मुझे पोर्न मूवी देखना बहुत पसंद है. मेरे घर में सब तरह का ऐश है लेकिन मेरी कोई सेक्सी गर्लफ्रेंड नहीं है.

कई बार मैंने लड़कियों को पटाने की कोशिश की लेकिन कोई जवान सेक्सी लड़की अब तक मेरी गर्लफ्रेंड नहीं बन पाई. इसलिए मैं पोर्न देख कर मुठ मार लिया करता हूँ और अपनी जवानी की आग को शांत कर लेता हूं.

दोस्तो, मेरे पिताजी का दुबई में बिजनेस है और इस कारण वो अक्सर घर से बाहर ही रहते हैं. वो भारत में कम ही आ पाते हैं. घर पर मेरी मॉम और मैं ही रहते हैं. उन्हीं के बारे में यह कहानी है.

मॉम की उम्र 39 साल के करीब है लेकिन उन्होंने खुद को इस तरह से मेंटेन करके रखा हुआ है कि वो 27-28 साल की जवान लड़की की तरह दिखती हैं. वो रोज योग करती हैं और अपनी डाइट पर भी पूरा ध्यान देती हैं. यही उनकी फिटनेस का राज है.

मेरी सेक्सी मॉम के बदन के बारे में बात करूं तो उनका फीगर 36-28-38 का है. आपको फिगर से ही पता लग गया होगा कि मेरी मॉम की गांड कितनी मस्त होगी.

उनकी आंखें भूरी हैं और फेस कट बहुत ही क्यूट है. लंबे काले बाल उनकी गांड तक पहुंच जाते हैं. जब चलती है तो उनकी कमर की लचक किसी को भी घायल कर सकती है. हमारी सोसायटी के सारे बुड्ढे, अंकल, धोबी, दूध वाला, सफाई वाला और यहां तक कि मेरे दोस्त भी मेरी मॉम पर लट्टू हैं.

मेरे दोस्त जब भी मेरे घर आते हैं तो वो वो साले मुझसे कम और मेरी सेक्सी मॉम से ज्यादा बातें करते हैं. इतने ठरकी हैं साले कि अगर मैं उनके सामने न रहूं तो वो मेरी मॉम को पकड़ कर चोद ही दें. उनकी नजरों में से मॉम के बदन पर हवस साफ टपकती रहती है.

हमारे पड़ोस के अंकल भी हमारे घर बार-बार किसी न किसी बहाने से आ जाते हैं. वो भी मेरी मॉम से ही बात करते हैं. इसका कारण मुझे अच्छी तरह से पता है. कारण है कि मॉम सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए जाती है.

मेरी मॉम सुबह जब योग करने के लिए अपनी टाइट फिटिंग वाली पैन्ट्स में बाहर निकलती है तो आस-पड़ोस के अंकल मेरी मां की मटकती हुई गांड को देखने के लिए उनके पीछे पीछे चल पड़ते हैं. सब के सब कमीने हैं साले. हवस के भूखे भेड़िये. मगर उन लोगों की भी गलती नहीं है. मेरी मॉम है ही इतनी सेक्सी.

एक बात मेरी मॉम की हमेशा मुझे अच्छी लगती है. वो इतनी मॉडर्न है कि उन्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ता है कि कौन उनके शरीर में क्या देख रहा है, लोग उनके बारे में क्या बात कर रहे हैं. वो अपने में ही मस्त रहती हैं.

मेरी मॉम के बारे में इससे पहले मैंने भी कभी ऐसा नहीं सोचा था लेकिन एक घटना ने मेरे देखने का नजरिया बदल दिया. उस दिन के बाद से वो मुझे मॉम कम और माल ज्यादा लगने लगी.

पिताजी उस वक्त दुबई में थे. उस दिन मैं अपनी कोचिंग क्लास के लिए घर से निकल रहा था. तभी पड़ोस वाले शर्मा अंकल को देखा जो कि हमारे ही घर की तरफ आ रहे थे. अपने घर की तरफ आते हुए मैंने उनको टोक दिया.

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मैं- हैल्लो अंकल, आप यहां कैसे?
शर्मा अंकल- बेटा तुम्हारी मॉम से कुछ काम था मुझे. उनको कुछ सामान देना था.
अंकल ने एक कमीनी स्माइल के साथ कहा.

मैं- क्या देना है अंकल? मुझे भी दिखाओ.
शर्मा अंकल- अरे नहीं बेटा, वो सिर्फ मैं तेरी माँ को ही दे सकता हूँ. तू एक काम कर जब तू कोचिंग से वापस आएगा तब पूछ लेना अपनी माँ से. ठीक है बेटा और पढाई बिल्कुल मन लगा कर करना, अब जाओ, तुम्हें देर हो रही होगी.
इतना बोल कर अंकल चले गये.

मुझे शर्मा अंकल का ये बर्ताव समझ नहीं आया. मेरे मन में सौ तरह के सवाल उठ खड़े हुए कि ऐसी भला कौन सी चीज है जो सिर्फ मॉम ही देख सकती है!

जब मैं अपनी कोचिंग क्लास पहुंचा तो देखा कि हमारे टीचर की तबियत खराब थी और उस दिन वो कोचिंग क्लास देने के लिए नहीं आये थे. मैनेजमेंट से बात की तो उन्होंने बताया कि आज क्लास नहीं होगी. इसलिए मुझे घर वापस लौटना पड़ा.

घर पहुंच कर मैंने पाया कि मेन डोर भी अंदर से लॉक नहीं था. मैं अंदर चला गया. जब घर के अंदर पहुंचा तो देखा कि ड्राइंग रूम में ही मॉम की साड़ी उतरी हुई सोफे पर पड़ी थी.

मैं थोड़ा और आगे चला तो उनका पेटीकोट और फिर ब्लाउज पड़ा हुआ था. मेरे मन में शक गहराता जा रहा था. मैंने देखा कि उनके कमरे के पास ही एक पैंट और शर्ट भी पड़ी हुई थी. कमरे के अंदर से कुछ आवाज भी आ रही थी.

यह सब देख कर मेरे मन में उठी जिज्ञासा की लहर मुझे मॉम के कमरे की तरफ धकेलते हुए ले जा रही थी. मैं दबे पांव उनके कमरे के पास पहुंचा तो मैंने देखा कि दरवाजा हल्का सा खुला हुआ था.
दरवाजे के बिल्कुल पास में पहुंच कर परदे के पीछे से मैंने दरवाजे के अंदर झांक कर देखा. सामने बेड पर मेरी मॉम नंगी लेटी हुई थी. मॉम के बदन पर केवल उनकी ब्रा मुझे दिखाई दे रही थी. शर्मा अंकल उनकी टांगों के बीच में थे और मेरी मां उनको अपनी तरफ खींच रही थी.

मॉम कह रही थी- आह्ह… शर्मा जी, अगर आप नहीं होते तो मेरा न जाने क्या होता. गुरू के डैडी तो हमेशा दुबई में रहते हैं और यहां मेरी जवानी तड़पती रहती है.
शर्मा अंकल- अरे भाभी जी, आप क्यों चिंता करती हैं. मैं तो पैदा ही अपनी भाभी की सेवा करने के लिए हुआ हूं. आह्ह… आपकी सेवा करना तो मेरा पहला काम है।

अब मॉम शर्मा अंकल को किस करने लगी. उन्होंने दो मिनट तक उनको किस किया. शर्मा अंकल भी मेरी मॉम के मुंह में जीभ डाल कर उनकी जीभ से खेलने लगे. उनका सारा थूक मेरी मॉम के मुंह में जा रहा था.

शर्मा अंकल- गुरु की मॉम, तैयार हो जाइये, आपको रॉकेट की सवारी कराने वाला हूँ.
उन्होंने अपने लण्ड पर थूक मलते हुए कहा.
मॉम- शर्मा जी, प्लीज आराम से करना. पिछली बार आप कुछ ज्यादा ही उत्तेजित हो गए थे.
डरते हुए मॉम बोली.
शर्मा अंकल- अरे! भाभीजी उस दिन आप लग भी तो रही थी मेरी फ़ेवरेट पोर्नस्टार मिया खलीफा के जैसी. आपको देख कर फिर मुझसे रुका कहां जाता. आपकी जबरदस्त चुदाई तो होनी ही थी.

अंकल ने अपना काला सा लंड अपने हाथ में लिया और मेरी मॉम की प्यारी सी चूत में डाल दिया. मॉम एकदम से पीछे हो गई तो अंकल ने उनको अपनी तरफ खींच लिया और मेरी मॉम की चूत को चोदने लगे.

ये सब देख कर मुझे गुस्सा आ रहा था मगर पता नहीं क्यों मेरा लंड मेरी पैंट में अपने आप ही तन गया था. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं?

फिर मैंने अपनी जेब से फोन निकाला और मॉम की पोर्न वीडियो बनाने लगा. मैं परदे के पीछे खड़ा हुआ था. शर्मा अंकल पूरी ताकत के साथ मॉम को चोद रहे थे. उन्होंने मां के हाथों को पकड़ रखा था और वो अपनी गांड को हिला-हिला कर मॉम की चूत को चोदने में लगे हुए थे.

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अंकल के लंड से चुदते हुए मॉम ज्यादा कुछ कर नहीं सकती थी. वो बस केवल आहें भर रही थी. उनकी बड़ी-बड़ी चूची ऊपर नीचे हो रही थी. उनकी चूचियों को देख कर ऐसा लग रहा था कि वो ब्रा को फाड़ कर बाहर ही आने वाली हैं.

रूम में चुदाई की आवाजें थप-थप पट-पट करके गूंज रही थीं.
मेरी मॉम चूत चुदवाते हुए उम्म्ह… अहह… हय… याह… इश्शस … करके बार-बार सिसकारियां ले रही थी. इससे अंकल का जोश और ज्यादा बढ़ रहा था.

मॉम और अंकल की चुदाई लीला देख कर मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं अपने लंड को हिलाऊं या फिर पोर्न वीडियो शूट करूं. मुझसे कंट्रोल करना बहुत मुश्किल हो रहा था.

शर्मा अंकल- ऊऊम्म्म … भाभी जी … दूसरे राउंड के लिये रेडी हो जाइये।
अब शर्मा अंकल ने मॉम को कमर से पकड़ कर उठाया और किस करने लगे, अपनी पूरी ताकत से मॉम की जीभ को अपने मुंह में खींचने लगे. ऐसा लग रहा था जैसे वो मॉम की जुबान ही निगल लेंगे.

सारा थूक मॉम के मुंह से गिरता हुआ उनकी मस्त मुलायम चूचियों पर गिर रहा था। यह चीज शर्मा अंकल भी देख रहे थे और फिर वो मॉम की गर्दन को अपनी जीभ से चाटते हुए मॉम की चूचियों पर पहुँच गए.

मां के बूब्स को मुंह में लेकर अब शर्मा अंकल उनका दूध पीने लगे। वो कभी बाईं चूची को मुंह में लेते तो कभी दाईं चूची को मुंह में ले रहे थे। मॉम का पूरा जिस्म उनकी लार से गीला हो चुका था। अब उन्होंने मॉम को बेड पर पटका और घोड़ी बना दिया.

अंकल ने अब मॉम की कमर को पकड़ कर अपनी तरफ जोर से खींचा. इससे मॉम की गांड और ऊंची हो गयी. अब मुझे अंकल से जलन होने लगी थी. मैं सोचने लगा था कि यदि इस मादरचोद अंकल की जगह मैं अपनी मॉम की चुदाई कर रहा होता तो बहुत प्यार से उनकी चूत की चुदाई करता.

ये सब ख्याल अब मेरे मन में मॉम के लिए हवस पैदा कर रहे थे. मेरा लंड बहुत ज्यादा कड़क होता जा रहा था.
शर्मा अंकल मेरी मॉम की गांड पर थप्पड़ मारते हुए- चल मेरी घोड़ी!!
मॉम- ऊउफ्फ्फ… शर्मा जी। आज देखिये आपकी ये घोड़ी आपको कितनी दूर तक सवारी करवाती है … आह्ह।
शर्मा अंकल- ठीक है भाभी जी, चलिये शुरू करते हैं।

अंकल ने मॉम की गांड के छेद में थूका और अपने लण्ड से थूक उनकी गांड पर मलने लगे.
एकाएक उन्होंने मॉम पर थप्पड़ की बौछार कर दी. थपा-थप-थप-थपा-थप. मॉम की गोरी गांड लाल हो गयी. मॉम केवल आहें भर रही थी.

ये सब देख कर मुझे ऐसा लगने लगा कि मैं इस भोसड़ी वाले शर्मा अंकल को यहां मारकर भगा दूं और अपना लंड घुसा कर उसकी जबरदस्त चुदाई कर दूं. मैं ये सब सोच ही रहा था कि तभी अंकल ने मॉम की गांड में अपना काला लंड घुसा दिया.

गांड में लंड घुसते ही मॉम चीखी और वो अंकल के लंड को निकालने के लिए अपने हाथ से उनको पीछे धकेलने की कोशिश करने लगी. मगर अंकल ने मॉम के हाथ पकड़ लिये. वो मॉम की गांड को जबरदस्त तरीके से चोदने लगे.
मॉम चीख रही थी लेकिन अंकल नहीं रुक रहे थे.

मैं भी हैरान था कि इस बूढे खूसट में इतना स्टेमिना कहां से आ रहा है. मगर मेरी मॉम की जवानी थी ही ऐसी कातिल कि किसी भी बूढ़े का लंड जवान हो जाता था.

अंकल मेरी मां की गांड की चुदाई इतने जोर से कर रहे थे कि उनके टट्टे मेरी मां के चूतड़ों पर आकर टकरा रहे थे और चट-चट-चट की आवाज हो रही थी.
अब शायद मॉम को भी मजा आ रहा था क्योंकि मॉम के मुंह से अब दर्द की बजाय आनंद की आवाजें निकलती हुई सुनाई दे रही थीं- ऊऊफफ्फ … शर्मा जी. आप क्या मेरी जान ले कर ही मानोगे!
शर्मा अंकल- अरे भाभीजी आह्ह … क्या करूँ … जब भी आपकी मस्त गांड देखता हूं तो बस पागल सा हो जाता हूँ।

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शर्मा अंकल ने मॉम को कमर से पकड़ा और जोरदार चुदाई करने लगे. मॉम के घुटने हवा में थे और फिर चुदाई करते-करते अंकल बहुत तेज हो गए और अचानक से बहुत तेज आवाज़ उनके मुंह से निकली- आह्ह… आह्ह…
मॉम- आह्ह्ह… अह्हह… ऊऊम्म्म… शर्मा जी आपने तो मुझे गीला ही कर दिया।
दोनों हांफने लगे थे.

अंकल ने मॉम को छोड़ दिया और बाजू में लेट गये. मॉम अभी भी घोड़ी ही बनी हुई थी. मॉम की गांड से कुछ सफेद-सफेद सा निकलता हुआ दिख रहा था मुझे.

मॉम और अंकल की चुदाई देख कर मेरे लंड का बहुत बुरा हाल हो गया था. मैंने अपने लंड को निकाला और वहीं पर मुठ मारने लगा. दो मिनट में ही मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी निकल कर वहीं दीवार पर जा लगी. मैंने अपने लंड का मुंह दबा कर उसको पैंट में घुसा लिया.

मैंने देखा कि मॉम अंकल के हाथ पर सिर रख कर जैसे सो गयी थी. अंकल अपने हाथ से मॉम की चूचियों को दबा दबा कर प्यार कर रहे थे.
मॉम बोली- शर्मा जी, आज तो आपने मेरी जवानी की प्यास बुझा दी पर मेरी गांड में आग ही लगा दी.
शर्मा जी- जानेमन, ये तो कुछ भी नहीं है. आप मुझे मौका तो दो. ऐसी चुदाई करूंगा कि आपसे चला भी नहीं जायेगा.
मॉम- धत्त … आप भी न. ऐसे ही भूखे शेर की तरह टूट पड़ते हैं अपनी भाभी पर.

उसके बाद मॉम उठ गई और बाथरूम की तरफ जाने लगी. मैं अब तुरंत वहां से चुपके से निकल लिया. धीरे से दरवाजे को खोलकर, बिना आवाज किये, दबे पांव मैं घर से बाहर निकल गया.

अब मैं सीढ़ियों पर बैठकर ही अंकल के बाहर आने का इंतजार कर रहा था.

कुछ देर के बाद शर्मा अंकल घर से बाहर निकले. मैंने देखा कि वो अपने कपड़े ठीक करते हुए अपने रास्ते की तरफ बढ़ रहे थे. मगर जाते-जाते उनकी नजर मुझ पर पड़ गई.
शर्मा अंकल- अरे बेटा, इतनी जल्दी घर आ गए? आज क्लास नहीं हुई क्या?
मैं- क्लास तो हुई थी अंकल. आज तो इतनी मस्त क्लास हुई थी कि मैंने आज तक ऐसी क्लास नहीं देखी थी. मगर जब क्लास में मजा आने लगा तभी क्लास खत्म हो गयी.
मेरा इशारा अंकल और मॉम की चुदाई की तरफ था.

अंकल- ठीक है बेटा, ऐसे ही मन लगा कर पढ़ाई किया करो. ऐसा कह कर अंकल अपने घर की तरफ चले गये.
उनके जाने के बाद मैं भी घर में अंदर चला गया.

दोस्तो, उस दिन के बाद से मेरी सेक्सी मॉम की तरफ देखने का मेरा नजरिया बदल गया था.

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