महिला मित्र की कुंवारी गांड मारी- 1

महिला मित्र की कुंवारी गांड मारी- 1

लड़की की गांड की कहानी में पढ़ें कि शादीशुदा गर्लफ्रेंड की चूत की चुदाई मैं काफी कर चुका था. अब मैं उसकी गांड मारना चाहता था. तो मैंने क्या किया?

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नमस्कार दोस्तो,
मैं राकेश अपनी पिछली सेक्स कहानी
महिला मित्र की दोबारा सुहागरात में चुदाई की कामना
का अगला भाग पेश कर रहा हूँ.

मैं मानता हूं कि इसे लिखने में मैंने बहुत देर कर दी. मगर दोस्तो, जो मजा इंतजार में है, वो किसी और चीज में कहां है.

मैंने इस सेक्स कहानी के पिछले भाग में आपको अपना नाम अरविंद और मेरी महिला मित्र का नाम वन्दना बताया था, लेकिन अब मैं किन्हीं कारणों से अपना नाम राकेश और अपनी महिला मित्र का नाम नीरू रख रहा हूँ. क्योंकि असल में वन्दना, नीरू की सगी छोटी बहन का नाम है. ये मुझे बाद में मालूम हुआ तो नाम बदलने के पीछे का कारण यही है.

पिछले भाग में बताया था कि कैसे मैंने नीरू की इच्छा अनुसार उसके साथ सुहागरात मनाई और उसकी जम कर चुदाई की.
उसकी चुत चुदाई के बाद हम दोनों साथ में नहाये और दो दो पैग लगा कर खाना खाकर टीवी देखने लगे.

नीरू फिर से मेरे लंड से खेलने लगी और मैं उसके मम्मों को सहलाते हुए मजा लेने लगा.

दोस्तो, मैंने आपको ये भी बताया था कि उस रात मैंने नीरू की गांड भी दो बार मारी थी. मगर वो गांड चुदाई की कहानी को लिखा नहीं था.

आज की इस लड़की की गांड की कहानी को मैं वहीं से शुरू कर रहा हूँ.

नीरू मेरे साथ बेड पर लेटी मेरे लंड से खेल रही थी. वो कभी मेरे लंड के सुपारे के ऊपर अंगूठा फेरती, कभी लंड को ऊपर नीचे करती हुई मुझसे बात कर रही थी.

मैं भी नीरू के मम्मे सहलाए जा रहा था.

कुछ देर बाद नीरू उठ कर मेरे लंड पर बैठ गयी और मुझे चूमने लगी.
हम दोनों की जीभ फिर से आपस में खेलने लगीं.

फिर उसने मुझे चूमना छोड़ा और मेरे लंड पर बैठे बैठे वो मुझे देख कर मुस्कुराने लगी.

मैंने अपने दोनों हाथों में उसका चेहरा लिया और उससे पूछा- क्या हुआ?
मेरी बात से अचानक उसकी आंखों में आंसू आ गए.

मैंने उसकी आंखें पौंछते हुए पूछा- क्या हुआ जानम, तुम रो क्यों रही हो?
तो वो बोली- जानू मैं रो नहीं रही हूं, ये तो खुशी के आंसू हैं. जो खुशी आपने मुझे आज दी है.

मैंने उसे पुचकारते हुए सहलाया, तो नीरू ने आगे अपनी पहली सुहागरात के बारे में बताया- जब मेरा पति अन्दर कमरे में आया, तो उसने मुझसे कोई बात नहीं की. बस आते ही उसने दरवाजे की कुंडी लगाई. अपने और मेरे कपड़े उतारे और मेरे नंगे दूध देख कर थोड़ी देर मेरे मोम्मे चूसे. बस फिर सीधा मेरी चूत में अपना लंड डाला और पांच सात मिनट धक्के मार कर अपना पानी निकाल कर सो गया. मैं सारी रात तड़पती रही और रोती रही.

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उसकी व्यथा सुनकर मैंने नीरू से कहा- कोई बात नहीं जानम, ये सब आम बात है. किसी किसी के ही लंड में ऐसा दम होता है कि वो औरत की चूत को पहली बार में ही संतुष्ट कर दे. पर एक बात बताओ डार्लिंग कि हमारे रिश्ते को इतना टाइम हो गया … और ये तुम मुझे आज बता रही हो!

इस पर नीरू बोली- जानू, बताना तो मैं आपको बहुत पहले चाहती थी, पर आज तक हम सिर्फ लोकल में ही मिलते रहे. घर से इतनी दूर तो हम अब आए हैं, जब आपने मेरे साथ यहां आने की हां की, तो मैंने तभी सोच लिया था कि अब मैं आपके साथ अपनी सभी ख्वाहिशें पूरी करूंगी.

मैं बोला- नीरू देखो तुम्हारी ख्वाहिश तो पूरी हो गयी. अब तुम मेरी ख्वाहिश भी पूरी कर दो.
इस पर नीरू बोली- जानम आप आज जो बोलोगे, मैं वो ही करूंगी.

मैं उसकी चिकनी जांघों पर हाथ फेरते हुए बोला- जान आज मुझे तुम्हारी गांड भी चोदनी है.

ये सुन कर नीरू की डर से आंखें खुल गईं और वो बोली- हाय जानू, ये क्या बोल रहे हो. आपने अपना लंड देखा है ना … कितना लम्बा और मोटा है. जब ये मेरी चूत में जाता है … तो ही मेरी जान निकल जाती … और आप इसे गांड में घुसाने की बोल रहे हो. ये तो मेरी गांड के चिथड़े उड़ा देगा. न बाबा … आप चाहे जो और मर्जी कर लो, पर मैं आपका लंड गांड में नहीं ले सकती.

मैंने नीरू से कहा- देखो नीरू, तुमने अपनी चूत की सील तो अपने उस नामर्द पति से सुहागरात पर तुड़वाई थी, जिसमें तुम्हें बिल्कुल मजा भी नहीं आया था. फिर आज तुमने आज मेरे साथ अपनी सुहागरात मना कर बहुत मजे भी ले लिए. कुछ मेरी भी तो सोचो, मैं तुम्हारी चूत की सील तो नहीं तोड़ सका … पर मेरा इतना हक़ तो बनता है कि अब मैं तुम्हारी गांड की सील तोड़ूँगा.

ये सुन कर नीरू थोड़ा पिघल गयी और बोली- जानू, आप ऐसी बातें मत बोलो. आपने हर समय मेरा इतना साथ दिया, मेरे अन्दर की औरत को समझा, मेरी सारी शारीरिक जरूरतें आपने पूरी की. और यहां तक कि मेरे बेटे की रगों में भी आप ही का खून दौड़ रहा है.

उसकी ये बात सुनकर मैं आप सबको बता दूँ कि नीरू के तीन बच्चे हैं, दो लड़कियां और एक लड़का. उसका ये लड़का उसे मेरी ही देन है.
मैंने ही नीरू को चोद कर उसके गर्भ में अपना बीज डाला था. उसके लड़के की कुछ हद तक मुझसे ही शक्ल मिलती है.

मैंने कहा- हां वो तो है.
नीरू- तो जानू आपकी इन सब बातों को देखते हुए आज मैं भी आपकी इच्छा पूरी करना चाहती हूं, पर जानू … मैं दो बातों को लेकर कुछ परेशान हूं.

मैंने पूछा- कौन सी दो बातें!
वो बोली- एक तो मुझे गांड मरवाने में जो दर्द होगा, उससे डर लगता है और जानू फिर मैं आपका लंड कैसे चूस सकूंगी, वो तो मेरी गांड के अन्दर जाने से गन्दा हो जाएगा. जबकि मुझे तो आपका लंड चूसने में बड़ा मजा आता है.

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मैं नीरू से बोला- जानम, तुम दर्द की चिंता छोड़ दो … मैं बहुत आराम से तुम्हारी गांड को चिकनी करके मारूँगा. रही बात लंड के गंदे होने की, तो उसकी भी चिंता तुम छोड़ दो. मैं अभी मार्किट से कंडोम का पैकेट ले आता हूँ. मैं अपने लंड पर कंडोम चढ़ा कर तुम्हारी गांड में डालूंगा.

ये सुन कर नीरू के चेहरे पर मुस्कान आ गयी.

मैंने कुछ देर उसके मोम्मे और होंठ चूसे और खड़ा होकर कपड़े डालने लगा. मैंने घड़ी में देखा तो रात के ग्यारह बजे रहे थे.

मैं बोला- अभी कोई न कोई मेडिकल स्टोर खुला होगा … तो मैं अभी कंडोम लेकर आता हूँ.
ये सुन कर नीरू भी मेरे साथ चलने को कहने लगी और उसने भी एक शॉर्ट्स और टी-शर्ट डाल ली.

फिर हम दोनों कार से मार्किट में आए, तो सारी मार्किट बन्द पड़ी थी. ये देख कर मैं मायूस हो गया.

नीरू ने भी ये बात नोटिस की और बोली- मायूस मत हो जानू, कोई बात नहीं आप बिना कंडोम के ही कर लेना. बाद में मैं खुद आपके लंड को डेटोल से अच्छी तरह साफ कर दूंगी.

ये सुन कर मैंने उसके होंठों को चूमा और कार वापिस हमने होटल की तरफ मोड़ दी.
रास्ते में मुझे एक प्राइवेट हॉस्पिटल दिखा, जिस पर शायद हमने आते हुए ध्यान नहीं दिया था.

मुझे पता था कि प्राइवेट हॉस्पिटल में जरूर मेडिकल स्टोर होगा, जो 24 घण्टे खुला रहता है.

मैंने कार पार्किंग में लगाई और नीरू को कार में ही बैठने को बोल कर अन्दर आ गया.
मैं सीधा मेडिकल स्टोर पर गया जो कि खुला था. मैंने 10 के पैक वाला कंडोम का पैकेट लिया.

तभी मेरी नजर शो केस में रखी एक जैल पर गयी.

मैंने स्टोर वाले लड़के से उसके बारे पूछा, तो उसने मुझे अंग्रेजी में बताया कि ये खास तौर पर अनल सेक्स के लिए इस्तेमाल होती है. जिसे गांड के अन्दर तक लगाना होता है. लगाने के पांच मिनट बाद गांड अन्दर से सुन्न हो जाती है और इससे पार्टनर को ज्यादा दर्द भी नहीं होता है. चाहे वो लड़का हो, जिसे गांड मराने का शौक हो … या कोई लड़की या महिला हो.

लड़के की गांड मारने की बात सुनकर मुझे कुछ हंसी सी आई कि ये जैल इधर मिलने का क्या मतलब हो सकता है.
मैंने उससे अचरज से पूछा- ये जैल इधर किस काम में आता है?

वो मेरी भावना को समझ गया और बोला- सर ज्यादातर इसे डॉक्टर किसी बवासीर के पेशेंट को उंगली से चैक करने के लिए इस्तेमाल करते हैं.

मैं उसकी बात से संतुष्ट हो गया था कि जैल का बेजा इस्तेमाल तो मैं करने जा रहा था. वैसे तो ये एक डॉक्टर के मतलब की जैली ही है.

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खैर … मैं जैली की बात जानकर खुश हो गया और मैंने वो जैल भी खरीद ली.

मैंने कार में जाकर नीरू को इसके बारे में बताया, तो वो भी खुश हो गयी.

हम होटल पहुंचे और मैंने रूम में आकर सबसे पहले अपने कपड़े उतार फेंके.

नीरू अपने मिनी शॉर्ट्स और टॉप में ही थी. उसने मुझे बेड पर धक्का दिया और मेरे ऊपर बैठ कर मेरे होंठ चूसने लगी. कुछ देर बाद मैंने उसका छोटा सा टॉप उतार दिया.
उसने नीचे ब्रा नहीं पहनी थी, तो उसके दोनों मोम्मे आजाद हो गए.

मैं उसके दोनों मम्मों को मसलने और चूसने लगा.
उसके मुँह से सिसकारियां छूटने लगी- आह जानू ओह हाय … क्या मस्त चूसते हो आप … ऊ ऊ मां निचोड़ दो जानू इन्हें.

कुछ देर उसके मोम्मे चूसने के बाद, मैंने उसका शॉर्ट भी उतार दिया और उसे पूरी नंगी कर दिया. नीरू ने भी मेरा अंडरवियर निकाल दिया. अब हम दोनों बिल्कुल नंगे, एक दूसरे के बदन को चूस चाट रहे थे.

फिर मैंने नीरू को 69 की पोजीशन में किया, वो मेरे ऊपर अपनी चूत को मेरे मुँह के पास लाकर मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.

उधर मैंने भी नीरू की चूत के छेद को उंगलियों से चौड़ा किया और उसकी चूत को थोड़ी देर सहला कर अपनी जीभ से उसके चूत के दाने को चाटने लगा.
फिर अपनी जीभ से ही उसकी चूत चोदने और चाटने लगा.

नीरू भी मेरे लंड को कभी चूसती, कभी चाटती … उसने मेरा लंड अपने थूक से बिल्कुल गीला कर दिया. मैंने भी उसकी चूत चाटना जारी रखा.

कुछ देर बाद नीरू का बदन ऐंठने लगा. उसने अपनी चूत मेरे मुँह पर दबा दी और आह उफ्फ करके मेरे मुँह पर झड़ गयी.
मेरे होंठ उसकी चूत के पानी से भीग गए.

मेरा लंड नीरू ने चूस चूस कर एकदम खड़ा कर दिया था.

मैंने नीरू से पूछा- डार्लिंग, क्या अब तुम गांड मरवाने को तैयार हो!
तो नीरू हंस कर बोली- अगर मैं ना बोल दूं … तो कौन सा आप मान जाओगे. इसलिए आज आप अपनी तमन्ना पूरी कर लो. पर जानू आप मेरी गांड में लंड बहुत आराम से डालना, अगर मुझे दर्द हुआ, तो प्लीज़ थोड़ा रुक जाना.

अब नीरू मन से पूरी तरह से तैयार हो चुकी थी कि उसकी गांड आज का उद्घाटन होकर ही रहेगा.

आपको नीरू की गांड फाड़ने की सेक्स कहानी का पूरा मजा अगले भाग में लिखूंगा.
तब तक आप मुझे लड़की की गांड की कहानी के अंत में कमेंट्स करके और मुझे मेल करके जरूर लिखें कि आपको सेक्स कहानी कैसी लगी.
sanjay[email protected]

लड़की की गांड की कहानी जारी है.

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