सेक्सी पड़ोसन चाची की चूत चुदाई

सेक्सी पड़ोसन चाची की चूत चुदाई


दोस्तो, मेरा नाम सुशांत है. मेरी उम्र 20 वर्ष है. मेरा लंड 7 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा है, जो किसी भी चुत को संतुष्ट करने के लिए काफी है. मैं दिखने में ठीक-ठाक हूँ. मेरी लम्बाई 5 फुट 8 इंच है, शादीशुदा भाभियां मेरी तरफ बड़ी जल्दी आकर्षित हो जाती हैं. लड़कियां भी काफी लाइन मारती हैं. इसी कारण मुझे कभी भी चुत चोदने में चुत की कमी नहीं पड़ी.

मेरी पिछली कहानी थी: माँ के मोटे चूचे और मेरी हवस

यह कहानी मेरे पड़ोस में रहने वाली रश्मि आंटी की चुदाई की है. उनको मैं चाची कहता था. चाची मस्त माल हैं. उनकी उम्र 39 साल है. लेकिन वो इतनी उम्र की लगती नहीं है. चाची का साइज 34-30-36 का है. उनका बदन अभी भी किसी जवान लड़की जैसा सुडौल है.

मुझे चाची की उठी हुई गांड सबसे अच्छी लगती थी. मेरी चाची को चोदने की इच्छा बहुत पुरानी थी.

यह बात इसी साल मार्च की है. मार्च में परीक्षाएं होनी थीं. उन्हीं दिनों मेरी माँ और पापा को किसी रिश्तेदार के यहां एक हफ्ता के लिए जाना था … तो मम्मी चाची से मेरे खाने के लिए कह कर गयी थीं.

शाम को ही मम्मी पापा के घर से जाने के बाद मैंने गेट बंद कर लिया. शाम का खाना मम्मी बना कर गयी थीं, तो चाची आज नहीं आने वाली थीं. इसलिए मैंने सब खिड़की गेट बंद करके पहले एक पोर्न मूवी देख कर अच्छे से मुठ मारी और साथ में चाची को चोदने की सोचने लगा.

इसके बाद मैंने खाना खाया और पढ़ने बैठ गया. अगले दिन मेरा पेपर नहीं था. सुबह जब मैं उठा तो अखबार लेने के लिए बाहर निकला, पर अन्दर आते वक़्त मैं दरवाजा बंद करना भूल गया. मैंने जैसे ही न्यूज़पेपर पढ़ना शुरू किया. उसमें एक पेज पर आलिया भट्ट की सेक्सी फाटो आयी थी. उसे देख कर मुझे अपनी सेक्सी चाची याद आ गईं. मैंने अपनी पैंट नीचे करके अपना खड़ा हुआ लंड बाहर निकाल लिया और आलिया और चाची दोनों की याद में मुठ मारने लगा.

मैं चाची का भी नाम ले रहा था- आंह रश्मि जान … चूस मेरा लौड़ा … साली क्या मस्त लगती हो. किसी दिन मेरे लंड के नीचे आ कर देखो, तुम्हें मस्त कर दूँगा.

आंखें मूंदे मैं इसी तरह की बकबक करते हुए मुठ मार रहा था कि तभी चाची मेरे रूम के दरवाजे पर आ गईं और खड़ी हो कर ये सब देखने लगीं.

जब मेरा माल बाहर निकला, तब चाची ने मुझे आवाज़ लगाई- ऐसा करने से पहले दरवाजा तो बंद कर लिया करो.

चाची की आवाज सुनकर मेरी गांड फट गई. मैंने आंखें खोलीं, तो सामने चाची थीं.

उन्हें देख कर मेरी सिट्टी-पिट्टी गम हो गई. मेरी गांड तो फट ही रही थी, पर मैं सोचने लगा कि चाची इतनी देर से मेरे लंड को देख रही हैं, तो इसका कुछ न कुछ मतलब तो जरूर होगा. मैं इससे पहले भी चुत चोद चुका था … तो मैंने मन में सोचा कि मेरी यह गलती आज मुझे एक और चुत दिलवा सकती है.

मैं चुप हो गया. खुला हुआ लंड अब भी मेरे हाथ में था और वीर्य से सना हुआ था.

चाची ने फिर से कहा- मैं घर जा रही हूँ और जाते समय दरवाजा बंद कर दूंगी … तुम बाथरूम जाओ और तैयार हो जाओ. फिर मेरे घर आकर नाश्ता कर लेना, तुम्हें एग्जाम देने जाना है.
मैंने कहा- आज एग्जाम नहीं है.

फिर मैं उठा और जल्दी से तैयार होकर उनके घर नाश्ता करने चल दिया.

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मैं चुपचाप अपनी गर्दन नीचे झुकाए उनके घर जा रहा था. जब मैं चाची के घर गया, तो वहां पर मेरे और चाची के अलावा कोई और नहीं था. मैं वहां पर कुर्सी पर बैठ गया.

मुझे ऐसा देख कर चाची बोलीं- इस उम्र में ऐसा होता है … तुम परेशान मत हो.
मैं- आंटी, प्लीज आप किसी को कुछ भी बताना मत.
आंटी- चल ठीक है … नहीं बताऊंगी, पर यह बता … तू मेरा नाम क्यों ले रहा था?

मैं चुप रहा.

चाची फिर बोलीं कि अरे शर्मा मत … और मुझे अपना दोस्त समझ कर बात कर.

मैं समझ चुका था कि चाची को मुझसे चुदना है … लेकिन अभी ये साफ़ नहीं था. मैं कभी भी ऐसे मामलों में जल्दी नहीं करता. मैं जानता हूँ कि लोहा जितना गर्म होगा चोट उतनी आसानी से लगेगी.

मैंने कहा- वो चाची आप मुझे अच्छी लगती हो!
आंटी- ऐसा क्या है मुझमें … जो तुझे अपनी उम्र की लड़की में नहीं दिखता?
मैं- अनुभव!
ये कह कर मैंने स्माइल पास कर दी.

मेरी मुस्कान देख कर चाची भी हंसने लगीं और बोलीं- चल अब नाश्ता कर ले.
मैं नाश्ता करने बैठ गया.

इतने में चाची नहाने बाथरूम में चली गईं. जितनी देर में मैंने नाश्ता खत्म किया, उतने में चाची नहा कर बाहर आ गईं.

आटी उस टाइम ब्लाउज और पेटीकोट में थीं … और वो किसी रंडी की तरह लग रही थीं. क्योंकि वो गहरे गले वाले लाल ब्लाउज और नाभि से नीचे बंधे पेटीकोट में थीं. उनकी सेक्सी फिगर को देख कर मेरा लंड बाहर आने को तैयार हो उठा था.

चाची ने बाहर आकर मेरे सामने ही अपनी साड़ी बांधनी शुरू की. चाची को साड़ी बांधते हुए मैं काम वासना से ऐसे घूर रहा था … जैसे कोई भूखा शेर अपना शिकार देख रहा हो. चाची मुझे इस तरह देख कर मन ही मन मुस्करा रही थीं.

साड़ी बांधने के बाद चाची बोलीं- तूने कभी कोई औरत को साड़ी बांधते हुए नहीं देखा क्या?
मैं बोला- आंटी, मैं यह देख रहा था कि साड़ी बांधते कैसे हैं.
चाची बोलीं कि क्यों … क्या तुझे भी साड़ी बांधनी है?
मैं हंसने लगा और बोला- नहीं किसी और की बांधनी है.
चाची बोलीं- किसकी?
मैंने कहा- जिसकी खोलूंगा, उसकी!

चाची हंस दीं और इसके बाद मैं घर आ गया. अब मुझे पता चल चुका था कि चाची मेरे से खुद चुदना चाह रही हैं.

मैं यह चाहता था कि चाची खुद पहल करें … तो मैं घर आकर पढ़ने लगा. मुझे ये तो मालूम था कि चाची मेरे पास आ सकती हैं, मगर ये नहीं मालूम था कि वो कब अपनी चुत लेकर मेरे पास आ जाएं.

दोपहर को चाची मुझे बुलाने आईं. मैं उनके घर गया और चुपचाप खाना खाकर आ गया … क्योंकि तब उनके बच्चे भी थे. उनके बच्चे बड़े थे.

एक घंटे बाद चाची खुद मेरे घर आईं. मैं समझ गया था चाची यहां चुदने आयी हैं. मैं हमेशा अपने पास कंडोम रखता हूं, पता नहीं कब चुत चुदाई के लिए मिल जाए.

चाची मेरे पास आकर बोलीं- क्या कर रहे हो बेटा?
मैं- कुछ नहीं चाची … बस पढ़ रहा था.
मैं चाची को घूरने लगा. उनके चुचे मुझे अपनी तरफ़ खींच रहे थे.

आंटी- तू मुझे इतना क्यों घूर रहा है?
मैं- ऑटी मैं आपकी साड़ी देख रहा हूँ कि आपने यह कैसे बांधी है.
आंटी- चल मैं तुझे साड़ी बांधना सिखा देती हूँ.

इतना कह कर चाची ने अपनी साड़ी उतार दी और फिर से ब्लाउज और पेटीकोट में आ गयी. उन्होंने एक चुदासी रंडी की तरह उंगली के इशारे से मुझे बुलाया और साड़ी बांधना सिखाने के लिए कहने लगीं.

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वो फिर से साड़ी बांधने लगीं. इस बार मैं चाची के साथ साड़ी बांधने में मदद कर रहा था. इसी दौरान चाची के पूरे बदन को मैंने अच्छे से परख लिया. मेरा लंड इस सबमें पूरे उफान पर आ गया था. फिर भी मैंने अपने आप पर संयम रखा.

अपनी साड़ी बांधने के बाद चाची बोलीं- ले अब तू खुद बांध कर देख.

इस पर पहले तो मैंने मना किया, लेकिन चाची ने अब मुझे सुबह वाली बात पर धमकी देकर मुझे हां करवा ली.

फिर चाची अपने घर से अपनी दूसरी साड़ी लेकर आईं.

चाची ने आते ही मुझे अपनी साड़ी पकड़ा दी और कहा कि चल जल्दी से पहन कर दिखा.

मैंने चाची के सामने ही अपने कपड़े निकाल दिए. मैं सिर्फ अंडरवियर में था. इसमें कोई भी मेरा खड़ा हुआ लौड़ा देख सकता था.

चाची ने अपना पेटीकोट दिया. उसे मैंने जल्दी से पहन कर बांध लिया. पेटीकोट के ऊपर से भी मेरे खड़े लंड की पहाड़ी दिख रही थी. उसके बाद चाची ने अपनी ब्रा निकाल ली. पहले तो मैंने मना किया, पर चुत की खातिर ये भी कर लिया. चाची ने मुझे ब्लाउज और ब्रा पहना कर हुक खुद ही लगाए. फिर चाची ने मेरे हाथ में साड़ी दे दी और मैं उसे बांधने लगा.

मुझसे प्लीट नहीं बन रही थी … तो चाची ने आकर मेरी प्लीट्स बांधने में हेल्प की और साथ में मेरा लंड को भी दबा दिया.

मेरे पूरी साड़ी पहनने के बाद चाची फिर से मेरा लंड दबाने में लग गईं. मैंने तुरन्त चाची के होंठों पर किस करना शुरू कर दिया और साथ में मम्मों को भी दबाने लगा. माहौल गरमा गया. चाची मुझे चूमने लगीं.

हम दोनों वासना के वशीभूत होकर सब कुछ भूल चुके थे. मुझे अपने सामने चाची नहीं एक चुतवाली माल दिख रही थी और चाची को मैं सिर्फ एक खड़े लंड वाला मर्द दिख रहा था.

Sexy Chachi Ki Chut Chudai
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जल्दी ही हम दोनों ने एक दूसरे को नंगा कर दिया और एक दूसरे को चूसने चूमने में लग गए. लगभग 5 मिनट की चुसाई के बाद मैं चाची का दूध पीने के लिए आगे आया और उनके मम्मों पर टूट पड़ा. एक को मुँह से चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा.

चाची लगातार ‘आह आह..’ की आवाज़ निकाल रही थीं. वो चुदासी सी बोल रही थीं- आंह और चूस … तुझसे सुबह से चुदने को फिर रही हूँ … और तू चोद ही नहीं रहा था.
मैंने बोला- मैं सिर्फ देख रहा था तुम्हारे अन्दर कितनी आग है मेरी जान.

मम्मों को चूसने दौरान चाची मेरा लंड दबा रही थी. मैंने इसके बाद चाची के मुँह में अपना लंड दे दिया. चाची भी एक रंडी की तरह मेरा लंड चूसने लगीं.

मैं लंड चुसवाते हुए चाची को गाली दे रहा था- आह रंडी … अब दिखा साली अपनी आग … सुबह से चुदवाने फिर रही थी, तो चुद ले … आह आज तेरी चुत का भोसड़ा बना कर ही रहूंगा.

चाची ने 5 मिनट तक मेरा लंड चूसा और मेरा पानी निकाल दिया. मैंने लंड का पानी उनके मुँह में ही गिरा दिया, वो भी किसी भूखी रंडी की तरह सारा वीर्य गटक गईं.

इसके बाद मैंने चाची को बेड पर लिटा दिया और चाची की चूत में उंगली करने लगा. चाची लगातार बोल रही थीं कि अब चोद दे मुझे … मत तड़फा.

पर मैं चाची की चूत को और गरम करने में लगा रहा. चाची की चूत लगातार पानी छोड़ने लगी थी. पर मैं चाची का मलाई जैसा शरीर चाट रहा था.

कोई 5 मिनट चाटने के बाद मैंने अपने बैग में से कंडोम निकल कर चाची को पकड़ा दिया. चाची ने उसे मेरे लंड पर चढ़ा दिया.
मैंने चाची को कहा- तैयार हो जाओ, अब मैं तेरी चुत का भोसड़ा बनाता हूँ.

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मैं चाची की साफ चुत पर अपना लंड रख कर रगड़ने लगा. चाची लगातार बोल रही थीं कि डाल दे अन्दर जल्दी. पर मैं मजे ले रहा था.

थोड़ी देर बाद मैंने अचानक से एक जोर से धक्का मारा, जिससे चाची की चीख निकल गयी. क्योंकि मैंने एक ही बार में पूरा लंड अन्दर कर दिया था. मैं चाची को बिना कोई मौका दिए, तेजी के साथ धक्के लगाने लगा. चाची की चुदाई जारी थी. चाची और मैं एक दूसरे को गाली दे रहे थे.

पांच मिनट ऐसे ही चोदने के बाद मैंने चाची को अपनी गोद में बिठा लिया और चाची को अपने लंड पर कुदाने लगा.

इस समय मैं और चाची चुदाई का मस्त आनन्द ले रहे थे. पांच मिनट बाद मैंने चाची को कुतिया बना कर चोदा.

लम्बी चुदाई और चाची की गरम चुत ने मुझे ठंडा करने पर विवश कर दिया. मैं झड़ गया और चाची के ऊपर ही गिर गया. कुछ देर तक चाची के ऊपर ही पड़ा रहा.

इसके थोड़ी देर बाद मैंने अपना लंड फिर चाची के मुँह में दे दिया. चाची ने फिर से मेरा लंड चूस कर लंड तैयार कर दिया था. इस बार ठुकने की बारी चाची की गांड की थी. मैंने चाची से दूसरा कंडोम लगवाया और फिर से चाची को कुतिया बनाया.

जैसे ही चाची की गांड पर लंड रखा, तो चाची डरने लगीं, वो बोलीं- मैंने कभी गांड नहीं मरवाई है … आराम से करना.

मैं खुश था कि मुझे सील पैक गांड मिल रही है. मैंने चाची की गांड पर लंड टिका कर एक धक्का मारा, तो चाची की चीख निकल गई. मेरा दो इंच लंड चाची की गांड में घुस चुका था. चाची की गांड बिल्कुल टाइट थी. मेरे दूसरे तेज़ धक्के की वजह से मेरा पूरा लंड चाची की चूत में घुस गया था. चाची की आँखों में आंसू निकल आए थे. लेकिन मैंने अपने धक्के चालू रखे.

कोई 20 मिनट तक चाची की गांड चोदने के बाद भी जब मेरा लंड ठंडा नहीं हुआ, तो मैंने लंड को बाहर निकाला और चाची को दीवार से सहारे खड़ा करके उनकी चुत चोदने लगा. कुछ मिनट ऐसे ही चोदने के बाद चाची और मैंने एक साथ पानी छोड़ दिया.

इसके बाद हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर लेट गए. चाची ने फिर अपने कपड़ों को पहना और अपनी दूसरी साड़ी को रख लिया.

मैंने चाची को किस करना शुरू कर दिया. इसके बाद मेरी गोद में चाची बैठ गईं और हम दोनों बात करने लगे.

आंटी- आज तुमने मेरी चुत फाड़ दी.
मैं- अब तो रोज़ फाड़ा करूंगा मेरी जान.
आंटी- अब से यह तुम्हारी ही है, जो करना है करो.
मैं- ठीक है मेरी रंडी.

आंटी- तूने मुझे आज खुश किया है, इसलिए तुझे और दूसरी चुत भी चोदने को मिलेगी.
मैंने कहा- वो कैसे?
चाची बोलीं- मैं दिलाऊंगी न.
मैं हंस दिया.

कुछ देर बाद चाची अपने घर चली गईं.

आगे चाची ने किसे और कैसे चुदवाया, वो सब मैं अगली सेक्स कहानी में लिखूँगा. अगर मुझे आपके अच्छे कमेंट्स मिले, तो मेरा आपका साथ लम्बा चलेगा.

आपको मेरी यह चुदाई कैसी लगी मुझे जरूर बताएं. चाची और भाभी जरूर कमेंट्स करें.
मेल आईडी है [email protected]

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