और काजल बेतकल्लुफ़ हो गई-2


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और काजल बेतकल्लुफ़ हो गई-2

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जब लेपटॉप में उसने काफी सारे वीडियो में से एक वीडियो प्ले किया, तो मेरी आँखें खुली की खुली रह गई।

क्या था उस वीडियो में !

लेपटॉप स्क्रीन पर जो दृश्य उभरा वो शायद उनके बेडरूम का था, जिसमें काजल और कार्तिक प्रेमालाप करते हुए दिख रहे थे, काजल ने सिल्क का सा बिना बाहों का गाउन पहन रखा था और कार्तिक पायज़ामे और टीशर्ट में था।

कार्तिक काजल को आलिंगन में लेकर चूमने का प्रयास कर रहा था, उसके चेहरे गर्दन, खुले हुए कंधे सब जगह ! और कुछ देर बाद उसने काजल के गाउन के अंदर हाथ डाल कर उसे उतारने का प्रयास किया, लेकिन काजल उसे रोकती रही और जहाँ जहाँ से गाउन हट भी जाता था, वो अपने बदन के उस अनावृत हिस्से को फिर छुपा लेती !

वो नग्न होने में शरमा रही थी लेकिन कार्तिक बहुत उत्तेजित हो चुका था, प्रकृति ने पुरुष को ताकतवर बनाया है इसलिए कार्तिक ने बलपूर्वक उसका पूरा गाउन उसके जिस्म से अलग कर ही दिया !

अब उसके जिस्म पर पेंटी और ब्रा ही थी लेकिन उसने तुरंत ही पास पड़ी चादर से अपने बदन को ढक लिया और कार्तिक ने उस चादर के अंदर से ही उसकी पेंटी और ब्रा निकाल फेंकी, लेकिन काजल ने और अच्छे से अपने बदन पर चादर लपेट ली।

कार्तिक ने चादर हटाने की कोशिश की लेकिन काज़ल विरोध करती रही और उसे लाइट बंद करने को बोलती रही।

पुरुष के साथ एक कमज़ोरी है कि वो बहुत ही जल्दी उत्तेजित हो जाता है, जो अभी कार्तिक के साथ भी हो रहा था, उसने तुरंत अपने सभी कपड़े उतार कर अपने आपको पूर्ण नग्न कर लिया, इसमें कोई शक नहीं था कि कार्तिक का शारीरिक गठन और उसका लिंग जबर्दस्त है लेकिन उधर उस काजल ने अपनी आँखें ही बंद कर ली, बेचारे कार्तिक ने अपना लंड उसके होंठों पर रखना चाहा कि वो चुम्बन ले या शायद मुँह में ले ले लेकिन काजल ने चादर से अपना चेहरा ढक कर उसकी कोशिश नाकाम कर दी।

और आखिर कार्तिक को उठ कर लाइट ऑफ करनी ही पड़ी, फिर सब कुछ धुंधला सा हो गया।

फिर कार्तिक ने लैपटॉप बंद किया और मेरी तरफ मुखातिब होते हुए बोला- देखा तुमने? यह समस्या है हमारे साथ ! क्या अब तुम मेरी सहायता करोगे?

मैं सोच में पड़ गया और एक गहरी सांस लेते हुए बोला- यह सिर्फ तुम्हारे अकेले की नहीं, तुम दोनों की समस्या है। काजल के साथ भी गलत हो रहा है और वो स्वाभाविक यौन-सुख से वंचित है, और मैं ये सब करूँगा तुम दोनों के लिए, लेकिन तुम्हें मेरे काजल के साथ किये किसी भी यौन प्रयास पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए !

वो तपाक से बोला- नहीं, बिल्कुल नहीं !

मैंने कहा- सोच लो ! मैंने इस वीडियो में जो महसूस किया है, उस हिसाब से मुझे उसके साथ पूरी छूट चाहिए।

“मिलेगी, तुम्हें सब कुछ करने की आज़ादी होगी ! लेकिन मेरी भी एक शर्त है।” कार्तिक बोला।

“वो क्या?”

“मैं वो सब लाइव देखना भी चाहूँगा ! क्यूँकि अरुण, मैं तुम्हें पहले ही बता दूँ कि बेडरूम में मैंने सी सी टीवी कैमरे लगा रखे हैं, मैं तुम दोनों को सब करते हुए देखूँगा भी, जो मेरी फेंटसी तो है ही, साथ ही साथ तुम्हारे सेक्स करने के तरीके भी मुझे सीखने हैं ! तुम सेक्स गुरु जो हो !”

उसकी इस आखिरी बात पर मुझे हंसी आ गई !

“ओके !”

अब मुझे उसके नज़दीक आने का और उसके साथ अकेले रहने का कोई वाज़िब कारण सोचना होगा जिसमें काजल का ज्यादा इंटरेस्ट हो और जो स्वाभाविक भी लगे !

हम लैपटॉप देखने में ऐसे बिजी हुए कि समय का ध्यान ही नहीं रहा, फिर ध्यान आया कि काजल को काफी ज्यादा समय हो गया था गए हुए, कार्तिक को चिंता भी हुई, उसने उसे फोन लगाया तो दूसरी तरफ से वो बहुत परेशानी में बोल रही थी कि उसे ऑटो रिक्शा नहीं मिला और जो मिला वो भी खटारा !

खैर, कोई 15 मिनट बाद वो घर पहुँची और बुरी तरह से झुंझला रही थी।

मैंने कहा- काजल, तुम अपनी कार लेकर क्यूँ नहीं गई? आज तो रविवार है और मैंने घर में कार खड़ी भी देखी है ! वो किसलिए है?

यह सुनते ही वो और बिफर गई और कार्तिक की तरफ गुस्सा करते हुए बोली- यह अपने इन भाई से पूछो जनाब, क्या इनके पास टाइम है मुझे कार सिखाने के लिए?

अब कार्तिक बगलें झाँकने लगा। मैंने कहा- ड्राइविंग स्कूल से क्यूँ नहीं सीखी?

तो वो बोली- सीख चुकी हूँ उनसे मैं ! लेकिन अब कोई प्रेक्टिस तो करवाये मुझे !

अब कार्तिक बोला- यार, इस प्राइवेट जॉब में सच में टाइम ही नहीं मिलता मुझे ! मैं भी क्या करूँ?

एकाएक मेरी आँखों में चमक आ गई, मैंने कहा- डोंट वरी, यदि तुम चाहो तो मैं प्रेक्टिस करा सकता हूँ तुम्हें !

“सच !??!” वो चहक कर बोली।

कार्तिक के चेहरे पर भी चमक आ गई और वो सारा माज़रा समझ गया, लेकिन अनजान बनता हुआ बोला- आप क्यूँ परेशान होते हैं?

कार्तिक की बात का जवाब मैंने नहीं बल्कि काजल ने ही दिया- खुद तो सिखाते नहीं, अरुण जी सिखाना चाहते हैं तो भी तुम्हें परेशानी है? क्यों?

वो हड़बड़ा कर बोला- मुझे नहीं, मैं तो इनकी परेशानी के लिए बोल रहा हूँ !

अब मैंने जवाब दिया- और मुझे कोई परेशानी नहीं ! अब तुम बस अपने आप को दिन के 12 बजे के आसपास फ्री रखना, उस दौरान मैं फ्री रहता हूँ तीन बजे तक ! यह कैसा रहेगा?

वो बोली- हाँ, ठीक है !

दोस्तो, इसके बाद कि कुछ बातें मैं संक्षेप में बता देता हूँ, उनके पास एक पुरानी अल्टो कार थी जिसमे काजल को मैंने ले जाना शुरू किया, उसका ध्यान सही में ड्राइविंग में था और मेरा उसमें, मुझे उसको छूने पकड़ने के बहुत मौके मिलते थे, शुरू में उसे अज़ीब लगा उसने कार्तिक को भी इस बारे में मेरी शिकायत कि पर उसने नज़रअंदाज़ भी किया और उसे कहा भी कि ‘अरुण ऐसा ही है और फिर तुम अपना मतलब देखो कार सीखने का और थोड़ी बिंदास बनो !’ और फिर उसे ड्राइविंग में मज़ा भी आ रहा था और धीरे धीरे काजल को मेरा हंसी मज़ाक, मेरा बिंदास व्यवहार पसंद भी आने लगा।

और इधर कार्तिक मुझ पर जल्दी ही ‘कुछ’ करने का दबाव बनाने लगा और मैं भी अब कुछ करने को बैचैन हो रहा था क्यूँकि काजल वाकयी बहुत ही हसीन और सेक्सी थी इसमें कोई शक नहीं था और ऊपर से भोली-भाली और निहायत शर्मीली भी !

किसी कालगर्ल को चोदने से भी ज्यादा मज़ा काजल के साथ चिपक कर बैठने उसे छूने और उसके साथ शरारतें करने में आ रहा था मुझे, पर यह सब कार्तिक नहीं देख पा रहा था क्यूंकि वेब कैम तो घर में लगे हुए थे।

आखिर कार्तिक के दवाब के आगे झुकते हुए मैंने एक दिन सच में काजल के वक्ष-उभार दबा ही दिए ! हुआ यूँ कि उससे सीट-बेल्ट नहीं लग रही थी, वो परेशान होकर बोली- न जाने क्यूँ नहीं लग रही? सीट-बेल्ट छोटी है शायद !

मैंने शरारत से उसके बूब्स दबाते हुए कहा- सीट-बेल्ट छोटी नहीं है मैडम, तुम्हारे ये बोबे बहुत बड़े बड़े हैं, एकदम मस्त और टाइट।

वो हक्की-बक्की रह गई और ‘धत्त !!! ये क्या कर रहे हो?’ कहते हुए मेरा हाथ हटा दिया। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

मैंने कहा- इसमें गलत क्या कहा मैंने? ये तो नारी की सुंदरता के ‘उभार’ हैं !

वो बोली- मुझे ऐसी बातें अच्छी नहीं लगती !

मैं चुप हो गया और फिर उस दिन कुछ नहीं बोला और अगले दिन से काजल के पास जाना बंद कर दिया। यह बात कार्तिक को बता भी दी कि इंतज़ार करो, काजल खुद ही मुझे बुलाएगी।

और सिर्फ एक दिन बाद ही काजल का फोन आ गया मेरे पास !

इसके बाद उस शर्मीली काजल और मैंने जो कुछ किया वो इस कहानी के अगले भाग में जरूर पढ़ियेगा, और पाठकों से मेरा अनुरोध है इन दो भागों में सिर्फ इस घटना का ताना-बाना ही है जो जरूरी भी था, तभी आपको पूरा मज़ा आएगा।

और हाँ, कृपया मुझे मेल जरूर करते रहिये !

कहानी जारी रहेगी।

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