जन्मदिन के तोहफे में मिली कुंवारी चूत


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जन्मदिन के तोहफे में मिली कुंवारी चूत

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हैलो दोस्तो, मेरा नाम दीपक है और मैं हरियाणा के सोनीपत ज़िले का रहने वाला हूँ।

मैं अन्तर्वासना का एक नियमित पाठक हूँ और मैंने यहाँ प्रकाशित लगभग सभी कहानियाँ पढ़ी हुई हैं। उन्हीं से प्रेरित होकर आज मैं अपनी पहली कहानी यहाँ लिख रहा हूँ।

बात उन दिनों की है जब मैं अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर रहा था। मेरे साथ पढ़ने वाले एक दोस्त की दुकान थी.. तो मैं क्लास पूरी होने के बाद उसके साथ उसकी दुकान पर चला जाता था।

एक दिन मैंने देखा कि उसने एक बहुत ही खूबसूरत लड़की को रिसेप्शनिस्ट रख लिया है। मैं तो उसको पहली बार देखते ही फ़िदा हो गया। बिल्कुल दूध जैसी सफ़ेद.. लाल होंठ और कसा हुआ बदन.. जिसको देखते ही लण्ड में हलचल मच गई।

उसको देखकर मैंने ‘हैलो’ कहा और जवाब में उसने भी ‘हाय’ बोला और काम में लग गई।

अब तो हर दिन उससे मिलने के लिए दुकान पर जाने लगा और धीरे-धीरे उससे बातें बढ़ाने लगा।
कुछ दिनों में हम अच्छे दोस्त बन गए और एक दिन मैंने उससे उसका मोबाइल नंबर माँगा.. तो उसने दे दिया। उसके बाद हमारी फ़ोन पर बातें होने लगी।

मैं उसको पसंद करने लगा था और एक दिन मैंने उसको प्रपोज़ कर दिया.. तो उसने भी ‘हाँ’ कर दी। मैं बहुत खुश हुआ और अगले दिन दुकान में एकान्त पाते ही मैंने उसको बाँहों में भर लिया और उसके लाल होंठों पर एक लंबा चुम्बन किया।

फिर फ़ोन पर हमारी बातें धीरे-धीरे सेक्स चैट में बदल गईं।
एक दिन मैंने उसको सेक्स करने के लिए कहा.. तो उसने कहा कि वो भी मिलना चाहती है.. पर मेरे लिए एक सरप्राइज है और मैं इंतज़ार करूँ।

फिर एक दिन मेरा इंतज़ार खत्म हुआ। मेरे जन्मदिन के दिन उसने मुझे विश किया और कहा- आज मुझे मेरा सरप्राइज गिफ्ट मिलेगा।

दिन में उसने मुझे फ़ोन करके अपने घर बुलाया। मैं घर गया तो उसने दरवाजा खोला। वो जीन्स-टॉप में सामने खड़ी थी और बिल्कुल परी जैसी लग रही थी।
और हाँ दोस्तो.. मैं प्यार से उसको परी ही बुलाता हूँ।

अन्दर जाने के बाद उसने मुझे बाँहों में लिया.. एक लिप किस किया और मुझे जन्मदिन विश किया। मुझे वहीं बिठा कर अन्दर चली गई।
थोड़ी देर बाद वो बाहर आई.. तो एकदम मस्त लग रही थी, गुलाबी रंग की ब्रा-पैंटी में एकदम कयामत लग रही थी।

उसको देखते ही मैंने उसे बाँहों में भर लिया और चूमने लगा। मैंने उसको करीब 10 मिनट तक किस किया.. फिर उसको बाँहों में भरके उठा कर बिस्तर पर ले गया।
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मैंने अपने कपड़े उतारे और सिर्फ अंडरवियर में उसके ऊपर लेट गया और किस करने लगा और फिर एक हाथ से उसकी चूचियों को दबाने लगा.. एक चूची को पीने भी लगा।

ऐसा करने से वो बहुत गर्म हो गई थी और मुझे अपने ऊपर दबाने लगी थी। मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया और देखा कि उसकी चूत एकदम साफ़ थी और एकदम गुलाबी चूत थी।

मैं होंठों से उसकी चूत पर चूमने लगा और जैसे ही एक ऊँगली अन्दर डालने लगा.. तो वो चिहुँक गई।
जब उसने बताया कि वो वर्जिन है.. यह बात सुनकर मेरी तो किस्मत ही खुल गई।

अब मैं उसकी चूत को चाटने लगा और जीभ से उसकी चुदाई करने लगा। ऐसे करने से वो जल्दी ही मेरे मुँह में झड़ गई.. मजा आ गया उसकी कुंवारी चूत का पानी पीकर।

फिर मैंने अपने लण्ड पर क्रीम लगाकर उसकी चूत पर रखकर हल्का सा झटका लगाया.. तो मेरे लण्ड का अगला हिस्सा उसकी चूत में घुस गया और उसकी जोरदार चीख निकल गई।

उसकी चूत की सील टूट गई थी.. जिससे खून निकलने लगा था। थोड़ी देर तक मैंने उसको चूमचात कर शान्त किया.. तो कुछ देर में जब उसने कहा कि अब दर्द नहीं है.. तो मैंने एक जोरदार झटका मारा और पूरा लण्ड उसकी चूत में घुसेड़ दिया। फिर चला चुदाई का धकापेल दौर!

कुछ ही मिनट की चुदाई में वो झड़ चुकी थी और अब मैं भी झड़ने वाला था।
मैंने उससे पूछा.. तो उसने कहा- अन्दर ही झड़ जाओ.. मैं दवाई ले लूँगी।

उसके बाद 15-20 झटकों में मैं उसकी चूत के अन्दर ही झड़ गया और उसके ऊपर लेट गया।
अब मैं अपनी साँसों को नियंत्रित करने लगा।

उसके बाद हमने अपने कपड़े पहने और मैं जाने लगा… तो उसने पूछा- कैसा लगा बर्थ-डे गिफ्ट?

मैंने उसको बाँहों में भर लिया और उसको ‘आई लव यू’ कहा और अपने घर आ गया।

उसके बाद मैंने कैसे उसकी सहेलियों के साथ सेक्स किया.. ये सब अगली कहानी में लिखूंगा।

दोस्तो, यह थी मेरी पहली कहानी.. आपको कैसी लगी.. मुझे जरूर बताइएगा, मुझे आप सबकी ईमेल का इंतज़ार रहेगा।
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