एक सम्पूर्ण मर्द था वो !

एक सम्पूर्ण मर्द था वो !

दोस्तो, मेरा यानि कि पम्मो का अन्तर्वासना के सभी पाठकों को प्रणाम !

Advertisement

क्या करूँ दोस्तो ! मेरे में सेक्स कूट कूट के भरा है, यह दो इंच की गहराई दो चिकनी जांघों के बीच भगवान ने दी है, यह औरत को पागल बना देती है। इसकी आग ऐसी है कि बुझती ही नहीं, बढ़ती जाती है।

शादी से पहले अपनी माँ और बहन को देख कम उम्र में लगी यह आग बुझवाने के लिए कई लड़को से संबंध बना लिए- कालू, जग्गा, सोनू, राजू के इलावा भी कुछ लड़को से मैंने खूब चुदवाया। शादी के कुछ घंटे पहले आखरी बार अपने आशिकों को खुश किया, फिर सुहाग सेज पे नंदोई जी के साथ गुलछर्रे उड़ाये।

शादी के ठीक ३ दिन बाद फेरा डालने में मायके गई, वहाँ अपने आशिकों से खुद को मिलने से फिर न रोक पाई मौका देख कालू, सोनू, जग्गा, राजू जैसे हटे कटे मर्दों से फिर चुदवा लिया।

उसके बाद जिन्दगी आगे बढ़ने लगी, पति मुझे ठंडी ना कर पाता, नंदोई जी वापिस अमरीका चले गए। घर में मेरे अलावा मेरी सासू माँ, ससुर जी और एक ननद। घर बहुत बड़ा था, इसलिए बिलकुल सामने वाला हिस्सा जिसका गेट भी अलग था, किराये पे दिया हुआ था। पति सुबह दूकान पर चले जाते, ससुर जी भी !

किराए वाले हिस्से में चार लड़के रहते थे, सभी के सभी एक से बढ़कर एक। मैं उनकी तरफ़ कभी न गई थी लेकिन वो कोई चीज़ लेने का बहाना कर सासू माँ के पास आते, मुझे देख मुस्करा देते। पति से शांत ना होने की वजह और मेरा चुदासापन सर चढ़ बोलने लगा। अब मैं भी उनको देखने का मौका ढूंढती !

रहती सर्दी के दिन थे, वो लड़के काफी समय से किराये पर रहते थे तो सासू माँ उनको अपने बच्चों सा ही समझती थी, सुबह की चाय अपने घर से भिजवाती थी। अब मैं चाय देने के लिए जाती।

उनमें से बबलू नाम के लड़के की नज़र मेरे ऊपर थी, चाय पकड़ते हुए वो मेरे हाथों को छूता। मैंने भी अब उससे चुदने की सोची। अब चाय हाथ में देने की बजाय मेज़ पर रखते हुए झुकती और उनको सुबह सुबह ही अपनी छातियों के दर्शन करवाती, बाल सुखाने छत पर जाती, उनको निहारती रहती, कसी हुई ब्रा पहनती, पीछे से और आगे से भी गहरे गले के कमीज़ पहनती, ताकि उनको अधिक से अधिक जिस्म दिखाऊं।

बबलू को मैंने बस में कर लिया, आग बराबर लगी थी लेकिन मौका नहीं मिल रहा था। तभी एक दिन फ़ोन आया कि मेरी मासी-सास गुज़र गईं हैं, सभी वहाँ के लिए निकलने की तैयारी में थे, में भी !

Hot Story >>  फ़ौजी आंटी का पाँच बार पानी निकाला

लेकिन लाल चूड़ा अभी मेरी बाँहों में देख सासू माँ ने मुझे रुकने को कह दिया। मेरी ननद तैयार होकर कॉलेज चली गई।

मैंने झट से कमीज़ के नीचे पहनी हुई अंडर-शर्ट उतार दी, कमीज़ पारदर्शी था, नीचे मैंने सिर्फ ब्रा पहनी थी, वो भी ऐसी जो अब मुझे तंग हो गई थी। कसाव की वजह से काली ब्रा में से मेरे दूधिया रंग के स्तन निकल निकल पड़ रहे थे। पारदर्शी सलवार के नीचे एक ऐसी पैंटी थी जो मुश्किल से मेरी चूत को छुपा रही थी, पीछे से गांड के चीर में फंसी पड़ी थी, पूरा पटाका बन मैं चाय लेकर उनके कमरे में चली गई।

मुझे देख बबलू की आंखें फटी रह गई- भाभी आप ! आओ आओ ! आज अपनी चाय भी हमारे साथ पी लो !

मैं बैठ गई उनके सामने !

बबलू ने मुझे घूरते हुए कहा- आज क़यामत लग रही हो, एक कमसिन हसीना !
बबलू ! आप चाय में ध्यान दो, नहीं तो ऊपर गिर जायेगी !
तुम हो ना साफ़ करने के लिए ! इसी बहाने मेरे पास तो आओगी !

मैं वैसे ही आ जाती हूँ बबलू ! कह मैं उसकी रजाई में घुस गई उसके साथ सट कर बैठ गई, अपना हाथ उसकी जांघ पर रख दिया, सामने टी.वी देखते हुए मैंने हाथ आगे बढ़ा दिया, उसने अपना हाथ मेरी छाती पर रखते हुए मेरी चूंची दबा दी।

उईईईईई ईईईईई की आवाज मेरे मुँह से निकल गई। तभी पास में बैठे पिंटू को भी उसकी शरारत का पता चल गया। उसी वक्त बबलू ने मुझे दबोच लिया और तीन-चार चुम्बन मेरे गाल पर जड़ दिये। शर्म एक तरफ कर मैं पिंटू के सामने ही बबलू से लिपट गई। बबलू ने मेरी कमीज़ उतार दी और मेरे भारी मम्मों को दबा दबा के चूसने लगा।

पिंटू ने मौका देख मेरी सलवार का नाड़ा खोल कर सलवार खींच के उतारते हुए मेरी जाँघों पर हाथ फेरते हुए उनको चूमना सहलाना शुरू किया और बोला- भाभी बहुत तड़फ़े हैं आप के लिए !

हाय राजा ! जवानी तो मेरी तुम सबको देख अंगड़ाई लेती है !

देखते ही हम तीनो नंगे एक दूसरे के जिस्म से खेल रहे थे। मैंने दोनों के मोटे लंड हाथ में ले बारी बारी चूसने शुरू किए- हाय कितने मोटे लंड हैं !

खाओ भाभी जान !

तभी रवि और मुकुल बाज़ार से ब्रेड और अंडे ले कर आ गए। उनको देख मैं रजाई में घुस गई।

हाय भाभी ! क्या हुआ? इनसे ज्यादा मैं आपको चाहता हूँ ! मुकुल बोला- अपनी कसम ! मैं किसी दिन सबके सामने आपको पकड़ लेता !

जब मैंने रजाई से मुँह बाहर निकाला तो मुकुल नंगा खड़ा अपना लंड सहला रहा था। रवि कॉलेज चला गया। तभी बबलू ने मेरी टाँगे खोल, बीच में बैठ लंड अन्दर डाल दिया।

Hot Story >>  लैंडलेडी भाभी ने चूत की आग मुझसे बुझवाई

हाय पूरा डाल के चोद ! क्या लंड है !
ले साली ! बहुत तड़पाया है तूने !

मुकुल तो मेरे मम्मे चूसने में मस्त था।
हाय भाभी !
यह दूध के बड़े बड़े बर्तन खाली कर ले राजा !

पिंटू लंड मेरे मुंह के पास रख चुसवाने लगा। तभी बबलू तेज़ हो गया- हाय भाभी ! मैं छुटने वाला हूँ ! वो तेज़ तेज़ धक्के देने लगा, ओह भाभी ! क्या करू ! बहुत गर्मी है अन्दर !

डाल दे न अन्दर ही ! मुझे माँ बना दे ! मेरा पति निक्कमा है !

तभी मुकुल मम्मा मुँह से निकाल कर बोला- साली बच्चा मैं दूंगा तुझे !

तभी बबल ने लंड खींच लिया और सारा माल मेरे मुँह में निकाल दिया। मैंने चाट के एक एक कतरा साफ़ कर डाला। वो भी तैयार होने भाग गया।

अब पिंटू ने अपना लंड मेरे मुंह से निकाला, बीच में आते हुए बोला- भाभी मेरे लंड पर अपनी चूत रख इस पर बैठ जाओ !

उसको सीधा लिटा, मैंने अपनी गांड में खुद गीली ऊँगली डाल चिकनी कर उसके लंड को अपनी गाण्ड में टिकाते हुए नीचे बैठी, उसका लंड मेरी गांड में घुसता चला गया। सारा लंड मेरी गांड में समां गया।

वाह भाभी ! वाह ! धन्य हो गया आज !

मैं जोर जोर से उछलने लगी।

मुकुल सबमें से जानदार मर्द निकला, वो बोला- एक साथ दो डलवाओ रानी ! फ़िर देखना स्वाद !

उसने आगे से आते हुए अपना आठ इंच से भी ज्यादा लम्बा लण्ड एक साथ मेरी चूत में डाल दिया।

कुछ देर में पिंटू अपना पानी मेरी गांड में छोड़ हांफने लगा और लुढ़क गया।

वो भी गया !

मुकुल मुझे घोड़ी बना के चोदने लगा- हाय रानी ! सारा दिन चोदूंगा !

सच में ? हाय !

तेज़ तेज़ धक्के बजने लगे।

उईईइ अह्ह्ह फाड़ डाल इसको !

ले साली खा ! इसको ले ले !

उसने मुझे भरपूर सुख देना चालू किया।

एक सम्पूर्ण मर्द था वो ! वो हर ढंग जानता था औरत को भोगने का !

जब उसको लगता कि झड़ने वाला है तो वो रुक के चुम्मा चाटी वगैरा करता !

उसने मुझे खड़ा कर लिया और बोला- दीवार को थाम के गांड पीछे की ओर झुका के घोड़ी बन जाओ !

वो खड़ा होकर पीछे से मेरी चूत मारने लगा।

कुछ देर बाद उसने मुझे सीधा लिटा कर मेरी टाँगें अपने कंधों पर रख कर अपना लण्ड मेरी चूत में पेल दिया- लो भाभी लो !

लंड डाल कर फाड़ डाल मुकुल इस राण्ड की चूत ! मुझे बच्चा दे दे ! सासू माँ के ताने ख़त्म कर दे ! उनको क्या पता उनके बेटे में ही दम नहीं !

Hot Story >>  लेस्बो मकान-मालकिन की चूत की प्यास -2

लो भाभी लो ! आज सारा दिन ठोक-ठोक के आपकी बच्चेदानी का मुंह खोल दूंगा !

लो सम्भालो ! लो ! कह उसने फिर डाल दिया और ओह्ह्ह्ह भाभी तुम माल हो साली ! तेरी कच्छी चुरा चुरा महक ले ले मुठ मारता रहा !

तेज तेज धक्के लगा उसने अपना गाढ़ा माल मेरे अन्दर डाल मुझे कस लिया। मैंने भी सांस खीच उसके लंड को भींचते हुए सारा माल अपने अन्दर निचोड़ लिया। मुझे घर का ख्याल न रहा और सारा दिन मुकुल से जिस्म का खेल खेलती रही।

कब ननद कॉलेज से आई, रवि, बबलू सब आ गए। तब तक वो तीन बार मुझे चोद चुका था। बबलू भी आते फिर लग गया।

मुझे ढूंढते हुए ननद वहां आई, उन चालाक लड़कों ने जानबूझ के दरवाज़ा खुला रखा था। ननद अन्दर आई तो मुझे चुदते देख उसका मुंह खुला रह गया।

बोली- भाभी? यह? ओह नो ! तुम पीछे से यह गुल खिलाती हो? सोचा भी नहीं था। सब भाई से कह दूंगी !

इससे पहले वो मुड़ती बबलू ने उसको खींच बाँहों में ले लिया- ललिता ! मेरी लाडो ! कह देना !

रवि ने उसको पीछे से बाँहों में कसते हुए उसकी गर्दन पर होंठ रख दिए तो वो पलट कर उसके साथ चिपकते हुए हंसने लगी, बोली- मुझे मालूम है भाभी ! भाई तुम्हें खुश नहीं कर पाते ! बबलू और मुझे चोदने में लगे रहे पिंटू और रवि ने ललिता को चोदा। शाम के ७ बजे तक हम सभी नंगे चुदाई का खेल खेलते रहे।

उस दिन के बाद मैं और ललिता मौका देख उनको बुला लेते या उनके पास चले जाते। अब चार लंड घर में थे, मायके जा कर कालू, यहाँ मुकुल, बबलू, रवि और पिंटू !

मेरी कोख भी हरी हो गई, मैं मुकुल के बच्चे की माँ बनने वाली हूँ क्यूंकि उसने किसी और को अपना पानी मेरे अन्दर डालने से मना किया था, या निरोध लगाते या बाहर निकाल लेते !

सासू माँ बहुत खुश है ! पति सोचता है कि शायद पाँच-सात मिनट की ठुकाई से उसने मुझे गर्भवती किया है।

पंगा तब पड़ा जब ललिता का गर्भ ठहर गया।
सबने मिलकर एक नर्स को पॉँच हज़ार रुपये दे उसका पेट साफ़ करवाया।

समय ज्यादा होने से इतने पैसे लगे इस तरह मैंने चार और लोगों के साथ संबंध बना लिए।

उसके बाद क्या क्या हुआ सब बताऊँगी अगली बार !
बाय बाय !
[email protected]

#एक #समपरण #मरद #थ #व

Leave a Comment

Open chat
Secret Call Boy service
Call boy friendship ❤
Hello
Here we provide Secret Call Boys Service & Friendship Service ❤
Only For Females & ©couples 😍
Feel free to contact us🔥
Do Whatsapp Now