दोस्त की बहन की जानलेवा चुदाई

हैल्लो दोस्तों, में अपने दोस्त की बहन की चूत को चोद चुका था और फिर दूसरे दिन सुबह हम लोग फिर से घूमने गये और जब में और आरजु अकेले में बैठे, तो उसने रात की चुदाई के लिये मेरा बहुत शुक्रिया अदा किया और कहा कि उसे इससे पहले इतना मज़ा आज तक नहीं आया था और आज रात वो फिर से मेरे कमरे में चुदवाने आयेगी, तो मैंने हाँ कर दी।

फिर रात को ठीक 1 बजे मेरे कमरे का दरवाज़ा खुला और आरजु नाईट गाउन में खड़ी थी। फिर मैंने इधर-उधर देखकर उसे अंदर बुलाया और दरवाज़ा लॉक कर दिया। फिर दरवाज़ा लॉक करते ही उसने मुझे पकड़कर किस करना शुरू कर दिया, तो मैंने भी उसे जवाब में किस करना शुरू कर दिया और उसके बूब्स को सहलाने लगा।

फिर मैंने उसे गोद में उठाकर बिस्तर पर लेटा दिया और उसके बूब्स को चूसने लगा और उसकी चूत में उंगली करने लगा। फिर उसने मेरी चड्डी उतारकर 69 की पोज़िशन में होकर मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी। फिर मैंने भी उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया और अपनी जीभ से उसे चोदने लगा।

अब वो सिसकियाँ लेने लगी थी और उसके मुँह से उउउहह, आआहह की आवाजे आने लगी थी। फिर कुछ देर के बाद उसने अपना पानी छोड़ दिया, लेकिन मैंने उसकी चूत को चाटना जारी रखा और इसी दौरान में भी उसके मुँह में ही झड़ हो गया। अब मैंने उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया था और फिर कुछ देर के बाद जब मेरा लंड अच्छी तरह से खड़ा हो गया तो मैंने उसे सीधा करके अपना लंड उसकी चूत में डाला।

अब उसकी चूत गीली होने की वजह से मेरा 3 इंच लंड उसकी चूत में आराम से चला गया था। फिर मैंने पोज़िशन लेकर एक जोरदार झटका लगाया तो मेरा 7 इंच का पूरा लंड उसकी चूत में अंदर तक चला गया। अब उसके मुँह से चीख निकलने ही वाली थी कि मैंने उसका मुँह बंद कर दिया और इसी पोज़िशन में उसके ऊपर लेटकर उसके बूब्स को दबाने लगा। फिर कुछ देर के बाद उसे सुकून मिला और अब वो अपनी कमर आगे पीछे करके चुदवाने लगी थी।

फिर मैंने भी उसे चोदना शुरू कर दिया और आहिस्ता-आहिस्ता चुदाई की रफ़्तार तेज कर दी। फिर क़रीब 10 मिनट की चुदाई के बाद वो झड़ गयी और सुकून में आ गयी, लेकिन में अभी तक गर्म था और उसे लगातार चोद रहा था और फिर क़रीब 5 मिनट के बाद में भी उसकी चूत में ही झड़ गया और उसके बराबर में लेट गया और उसके होंठो पर किस करने लगा। फिर उसने मुझसे कहा कि जान अगर तुम्हारा वीर्य मेरी बच्चेदानी तक चल गया और में तुम्हारे बच्चे की माँ बन गयी, तो क्या होगा?

ass="entry-title">फिर मैंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो में तुम्हारा बच्चा गिरवा दूंगा। फिर कुछ देर के बाद उसने मेरा लंड अपने हाथ में लेकर उसे सहलाना शुरू कर दिया। अब उसके हाथ की गर्मी से मेरा लंड फिर से खड़ा  हो गया था तो मैंने उसे उल्टा होने को कहा और उसकी गांड के छेद पर वेसलिन लगाकर उसमें अपनी एक उंगली डालकर उसे आगे पीछे करना शुरू कर दिया।

उसकी गांड का छेद बहुत छोटा था और अब उसे दर्द होने लगा था और वो कहने लगी कि ऐसा नहीं करो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है। फिर मैंने कहा कि जानेमन थोड़ा सा दर्द बर्दाश्त करो फिर मज़ा ही मज़ा आएगा। फिर कुछ देर तक ऐसा करने के बाद उसे भी मज़ा आने लगा। अब मैंने आहिस्ता-आहिस्ता उसकी गांड में अपनी दो उंगलियाँ, फिर तीन उंगलियाँ डाल दी और उसकी गांड मारता रहा।

फिर जब मैंने देखा कि अब उसकी गांड मेरा लंड लेने के काबिल हो गयी है, तो मैंने अपने लंड पर अच्छी तरह से वेसलिन लगाकर उसे उसकी गांड के छेद पर रखा और आहिस्ता से अंदर डालना शुरू किया, तो मेरे लंड का टोपा ही बड़ी मुश्किल से अंदर गया था कि तभी उसे तकलीफ़ होने लगी और वो कहने लगी कि बाहर निकालो वरना में मर जाऊंगी।

फिर मैंने उसी पोज़िशन में रुककर उसका मुँह तकिए पर रखा, ताकि उसकी आवाज़ ना निकल सके और फिर अपनी पोज़िशन लेकर एक जोरदार झटका मारा तो मेरा आधा लंड उसकी गांड में घुस गया। अब उसकी आँखे बाहर निकल आई थी और उनसे आँसू बहने लगे थे। अब वो बुरी तरह से तड़पने लगी थी।

फिर मैंने इसी पोज़िशन में उसके ऊपर लेटकर उसके होंठो को चूसना शुरू किया और उसके बूब्स दबाता रहा। फिर क़रीब 5 मिनट के बाद उसके आँसू आने बंद हुए और अब उसे दर्द की जगह कुछ मज़ा महसूस हुआ और अब उसने अपनी गांड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया था। यह देखकर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता उसकी गांड मारना शुरू किया और फिर अपनी स्पीड बढ़ाता चला गया और एक और झटके से अपना पूरा लंड उसकी गांड में डाल दिया।

अब वो थोड़ा सा चीखी और फिर उसे भी मज़ा आने लगा और फिर क़रीब 35 मिनट तक में उसकी गांड मारता रहा। अब इस दौरान में एक बार उसकी गांड में झड़ चुका था और अब में पूरी तरह से पसीने में नहा रहा था, लेकिन उसकी गांड इतनी नर्म और ज़बरदस्त थी कि मेरा उसे छोड़ने का दिल ही नहीं कर रहा था। दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर क़रीब 50 मिनट तक उसकी गांड मारने के बाद में दूसरी बार फिर से झड़ गया और अपना लंड उसकी गांड में ही डालकर उसके ऊपर लेट गया। अब मुझे बहुत थकान हो रही थी और उसका भी बुरा हाल था, लेकिन में अभी तक गर्म था तो मैंने उसे किस करना शुरू कर दिया, तो कुछ देर के बाद मेरा लंड उसकी गांड में ही दुबारा से खड़ा हो गया।

फिर मैंने एक बार फिर से उसकी गांड मारना शुरू कर दिया और अब की बार में 1 घंटे तक उसकी गांड मारता रहा और फिर उसकी गांड में ही झड़ गया। फिर जब मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो वो मेरे वीर्य और उसकी गांड की गांड की गंदगी से भरा हुआ था।

अब मुझे बहुत थकान हो रही थी, लेकिन फिर भी में उसे गोद में उठाकर बाथरूम में ले गया, क्योंकि वो खुद चलकर आने की पोज़िशन में नहीं थी और उसकी गांड, चूत और अपने लंड को अच्छी तरह से साफ किया और फिर उसे गाउन पहनाकर अपनी चड्डी पहनकर उसे उसके रूम तक सहारा देकर उसे उसके बेड पर सुलाकर अपने रूम में आ गया और सो गया। फिर उसके बाद क़रीब 4 दिन तक में उनके घर पर ही रहा और यह खेल रोज जारी रहा ।।

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दोस्त की बहन की जानलेवा चुदाई

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