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बॉस से चुदाई – Sex Stories

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हेलो दोस्तो. ये मेरी पहली कहानी है जो की सच्ची बात है. ये बात जब की है जब मैं अपने बॉस से पहली बार चूदी थी. वैसे मेरा नाम रूपाली वनजानी है. बात तब की है जब मैने मेरा बीकॉम पूरा कर लिया था और मैं जॉब सर्च कर रही थी. और मुझे जेनपॅक्ट के बेक ऑफीस जॉब मिल गया.
वैसे मैं 21 साल की हू,रंग गोरा और बदन भरा हुआ,कद लगभग 5.2″ है . मैं जाति से सिंधी हू. मेरा फिगर 36-29-32 और कप साइज़ डी है. मेरे कॉलेज मे मैं बड़ी फेमस थी. मेरे कॉलेज मे सारे लड़के मुझे एक बार ज़रूर देखते थे.
काम शुरू होने बाद सब कुछ ठीक था पर कभी कभी मुझे नाइट शिफ्ट मिलने लगी जो मेरे फॅमिली को पसंद नही थी. मैने एक बार जाके मेरे बॉस से बात की. मेरे बॉस का नाम सुरेश था वो साउत इंडियन थे. उनकी उमर 45 से ज़यादा थी. बॉस ने मुझ से आराम से बात की पर वो मुझे बात बात पर टच कर रहे थे. मैने इस बात पर ज़यादा भाव नही दिया. अब मुझे नाइट शिफ्ट नही मिलने लगी.
नेक्स्ट डे से मेरी सीट पोज़िशन भी चेंज हो गयी मैं सर के पास बैठने लगी. सर कभी कभी मुझे टच करते थे पर मैं हमेशा ये सोच कर की मेरी शिफ्ट सही रहे हमेशा इग्नोर कर देती थी. कुछ दिनो के बाद हमारी पूरी टीम एक रेसॉर्ट पेर गये पिक्निक पर. हम सभी पूल मे जा रहे थे. मैं जब चेंज कर कर आई तब सर वहा आ गये और उन्होने मुझे प्रपोज़ कर दिया.
मैं शॉक हो गयी. मुझे नही समझ नही आ रहा था की क्या कहु. मैं सर को कुछ नही कहा और वहा से चली गयी. वैसे मेरा बॉय फ्रेंड था. और सर मेरे डॅड की उमर के थे. उस दिन मैंने फ्रेंड्स के साथ काफ़ी मस्ती की. पिक्निक ख़तम हो गया और नेक्स्ट दे हम ऑफीस आ गये.
मैने नोटीस किया की सर मुझ से नाराज़ से है. अब मुझे नाइट शिफ्ट भी मिलने लगी थी. अब मेरे फॅमिली वाले मुझे जॉब छोड़ने के लिए कह रहे थे. मुझे नही समझ नही आ रहा था की मैं क्या करू. मैने अपने एक फ्रेंड से पूछा की मैं क्या करू. उसने कहा की बॉस को खुश रख कॉर्पोरेट का यही रूल है.
मैने 2-3 दिन इस बारे मे सोचा मैं जॉब छोड़ना नही चाहती थी. मैने बहूत सोच कर बॉस के पास नेक्स्ट दे गयी. मैने उनसे पूछा की पिक्निक वाले दिन क्या सच था क्या. उन्होने कहा की मैं उन्हे पसंद हू. मैने भी उन्हे हा बोल दिया. उन्होने मुझे अगले दिन साथ मे टाइम स्पेंड करने को बोला. मैने भी हा बोल दिया.
उन्होने कॅबिन मे ही मुझे पकड़ लिया. और चूमने लगे उनके एक हाथ मेरे मम्मो पर थे. वो काफ़ी ज़ोर ज़ोर से दबा रहे थे. मुझे काफ़ी डर लग रहा था क्यूकी ये ऑफीस था कोई देख लेगा तो मेरी इज़्ज़त खराब हो जाएगी. मैने सर को रोका और कहा यहा नही ये सेफ नही है.
उन्होने पूछा कब मैने कहा मेरे वीक्ली ऑफ वाले  दिन. उसमे अभी 4 दिन थे. तो सर ने कहा चलो कोई मॉल तक चलते है. थोड़ा घूम लेगे. मैने पीसी मे ऑक्स लगाया और हम पास के एक मॉल मे गये. हमने गाड़ी बेसमेंट मे पार्क की पर जैसे ही मैं उतने लगी सर ने मुझे गाड़ी मे ही रहने को कहा.
मैं समाज गयी थी की आज ये गाड़ी मे ही सब करने वाले है.अब सर ने मुझे चूमना शुरू कर दिया. शुरू मे मैं कुछ रेस्पोन्से नही दे रही थी. पर धीरे धीरे गरम होने लगी. मैने भी उन्हे चूमना शुरू किया उनका एक हाथ मेरे चुचे को बाहर से और एक टॉप के अंदर से दबा रहे थे. धीरे धीरे उन्होने मेरे टॉप को उचा किया और मेरे चुचे दबाने लगे.
अब उन्होने टॉप उतरना चाहा पर मना कर दिया पर उन्होने मुझे टॉप उतरवा ही दिया.अब उन्होने मेरे ब्रा को खोल दिया. और मेरे कबूतरो को आज़ाद कर दिया. वो मेरे चुचे चूस रहे थे वो भी जानवरो की तरह. मुझे बहूत दर्द हो रहा था पर मज़ा भी आ रहा था.
धीरे धीरे उन्होने मेरे जीन्स के .बटन को कॉल दिया अब वो मुझे जीन्स उतरने को कहा. मैने कहा की मैं जीन्स खोल दूँगी पर उतरुँगी नही. मैने मेरे जीन्स खोला और घुटनो तब ले आई अब वो मेरे एक चुचे को चूस रहे थे और एक हाथ से दूसरे चुचे को दबा और दूसरे हाथ से मेरी चूत मे उंगली कर रहे थे. मैं पागल हो रही थी. मैने उनके पॅंट की खोल कर उनके लॅंड को निकल दिया. वैसे उनका लॅंड ज़यादा बड़ा नही था और उस उमर मे उससे ज़यादा हो भी नही सकता.
मैने उनके लॅंड को मसलाना शुरू किया. उन्होने मुझ को सीट पीछे करने को कहा. मैं समझ गयी थी की वो अब मुझे छोड़ने वाले है. मैने अपनी सीट को पीछे की. उन्होने अपने लॅंड को मेरी चूत पर रखा और एक ही झटके मे अंदर डाल दिया. मेरी आह निकल गयी. वैसे ये मेरा पहेला सेक्स नही था पर मैने इतने ज़यादा बार भी नही किया था. और कार मे स्पेस कम होने से दर्द ज़यादा हो रहा था.
उन्होने अपने झटके तेज कर दिया और मैं पागलो की तरह चिला रही थी. शायद मैं सेक्स को पहेले बार एंजाय कर रही थि.उन्होने तकरीबन 5 मिनिट तेज झटके मारे उसके बाद वो झड़ गये और मैं भी. उन्हने सारा पानी मेरी चूत मे ही डाल दिया. अब वो मुझे प्यार से चूम रहे थे. मुझे बहूत अछा लग रहा था.
मैने अपने कपड़े पहेने और मॉल के वॉश रूम जा कर मेरी चूत सॉफ की. उसके बाद मैं हर ऑफ वाले दिन सर के साथ जाती थी. पर कार के सेक्स जितना किसी मे मज़ा नही आया. 1 साल बाद मेरा प्रमोशन हो गया. मुझे बॉस की वफ़ादारी का इनाम मिला था.
उसके बाद मैं अपने कई बॉस से चुदी पर फर्स्ट टाइम का एक्सपीरियेन्स बहूत गजब था. मेरी कहानी पसंद आई तो प्लीज़ कॉमेंट जरुुर् करे.



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