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एक दूसरे में समाये-3

एक दूसरे में समाये-3

कहानी का पहला भाग: एक दूसरे में समाये-1
कहानी का दूसरा भाग: एक दूसरे में समाये-2

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उसकी योनि को मुँह में भरते ही इशानी के मुँह से चीख निकल गई और उसने मेरे सर के ऊपर अपने दोनों हाथों को रखा और अपनी योनि पर दबाने लगी..

मैं उसकी योनि को चूसे जा रहा था कि अचानक उसने अपनी कमर को ऊपर उठा लिया और जोर जोर से आहें भरते हुए मेरे सर को अपनी योनि पर दबा दिया..

मैंने अपने मुँह में लिसलिसे से द्रव का प्रवाह महसूस किया और अनायास ही उसको पीता चला गया..
अब इशानी थोड़ी शांत हो गई थी।

मैंने चाट चाट कर उसका सारा योनि रस आत्मसात कर लिया था.. मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरा लिंग उत्तेजना से फट जाएगा… मैंने स्वयं ही अपना आखिरी बचा वस्त्र भी उतार दिया और इशानी के बगल में लेट कर उसके शरीर पर अपने हाथो को कलात्मक तरीके से घुमाने लगा.. वो रह रह कर सिहर जा रही थी। उसने भी प्रत्युत्तर में अपने हाथों से मेरे शरीर को सहलाना शुरू किया और जैसे ही उसके हाथों ने मेरे लिंग को छुआ मुझे एक करंट सा लगा..

अचानक उसने अपना हाथ हटा लिया..

मैंने उसकी आँखों में आँखें डाल कर देखा और उसका हाथ अपने लिंग पर रख दिया..

यूँ तो मैंने कई बार हस्तमैथुन किया था लेकिन उसके हाथों का स्पर्श पाते ही मुझे लगा कि कहीं मेरा वीर्यपात न हो जाए.. उसके हाथों का मेरे लिंग पे चलना मुझे उत्तेजना के नए आयाम दे रहा था और मैं आँखें बंद करके उसे चूमने लगा..

उसने मेरा लिंग जोर से सहलाना शुरू किया.. मैंने उस से अपने लिंग को चूमने के लिए कहा.. उसने मेरी आँखों में देखा.. मुझे उसकी आँखों में कृतज्ञता दिख रही थी.. वो बिना कुछ बोले ही मेरे ऊपर लेट गई और मुझे चूमते हुए नीचे की तरफ बढ़ने लगी.. उसने मेरा लिंग अपने हाथों में लिया और अपने होंठ उस पर रख दिए..

उसके होंठो की गुदगुदी और उसके साँसों की गर्मी से मैं अपने आप को रोक न पाया और उसके मुँह में ही अपना सर्वस्व लुटा दिया.. इशानी ने बिना किसी संकोच के मेरा सार वीर्य पी लिया..

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अब मैंने उसको लिटा लिया और उसके ऊपर आ कर उसे चूमने लगा.. थोड़ी ही देर में मेरे लिंग में फिर से उत्तेजना आ चुकी थी.. मेरे लिंग का अपनी योनि के ऊपर होने का एहसास इशानी को मदमस्त कर रहा था और उसकी आँखें उत्तेजना से बोझिल हुए जा रही थी…

हम दोनों एक दूसरे को बेतहाश चूमे जा रहे थे… उसके स्तन मेरे सीने से दबे हुए कराह रहे थे.. इशानी की मनमोहक आहें मुझे पागल बना रही थी.. उसके शरीर पर कोई ऐसा स्थान नहीं था जहा मैंने अपने प्यार की मुहर ना लगाई हो.. हम दोनों के शरीर एक दूसरे में उलझे पड़े हुए थे.. हमें समझ नहीं आ रहा था कि हमारी इस उत्तेजना की परिणति क्या होनी है.. हम दोनों ही एक दूसरे के शरीर में समा जाना चाह रहे थे..

अचानक इशानी ने मुझसे कहा- अर्पित, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है… पता नहीं मुझे क्या हुआ है, कुछ करो, नहीं तो मैं मर जाऊँगी… मैंने उससे कहा- जान, मेरी भी यही हालत है लेकिन मुझे कुछ समझ नही आ रहा है कि क्या करूँ…!

उसने कहा- तुम अपना लिंग मेरे अंदर डाल दो.. मैं तुम्हें अपने अंदर महसूस करना चाहती हूँ…

यह सुन कर मेरे लिंग में एक अजीब सी कठोरता आ गई… और मैं अपने लिंग को उसकी योनि पर रगड़ने लगा..

ऐसा करते ही इशानी मचलने लगी और उसने अपनी टांगें चौड़ी कर के मेरे लिए जगह बना दी.. मैं अपना लिंग उसकी योनि पर रगड़ रहा था और इशानी अपनी आँखें बंद किए हुए उन मादक क्षणों का पूरा आनन्द ले रही थी… उसकी योनि योनिरस से गीली हो चुकी थी और मेरे लिंग पर भी मुझे चिकनाई महसूस हो रही थी…मैंने अपनी आँखें बंद करके लिंग का दबाव योनि पर बनाया और धीरे धीरे लिंग को योनि में डालने की कोशिश करने लगा..

उत्तेजना में हम दोनों की ही आँखें बंद हो गई थी… लिंग का योनि में प्रवेश नहीं हो रहा था तो मैंने एक हल्का सा झटका दिया, इशानी की आह निकल गई और लिंग छिटक कर ऊपर आ गया..

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मैंने इशानी से कहा कि लिंग प्रवेश नहीं हो रहा है, मेरी मदद करो..
इशानी ने कहा- अर्पित, मैं पहली बार कर रही हूँ। तुम प्लीज़ आराम से करना.. सुना है बहुत दर्द होता है..
मैंने कहा- जान, तुम बिल्कुल चिंता मत करो.. मेरा भी यह पहली ही बार है और मैं पूरी कोशिश करूँगा कि तुम्हें तकलीफ़ ना हो.. इशानी ने मुझे चूम लिया और अपने हाथों में मेरे लिंग को ले कर योनि पर रगड़ने लगी..
फ़िर थोड़ी ही देर में कहा- हाँ, अब धीरे धीरे अंदर करो..

मैंने उससे कहा कि लिंग से अपना हाथ हटा ले, तो उसने कहा- फिर से फिसल गया तो? थोड़ा सा अंदर जाने दो, फिर मैं अपना हाथ हटा लूँगी…

मैंने अपनी आँखें बंद करके हल्का सा धक्का दिया तो इशानी की एक दबी सी चीख निकल गई…

मैंने एक और धक्का दिया तो इशानी दर्द से दोहरी हो गई.. अपना हाथ उसने हटा लिया और मुझे कस कर जकड़ लिया..

उसकी योनि किसी आग की भट्टी की तरह तप रही थी.. मुझे इस बात का एहसास हो गया था कि मेरा लिंग उसके योनि मुख में प्रवेश कर गया है..
मैंने इशानी के होंठों को अपने होंठों में लिया और एक और धक्का लगाया..
इशानी की चीख निकल गई, उसने कहा- अर्पित, बहुत दर्द हो रहा है..

मैंने कहा- थोड़ी देर में यह दर्द ख़त्म हो जाएगा और हमें आनन्द की एक नई दुनिया में ले जाएगा..

मैं उसे फिर से चूमने लगा और एक और धक्के में अपना पूरा लिंग उसकी योनि में प्रवेश करा दिया..
इशानी का चेहरा दर्द से लाल हो उठा..

मैंने थोड़ी देर ऐसे ही लिंग उसकी योनि में डाले रखा और उसको चूमने लगा और उसके स्तन को सहलाने लगा..

थोड़ी ही देर मे मेरे लिंग ने इशानी की योनि में अपनी जगह बना ली.. इशानी भी अब अपने पैरों को चौड़ा करके अपनी कमर को उछाल देने लगी थी… मैं धीरे धीरे योनि में धक्का लगाने लगा.. हर धक्के के साथ इशानी की आह निकल जाती थी और वो मुझे कस कर भींच लेती थी… कुछ ही पल में इशानी भी नीचे से मेरे धक्कों का जवाब देने लगी..उसके मुँह से ‘जान आई लव यू सो मच… बहुत मजा आ रहा है जानू… तुम पहले क्यों नहीं मिले जान… आह… ओह्ह्ह… आअह… और ज़ोर से करो’ की आवाज़ें आने लगी..

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उसकी कमर और मेरे धक्कों के बीच एक तालमेल बन गया था.. वो भी मेरे धक्कों की लय में अपनी कमर हिलाने लगी थी… मैं अब अपने धक्कों की गति बढ़ा रहा था और उसकी भी गति मेरे धक्कों के साथ बढ़ रही थी…

अचानक इशानी ने मुझे कस कर जकड़ लिया और कहा- जान मुझे कुछ हो रहा है.. मैं मर जाऊँगी अर्पित.. हाय यह क्या होने लगा … उफ्फ्फ.. आअह्ह्ह… और जोर से.. मुझे कस कर पकड़ लो अर्पित… कुछ हो रहा है.. और तेज करो… आअह्ह्ह हाआह.. मैं गई जान मैं गई… आअहह… कुछ निकल रहा है अर्पित कुछ अरहा आआअह्ह्ह…

और मैंने अपने लिंग पर कुछ गरम द्रव महसूस किया.. उसकी गर्मी मैं बर्दाश्त नहीं कर पाया और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगते हुए उसकी योनि में ही झड़ने लगा… हम दोनों की साँसें धौंकनी की तरह चल रही थी… और हम दोनों ने एक दूसरे को ज़ोर से भींचा हुआ था… ऐसा लग रहा था जैसे जीवन के सबसे बड़े आनन्द से आज परिचय हुआ है… हम दोनों ही एक दूसरे में समा कर सामान्य होने की कोशिश करने लगे और इस कोशिश में एक दूसरे में समाए हुए सो गये…

दोस्तो, यह थी मेरे पहले प्यार की दास्तान… उम्मीद है आप लोगों को पसंद आई होगी… इसके आगे की भी बहुत सारी रोचक, रोमांचक और उत्तेजक घटनाओं से आपको अवगत कराता रहूँगा..

कृपया अपनी प्रतिक्रिया मेरी निम्न लिखित इमेल आईडी पर भेजे… आप लोगो के प्रेम और प्रतिवचनों का मुझे बेसब्री से इंतज़ार रहेगा…
[email protected]

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