देवर भाभी सेक्स: भैया नर्म और देवर भाभी गर्म

देवर भाभी सेक्स: भैया नर्म और देवर भाभी गर्म

अन्तर्वासना के सभी दोस्तों को मेरा प्यार भरा नमस्कार.. मेरा नाम देवेश है और मैं उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर से हूँ। यह मेरी पहली चुदाई की कहानी है देवर भाभी सेक्स की!

मेरे घर में मैं, मेरे बड़े भाई और मम्मी-पापा बस 4 लोग ही हैं। हमारा परिवार एक बेहद सामान्य परिवार है। देखने में मैं ठीक-ठाक हूँ.. मेरी हाईट करीब 6 फिट है। मैं न ज्यादा गोरा न ज्यादा काला हूँ।

बात उन दिनों की है.. जब मैं करीब 20 साल का था, तब मेरे बड़े भाई की शादी तय हो गई। शादी के बाद भाभी घर में आ गईं।

मैं बहुत खुश था कि चलो अब हम भी भाभी से अपनी सारी बातें शेयर कर सकेंगे। वैसे मेरी भाभी मेरे की उम्र की थीं।

मेरी भाभी दिखने में एकदम कयामत लगती थीं। मेरी भाभी की हाईट मुझसे थोड़ी कम थी और उनका फिगर करीब 34-28-36 का था। मतलब कुल मिला कर हम ये कह सकते हैं कि वो एक मस्त माल थीं।
उनके घर में आने के बाद से ही मैंने ठान लिया था कि मैं उनको जरूर चोदूँगा।

कुछ दिन इसी तरह बीत गए.. भाभी अपने मायके चली गईं। फिर जब उन्हें दुबारा लाना हुआ, तो सब लोगों ने मुझे भाभी के घर भेजा।

जब मैं रास्ते में उनको बाइक पर लेकर आ रहा था तो कभी-कभार सड़क पर गड्डों के कारण उनके उरोज मुझसे टकरा जाते.. तो मैं बड़ा खुश हो जाता था। कुछ देर बाद मैं भी जान-बूझकर कभी-कभार ब्रेक मार देता तो भाभी मुझसे चिपक जातीं।

जब मैं ये बार-बार करने लगा तो भाभी ने कहा- क्या बात है देवर जी.. आज रास्ते में कुछ ज्यादा ही खड्डे मिल रहे हैं?
मैं तो एकदम से सन्न रह गया, मैंने कहा- नहीं भाभी.. ऐसी तो कोई बात नहीं है।

इसके बाद मैं कुछ देर तक चुप रहा और कायदे से बाइक चलाता रहा।

फिर थोड़ी देर बाद भाभी बोलीं- देवर जी आपकी कोई गर्लफ्रैंड है क्या?
मैंने कहा- नहीं भाभी.. हमारी किस्मत में कहाँ कि कोई हमारी गर्लफ्रैंड हो।
वो अपनी कसम देकर पूछने लगीं- सही-सही बताओ.. आपको मेरी कसम है।

मैंने बताया- हाँ भाभी मेरी एक गर्लफ्रैंड है तो सही.. लेकिन हम लोग सिर्फ दोस्त हैं और कुछ नहीं।
तो भाभी चुटकी लेते हुए बोलीं- और क्या होता है..? सब लोग दोस्त ही तो होते हैं।
मैंने कहा- भाभी मैं उससे प्यार भी करता हूँ.. मगर ये उससे बोल नहीं पाता हूँ.. बताओ मैं क्या करूँ?

भाभी ने मुझे समझाया कि जो भी आपके दिल में है.. उसे जाकर बोल दो.. हो सकता है वो भी तुम्हें चाहती हो, मगर बोल न पाती हो।
तभी मैंने पूछा- भाभी आपको मेरी कसम है.. सच बताना.. क्या आपने भी कभी किसी से प्यार किया है?

पहले तो भाभी ने टालने की कोशिश की लेकिन मेरे जिद करने पर उन्होंने मुझे बताया कि वो भी किसी से प्यार करती थीं और उसी से शादी भी करना चाहती थीं मगर उनके पापा ने जबरदस्ती उनकी शादी मेरे भैया से करा दी।
उसके बाद भाभी ने हमें अपनी कसम दिलाई कि ये बात मैं किसी को नहीं बताऊँ।

Hot Story >>  लेस्बो मकान-मालकिन की चूत की प्यास -2

मैं मान गया और हम लोग घर आ गए।

इसके बाद मैं भाभी से कुछ ज्यादा ही खुल के बात करने लगा और हंसी-मजाक भी करने लगा।

कुछ दिन बाद मेरी नानी का देहांत हो गया तो भैया मम्मी को लेकर मामा के घर चले गए, मेरी भाभी ही घर पर थी।
जब मैं बाहर से आया तो भाभी ने मुझे सारी बात बताई। नानी के देहांत की बात जानकर मैं भी थोड़ा दुखी हो गया।

मुझे दुखी देख कर भाभी ने कहा- दुखी क्यों होते हो देवर जी.. मन हल्का न करो।
मैंने कहा- भाभी मुझे नानी से बड़ा प्यार था.. आज रात तो मुझे उनकी याद में नींद ही नहीं आएगी।
भाभी बोलीं- आज रात में हम दोनों ही घर में रहेंगे.. मैं आपका मन बहलाने के लिए आपसे सारी रात बातें करूँगी।
मैं भी बोला- कैसी बातें करोगी भाभी?
भाभी थोड़ा हँस कर बोलीं- जैसी बातें करने का आपका मन होगा.. आप भी मुझे वैसी ही बातें कीजिएगा।

मैंने देखा कि भाभी भी आज मूड में हैं तो मैंने भी सोचा कि आज भाभी के साथ चुदाई करने का सही समय है।
मैं भाभी से बोला- भाभी एक बात बोलूँ?
भाभी बोलीं- हाँ, बोलिये ना देवर जी।
मैंने कहा- भाभी आप मुझे बड़ी सुन्दर लगती हो.. मैं आपसे प्यार करता हूँ.. आई लव यू भाभी!

भाभी का तो जैसे बुरा हाल हो गया था.. वो बोलीं- ये आप क्या बोल रहे हो देवर जी?
मैंने बोला- आपने ही तो कहा था कि जिससे प्यार करो.. उसे सच बोल दो.. तो मैंने बोल दिया। अब आप बताओ.. क्या आपको मेरा प्यार स्वीकार है?
फिर भाभी होंठ दबा कर बोलीं- मैं सोच कर बताऊँगी।

उसके बाद वो अपनी गांड मटकाते हुए अन्दर चली गईं।
दोस्तो, उस समय मेरी क्या हालत हुई.. मैं आपको बता नहीं सकता। मुझे उम्मीद तो थी कि भाभी मान जाएंगी.. पर न जाने क्यों डर भी लग रहा था कि कहीं भाभी घर में सभी को ये बातें बता न दें।

खैर.. किसी तरह शाम हुई, मैं छत पर टहल रहा था.. तभी भाभी खाना आदि बना कर ऊपर छत पर आईं और बोलीं- देवर जी खाना बन गया है.. चलो खाना खा लो।

मैंने किसी तरह हिम्मत जुटा कर फिर बोला- भाभी आपने अभी तक जवाब नहीं दिया?
तो भाभी ने कहा- अरे यार चलो पहले खाना खा लो.. फिर बताती हूँ।

मैं उनकी बिंदास भाषा सुनकर थोड़ा खुश हुआ और उनके साथ नीचे चला आया और नीचे जाते ही मैंने डरते-डरते भाभी को अपनी बांहों में जकड़ लिया और एक पप्पी ले ली।

Hot Story >>  कोमल की कोमलता

भाभी ने भी हँस कर पप्पी का जवाब पप्पी से दिया.. तो मैं तो एकदम से दंग रह गया।
फिर भाभी बोलीं- देवर जी प्यार तो मैं भी आपसे बहुत करती हूँ.. मगर जमाने से डरती हूँ।
मैं बोला- भाभी जमाने को बताएगा कौन? अब आप मत डरो.. चलो अब हम दोनों खूब प्यार करेंगे।

उसके बाद मैंने भाभी के होंठों को किस किया, तो भाभी ने भी किस का जवाब उसी गर्मजोशी के अंदाज में दिया।
मैं तो जैसे पागल ही हो गया.. मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया।

मैंने कहा- भाभी अब जरा मुझे अपना दूध भी पिला दो ना।
भाभी ने कहा- देवर जी आज आप जो कहोगे सब आपको पिलाऊंगी।

मैंने भाभी के ब्लाउज को उतारा.. भाभी ने अन्दर ब्रा बहन रखी थी।
कसम से भाभी की क्या मस्त रसभरी चुची थीं.. मेरा तो मानो बुरा हाल हो गया। मैंने आज तक कभी किसी लड़की की नंगी चुची असल में देखी ही नहीं था, बस ब्लू-फिल्मों में सन्नी लियोनी की चुची को देख कर ही मुठ मार किया करता था।

मैंने कुछ देर तक भाभी की चुची को खूब मसला.. फिर उनकी ब्रा भी उतार दी। ब्रा खुलते ही भाभी के दूध आजाद होकर उछलने लगे।
मैं तुरंत एक आम को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा।

भाभी भी एकदम मस्त हो चुकी थीं, उनकी भी हालत ख़राब होने लगी थी।
अब मैं अपना हाथ धीरे-धीरे नीचे ले गया और ऊपर से ही उनकी चुत को मसलने लगा।

भाभी ‘उह आह..’ की आवाज निकालने लगीं और बोलीं- देवर जी आज मुझे खूब जमकर चोद दो.. आज मैं मस्त होकर चुदना चाहती हूँ।

मैंने भाभी का पेटीकोट निकाल दिया.. अब भाभी सिर्फ पेंटी में मेरे सामने अपना जलवा बिखेर रही थीं। संगमरमर की तरह भाभी का चिकना और गोरा शरीर देख कर मेरा तो एकदम बुरा हाल हो गया था।

मैंने भाभी की पेंटी को भी उतार दिया तो भाभी मेरे सामने खजुराहो की नंगी मूरत के समान खड़ी थीं। मैंने भाभी को बिस्तर पर लिटा दिया और झट से उनकी चुत में उंगली डाल दी।

मैंने देखा कि भाभी चुत में उंगली पाकर एकदम से गर्म हो उठी थीं और उनकी चुत एकदम गीली हो गई थी। मैंने भाभी के पैर फैला कर उन्हें चित लिटा दिया.. फिर उनकी चुत में जैसे ही अपना मुँह लगाया तो भाभी ने कहा- बस देवर जी.. इसी की चाहत ने मुझे पागल बना दिया है। आपके भैया मेरी चुत कभी मुँह में लेते ही नहीं हैं.. मैं इसके लिए हमेशा से ही तरसती रही हूँ। आज आपने मेरी तमन्ना पूरी कर दी।

मैं करीब पांच मिनट भाभी की चुत को चाटता और निचोड़ता रहा। फिर भाभी एकदम से अकड़ने लगीं और उन्होंने एकदम से मेरा सर अपनी चुत में दबा लिया।
तभी मुझे लगा कि भाभी के चुत से कुछ चिपचिपा सा निकला.. मैं उसे अमृत समझ कर पी गया.. सच में मुझे बड़ा मजा आया।

Hot Story >>  बिन्दास भाभी की चूत की खाज

भाभी झड़ कर निढाल हो चुकी थीं.. पर मैं अब भी चुत चाट रहा था।
थोड़ी देर बाद भाभी फिर से मूड में आ गईं और बोलीं- अब मेरी बारी है।

मैंने भी तुरंत अपना लौड़ा निकाला और भाभी के मुँह में लगा दिया। भाभी भी एकदम किसी लॉलीपॉप की तरह मेरे लंड को चूसने लगीं। कुछ ही देर में मेरा भी पानी निकल गया और मैं थक सा गया।

भाभी मेरी मलाई चाटने के बाद भी मेरे लंड को चूस रही थीं.. इससे हुआ ये कि कुछ देर बाद मैं फिर से मूड में आ गया।
भाभी बोलीं- देवर जी अब और न इन्तजार कराओ।

मैंने भाभी को बिस्तर पर लिटा कर उनके कमर के नीचे तकिया लगा दिया। फिर जैसे ही अपना लंड उनकी चुत पर रखा तो भाभी हल्के से सिहर गईं।

मैंने पहले धक्के में ही आधा लंड भाभी की चुत में पेल दिया। एकदम से लंड घुसा तो भाभी की चीख निकल गई। थोड़ी देर बाद मैंने दूसरा धक्का मारा और पूरा लंड अन्दर डाल दिया।
अब भाभी को भी मजा आने लगा। भाभी लगातार ‘आह उम्म्ह… अहह… हय… याह… उह्ह्ह्ह..’ करते हुए चुदवा रही थीं।

करीब दस मिनट की धकापेल चुदाई के बाद भाभी बोलीं- डार्लिंग मुझे जोर-जोर से चोदो.. मेरा पानी निकलने वाला है।
मैंने भाभी के दोनों पैर अपने कंधे पर रख के अपना लंड अन्दर-बाहर किया तो भाभी गनगना कर बोलीं- देवर जी आप तो चुत चोदने में एकदम माहिर लगते हो।

मैं हँस दिया और उन्हें जोर-जोर से चोदने लगा और करीब 5 मिनट बाद भाभी का पानी निकल गया। उनकी गर्मी से मेरा लंड भी पिघल गया और मेरा भी पानी छूट गया।

उस रात मैंने भाभी को 3 बार चोदा।

इसके बाद तो जब कभी भी समय और मौका मिलता, हम दोनों चुदाई में लग जाते।

चूंकि भैया भी अपने काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहने लगे थे तो अब जल्दी-जल्दी चुत चोदने का मौका मिलने लगा था।

हम दोनों कभी भी मौका नहीं गंवाते हैं और रात-रात भर चुदाई का मजा लेते रहते हैं, इसी चुदाई से आज भाभी को एक बच्चा भी हो गया है।

दोस्तो, तो यह थी मेरी भाभी संग चुदाई की कहानी.. प्लीज आप मुझे जरूर बताइएगा कि मेरी सेक्स कहानी आपको कैसी लगी।
अभी भाभी की बहन की चुदाई की कहानी भी बाकी है.. अगर आप लोगों को यह कहानी पसंद आई तो फिर भाभी के बहन की चुदाई की कहानी भी बताऊंगा। आप जरूर बताइएगा..
[email protected]

#दवर #भभ #सकस #भय #नरम #और #दवर #भभ #गरम

Related Posts

Add a Comment

© Copyright 2020, Indian Sex Stories : Better than other sex stories website.Read Desi sex stories, , Sexy Kahani, Desi Kahani, Antarvasna, Hot Sex Story Daily updated Latest Hindi Adult XXX Stories Non veg Story.