कोई साथ में देख ना ले

कोई साथ में देख ना ले

दिनेश कटारिया
दोस्तो, मेरा नाम दिनेश है। मैं पूना में रहता हूँ और एक आईटी कंपनी में कंप्यूटर अभियंता के पद पर काम करता हूँ। मैं हमेशा अन्तर्वासना की सभी कहानियाँ पढ़ता हूँ।
ऐसी ही एक घटना आज मैं आपको मेरे जीवन की एक सच्ची कहानी के रूप में बताने जा रहा हूँ।
बात उन दिनों की है जब मैं अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था। मेरे घर के बाजू वाले घर में एक लड़की रहती थी जिसका नाम निशा था। उनके घर में वो उसकी मम्मी और दादी के साथ कुल तीन लोग रहा करते थे। उसके पिताजी का देहांत हो चुका था।
निशा दिखने में मस्त माल थी, एकदम दुबली, गोरी थी वो चुदक्कड़ भी थी, उसके उस वक़्त बहुत किस्से थे, एक तो मेरे चचेरे भाई के साथ भी था।
मुझे इसके बारे में सब पता था, यह वो जानती थी लेकिन कभी जाहिर नहीं करती थी।
मेरा क्या था.. मुझे भी तो अपनी और अपने लण्ड की प्यास बुझानी थी एक अदद चूत की जरूरत थी, फिर वो कैसी भी हो।
यह बात वो भी अच्छी तरह से जानती थी कि मेरे मन में क्या है।
एक दिन वो अपने घर की गैलरी में खड़ी थी, वो कुछ नर्वस सी लग रही थी, तो मैंने पूछा- क्या हुआ?
तो उसकी आँखों में पानी आ गया और वो घर के अन्दर चली गई।
बाद में उसने मुझे फोन किया और बोली- मुझे तुमसे कुछ बात करनी है।
तो मैं बोला- करो!
तो बोली- यहाँ नहीं… तुम कल मेरे कॉलेज में आ जाओ!
फिर दूसरे दिन सुबह मैं उससे मिलने कॉलेज गया।
तो वो बोली- यहाँ नहीं.. हम कहीं और चलते हैं।
तो उसे बाइक पर बिठा कर मैं आगे बढ़ा, मैंने उसे पूछा- कहाँ जाना है!
तो वो बोली- जहाँ तू ले जाए! बस हमें कोई साथ में देख ना ले!
तो मुझे पता चला कि शायद यह चुदवाना चाहती है, मैंने एकदम से पूछा- क्या फिर किसी लॉज में चलें?
तो उसने थोड़ा झिझकते हुए कहा- ठीक है!
क्या बताऊँ दोस्तो, मैं तो अचानक सातवें आसमान पर पहुँच गया!
हमारे यहाँ खड़कवासला के पास बहुत लॉज हैं, हम वहाँ पर चले गए।
वहाँ पहुँचते ही मैंने एक लॉज में एक कमरा लिया और कमरे में चले गए। हम दोनों बेड पर बैठ गए और थोड़ी देर दोनों ही कुछ शांति से बैठ गए।
मेरा तो मन मचलता ही जा रहा था, जिसको ख्यालों में सोच कर मुठ मारा करता था वो आज मेरे साथ एक बिस्तर पर थी।
ठंडी का मौसम होने की वजह से काफी ठंड महसूस हो रही थी। फिर उसे कुछ न बोलते देख कर मैंने उसे पूछा- बोलो.. क्या बोलना था तुम्हें?
तो उसने कहा- बोलना तो बहुत है, लेकिन मैं सोच रही थी कि तुम खुद समझ जाओगे।
मैं तो समझ ही चुका था, तो मैंने ज्यादा समय ना गँवाते हुए अपना हाथ उसके हाथों पर रख दिया और धीरे-धीरे उसे सहलाने लगा तो वो तुरंत मेरे गले से लग गई और बड़बड़ाने लगी- मुझे तुम बहुत अच्छे लगते हो… आई लव यू!
तो मैंने भी उसे ‘आई लव यू’ कहा और वो मेरे गालों को चूमने लग गई।
मैं भी इसी इंतजार में था, मैंने भी उसे चूमना शुरू कर दिया, उसके होंठों पर होंठ रख दिए और धीरे-धीरे उसके मुँह में जीभ डाल कर चूमने लगा।
तब तक वो मस्त हो चुकी थी, तो मैंने उसे नीचे लिटाया और उसे चूमते हुए उसके मम्मे दबाने लगा।
दोस्तो, क्या मस्त मम्मे थे उसके! ज्यादा बड़े भी नहीं और छोटे भी नहीं!
धीरे से उसने कहा- चादर ऊपर ले लो!
तो मैं चादर ओढ़ कर उसके बगल में लेट गया। फिर उसे चूमते हुए उसकी कमीज के अन्दर हाथ डाल कर उसके मम्मे दबाने लगा और उसको कमीज उतारने के लिए कहा, तो उसने उठ कर अपनी कमीज उतार दी।
मैंने भी तब तक अपने पूरे कपड़े उतार कर चड्डी बनियान में ही उसके साथ लेट गया और फिर देर ना करते हुए उसकी ब्रा को भी निकाल दिया।
अब मैंने उसके एक मम्मे को चूसने के लिये होंठ लगाए, तो वो एकदम सिसक गई। मुझे उससे बहुत जोश आ गया और मैं चूसते हुए एक मम्मा दबाने लगा। उससे वो काफी गरम हो चुकी थी। वो आंखें बंद करके पूरा मजा ले रही थी।
तो ऐसा करते हुए मैं उसके ऊपर टांग चढ़ा कर उसकी छाती और पेट को चूसने लगा। वो अपना आपा खो चुकी थी और मेरा पूरा साथ देते हुए मेरी बनियान निकाल कर अपने पास चिपका कर जोर-जोर से मेरी गर्दन और छाती को चाट रही थी।
वैसे ही मैंने नीचे उसकी चूत पर हाथ रख दिया, तो उसने मेरा हाथ हटाते हुए अपनी सलवार निकाल दी।
क्या लग रही थी वो… एकदम अप्सरा यारों!
देर ना करते हुए मैंने भी अपनी चड्डी निकाल फेंकी और उसकी चड्डी की तरफ हाथ बढ़ाते हुए उसे निकालने लगा, तो उसने खुद उसे निकाल फेंकी।
अब मैं उसके ऊपर फिर लेट गया और चुसाई करने लगा, तो उसने कहा- अब रहा नहीं जा रहा.. अपना लण्ड मेरी चूत में पेल दो!
पर मैंने इन्कार करते हुए कहा- अभी तो शुरुआत हुई है और तुम डालने की बात कर रही हो!
तो उसने कहा- फिर अब क्या करोगे?
तो मैंने उससे कहा- तुम आज सिर्फ मजा लो.. मेरी जान!
और यह कहते हुए मैं उसकी दोनों टांगों के बीच में चला गया। उसकी एकदम चिकनी चूत रस से भरी थी, जैसे ही मैं उसकी चूत चाटने लगा वो एकदम से वो हिल गई क्योंकि उसे वो एकदम अजीब सा लगा और जैसे मैं चाटता जा रहा था वो अपनी गांड उठा-उठा कर उछाल रही थी और बड़बड़ा रही थी- यह क्या कर दिया मुझे… एकदम पागल कर दिया.. आज तुमने… चाटो और जोर से चाटो… खा जाओ आज.. इस चूत को.. बहुत तड़पी है ये तुम्हारे लिए.. आ..हह..ऊ प्लीज.. चाटो!
उसने एकदम से मेरे सर को अपनी चूत में दबाते हुए अपना पानी मेरे मुँह में छोड़ दिया। मैं उसे चाटते हुए मजा लेता रहा।
फिर वो कहने लगी- मुँह से जो आग मेरे बदन में लगाई है.. आ जाओ अपने इस मोटे लण्ड से बुझा दो दिनेश!
मैं उसके बदन को चूमते हुए उसके होंठों को चूसने लग गया।
तभी उसने नीचे मेरे लण्ड पर हाथ रख कर सहलाते हुए अपनी भीगी चूत पर रगड़ने लगी और धीरे से उसने मेरा लण्ड अपनी रस भरी चूत में घुसा दिया।
क्या मस्त अनुभव था!
उसकी गीली चूत में अन्दर जाते-जाते मेरा लण्ड भी पूरा गीला हो गया था। पूरा अन्दर गया भी नहीं था कि वो बोली- मुझे दर्द हो रहा है… रुक जाओ!
मैं समझ गया कि आज इसे बहुत ही बड़े लौड़े का सामना करना पड़ रहा है, पर ध्यान ना देते हुए मैंने पूरा लण्ड उसकी चूत में घुसा दिया।
वो एकदम से तड़प उठी और मुझे निकालने के लिए कहने लगी।
पर मुझे निकालना होता तो डालता ही क्यों! दो मिनट रुकने के बाद उसकी गीली चूत में धीरे-धीरे मैं अपना लण्ड अन्दर-बाहर करने लगा, तो उसे भी मजा आने लगा और फिर जो उसने मजा लेना शुरू किया वो देख कर मैं दंग रह गया।
मेरी गांड को ऊपर से दोनों हाथ डाल के जोर-जोर से मुझे अपनी चूत पर खींच कर चिल्लाने लगी- चोदो… और जोर से… फाड़ दो.. आज मुझे नहीं पता था तू इतना मस्त चोदता है… वरना आज तक कितनी बार तेरे नीचे आ जाती…चोद… मेरे राजा आज से मेरी चूत तेरे नाम… चोद..ना और जोर से.. चोद..आह्ह..हह!
शायद वो झड़ गई थी, क्योंकि पूरा अन्दर ‘फ़चा.. फच’ की आवाज आ रही थी और वो मुझे जोर-जोर से अपने मुँह में मुँह डाल कर चूस रही थी।
मुझे तो अभी झड़ने में कुछ वक़्त था, तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ाते हुए उसके पाँव अपने कंधे पर लेकर अपनी स्पीड बढ़ाते हुए फिर चोदने लगा।
अब वो भी फिर से तैयार हो गई थी और उसे काफी मजा आ रहा था। शायद मेरी स्पीड के साथ वो भी अपनी गांड उठाने कर स्पीड बढ़ा रही थी और फिर मैं झड़ने ही वाला था।
मैंने उससे पूछा- कहाँ.. छोड़ दूँ?
तो उसने कहा- मुझे तो इसे अपनी चूत में ही भरना है, पर मैं गर्भ से ना हो जाऊँ, तो डर लगता है।
तो मैंने अपना माल उसकी चूत में ही भर डाला और उसके ऊपर ही ढेर हो गया। मैंने उससे कहा- मैं तुम्हें ‘आइ-पिल’ गोली दूँगा, वो खा लेना!
मेरे ऐसा कहते ही उसने अपने होंठों को मेरे होंठों से मिलाते हुए एक चुम्मी दे दी। और जब मैंने अपना लण्ड उसकी चूत से बाहर निकाला तो उसकी पूरी जाँघों में हम दोनों का कामरस उतर आया। फिर उसने अन्दर गुसलखाने में जाकर सब साफ कर लिया।
बाहर आने के बाद मुझसे बोली- मैं बहुत दिन से तुम्हारे साथ ये सब करने के लिए तड़प रही थी।
तो मैंने पूछा- क्यों?
तो जवाब मैं उसने कहा- मैंने तुम्हें उस दिन मुठ मारते हुए देख लिया था और तब से मैं तुम्हारे लण्ड के सपने देख रही थी और आज आखिर मैंने उसे पा ही लिया।
उसके बाद हमने बहुत बार अलग-अलग तरीकों से चुदाई की। अभी उसकी शादी हो गई है, तो मिलना नहीं होता है।
दोस्तो, मैंने और भी कई लड़कियों के साथ चुदाई का मजा लिया है, वो अब मैं आगे कभी बताऊँगा। मेरी यह कहानी अगर आपको पसंद आई हो तो प्लीज अपनी राय जरूर भेजना।
[email protected

Advertisement
]

#कई #सथ #म #दख #न #ल

Leave a Comment

Open chat
Secret Call Boy service
Call boy friendship ❤
Hello
Here we provide Secret Call Boys Service & Friendship Service ❤
Only For Females & ©couples 😍
Feel free to contact us🔥
Do Whatsapp Now