चंडीगढ़ की बारिश

चंडीगढ़ की बारिश

हेल्लो दोस्तो,
विक्की का आप सभी को प्यार भरा नमस्कार.

मैं 27 साल का जवान लड़का हूँ और चंडीगढ़ में प्राइवेट जॉब करता हूँ। आज से दो साल पहले फरवरी 2007 को मैंने सेक्टर 34 में एक नया घर एक पेइंग गेस्ट के तौर पर लिया। मकान मालिक घर के ग्राउंड फ्लोर पर रहते थे और मैं ऊपर की मंजिल पर अकेला रहता था। मकान मालिक के परिवार में एक 60 साल की बुजुर्ग औरत, उसका 30 साल का जवान बेटा(रितेश) और 27 साल की जवान बहू(रूचि) रहते थे। मकान मालिक की एक 18 साल की नौकरानी(कम्मो), हर रोज मेरी सुबह की चाय, ब्रेकफास्ट और डिनर ऊपर मेरे कमरे में दे जाती थी।

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मैं तब तक बहुत ही शरीफ लड़का था और अपने काम में बहुत व्यस्त रहता था। लेकिन एक दिन जब मैं सुबह नहा कर बाहर निकला तो देखा कि कम्मो दरवाजे के छेद से मुझे देख रही थी। जब मैंने दरवाजा खोला तो वो घबराकर वापिस जाने लगी, मैंने उससे पूछा- क्या कर रही थी?

तो बोली- आप की चाय लेकर आई थी.
और शरमा के कमरे से बाहर भाग गई।

उस दिन से मेरा उसको देखने का नजरिया बदल गया। अगले दिन वो जब चाय लेकर आई तो मैंने उसके शरीर को ऊपर से नीचे तक ध्यान से देखा। वो जवानी की दहलीज पे कदम रख चुकी थी, उसके स्तन छोटे छोटे अमरूदों की तरह थे और उसका कमसिन गदराया बदन किसी की भी नियत बिगाड़ सकता था, वो मुझे इस तरह नजरें गड़ा कर देखते हुए देख कर शरमा गई और हंसती हुई कमरे से बाहर निकल गई। मैं समझ गया कि लोहा गर्म है और खुद को कोसने लगा कि एक महीने से मैंने उसकी तरफ ध्यान कैसे नहीं दिया। उस रात मैं उसे चोदने के प्लान ही बनाता रहा।

अगले दिन वो जब आई तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे अपनी तरफ खींचने लगा, वो अपना हाथ छुड़ा कर भाग गई। दोस्तो, मैं बता नहीं सकता कि मेरा कैसा हाल था, मैंने सोच लिया कि आज तो इसे चोद कर ही रहूँगा और रात के डिनर का इंतजार करने लगा।

रात को वो जब डिनर लेकर आई तो मैंने उसे पकड़ लिया और अपनी तरफ खींच लिया, वो छुड़ाने की कोशिश करने लगी पर मैंने उसे बिल्कुल अपने से सटा लिया और अपना एक हाथ उसे गले में डाल लिया और दूसरे हाथ से उसके दायें चूतड़ को कस के पकड़ लिया, और इससे पहले कि वो कुछ बोले, मैंने अपने होंठ उसके गुलाबी होठों पर रख दिए और उसे चूमने लगा।

उसने भी अपने हथियार डाल दिए और मेरा साथ देने लगी। मैं 10 मिनट तक उसके होंठ चूमता रहा। मुझे लग रहा था कि मैं जन्नत की सैर कर रहा हूँ और सारी कायनात आज यहीं पर रुक जाये।

फिर मैंने उसके स्तनों पर हाथ रखा, मैं अभी उसके स्तन का साइज़ ही माप रहा था कि नीचे से रूचि ने कम्मो को आवाज लगा दी.
कम्मो मुझ से छुट कर जाने लगी तो मैंने उसे कस कर पकड़ लिया और बोला- आज नहीं छोडूंगा, आज तो तेरी जवानी का रस पीकर ही रहूँगा!
तो वो बोली- मुझे अभी जाने दो, मैं फिर आपके पास आ जाउंगी, फिर जी भर कर चोद लेना।

उस रात मैं अपने लंड की प्यास नहीं बुझा सका, मैं रात भर मुठ मारता रहा और 4 बार मुठ मरने के बाद जब लंड खड़ा होने बंद हो गया तो मैं सो गया।

अगले दिन मैं काम के सिलसिले मैं एक हफ्ते के टूर पर मुंबई निकल गया। अपना प्रोजेक्ट ख़त्म कर मैं वापिस चंडीगढ़ आ गया।

मकान मालिक के घर पर कुछ मेहमान आए हुए थे, इसलिए मुझे 4-5 दिन कम्मो को चोदने का मौ का नहीं मिला, आखिर एक हफ्ते बाद सब लोग चले गए तो एक दिन मैंने मौका देख कर कम्मो को पकड़ लिया और उसे बेड पर लिटा लिया, आज वो भी पूरे मूड में थी। उसने खुद ही मेरे होंठ चूसने शुरू कर दिए और बोली- आज तो मुझे चोद डालो, बहुत दिनों से प्यासी हूँ, उस दिन भी बीच में ही रह गए उस सड़ी सी रूचि के कारण।

मैंने उसके स्तन पकड़ लिए और कपड़ों के ऊपर से ही उन्हें मसलने लगा। उसके स्तन टाइट होने लगे और वो पूरी तरह से गरम हो गई। मैंने प्यार से उसका सूट उतार दिया और उसकी ब्रा की हुक खोल दी, उसके छोटे छोटे अमरुद आजाद हो गए, अब वो सिर्फ सलवार में थी। मैंने अपने दायें हाथ से उसके दायें स्तन के निप्पल को जोर से रगड़ दिया, उसके मुंह से हलकी सी सिसकी निकली और उसने अपना एक हाथ मेरी पैन्ट में डाल दिया, मैंने उसकी अमरुद सी चूची को चूसना शुरू कर दिया और लगभग 15 मिनट तक उसकी चूचियां चूसता रहा, वो भी पैन्ट में मेरा लौड़ा हिलाती रही।

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मैंने उसकी सलवार का नाड़ा धीरे से खोल दिया और एक ही झटके में उसकी सलवार उसके शरीर से अलग हो गई, अब वो सिर्फ पैन्टी मैं थी। मैंने पैन्टी के ऊपर से ही अपना हाथ उसकी चूत के ऊपर फिरा दिया, उसकी पैन्टी गीली हो चुकी थी, वो एक बार स्खलित हो चुकी थी। फिर मैंने अपनी पैन्ट उतार दी और अंडरवियर से अपने लंड को आजाद कर दिया, मेरा ८” लम्बा और 3″ मोटा लंड एकदम सीधा खड़ा था। मैंने उसे नीचे बिठाया और अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया, वो मेरे लंड को लोलीपोप की तरह चूसने लगी।

दोस्तो, मैं यहाँ बता दूं कि मेरा स्टेमिना बहुत ज्यादा है, मेरे नीचे आई हुई लड़की कभी मुझे छोड़ती नहीं है। कम्मो मेरा लंड लगभग आधे घंटे तक चूसती रही, अब मैं उसे चोदने के लिए तैयार था, मैंने जैसे ही उसकी पैन्टी उतरने के लिए अपना हाथ बढ़ाया, रूचि ने कम्मो को आवाज लगा दी।

कम्मो ने जल्दी जल्दी अपने कपड़े पहने और नीचे भाग गई।

उस रात मैंने अपनी चूतिया किस्मत को बहुत गाली दी कि चूत इतनी पास आकर भी मेरा लंड प्यासा रह गया।

अगले दिन जब मैं शाम को काम से वापिस आया तो मेरा डिनर लेकर रूचि ऊपर आई, आज मैंने पहली बार रूचि को इतने पास से और इतने ध्यान से देखा। या खुदा…। संगमरमर सा तराशा हुआ बदन, मैंने शायद ही इतनी सुंदर औरत अपनी जिन्दगी में देखी होगी। उसका साइज़ 36-24-36 ही था। मैं तो उसे देखता ही रह गया, उसने टाइट नाईट सूट पहन रखा था, वो ऐसी बिजली गिरा रही थी कि मेरा लंड पैन्ट फाड़ कर बाहर आने को मचलने लगा। मैं एकटक उसे देख रहा था। रूचि ने मेरा खाना टेबल पर रखा और बोली कि कुछ और चाहिए क्या।

मेरे मुँह से निकल गया – आप!

फिर थोड़ा रुक कर बोला- आप चिंता मत करें, अगर मुझे कुछ चाहिए होगा तो मैं कम्मो से मांग लूँगा।

तो रूचि बोली- मैंने कम्मो को नौकरी से निकाल दिया है, जब तक कोई नया नौकर नहीं मिल जाता, मैं ही आप का खाना लाया करूंगी। यह कहकर रूचि नीचे चली गई।

उस रात मेरी कम्मो को चोदने की ख्वाहिश सदा के लिए अधूरी रह गई। पर मुझे इस बात का ज्यादा दुःख नहीं हुआ, क्यूंकि मैं रूचि को चोदने के सपने देखने लगा था, और रात भर प्लान बनाने लगा कि कैसे रूचि को चोदा जाये, एक प्लान सोचकर मैं सो गया।

सुबह मैं नहा कर तौलिये में ही बाहर निकल आया और रूचि चाय लेकर ऊपर आ गई, मेरा तौलिये में से खड़ा लंड उसे साफ़ दिख रहा था, उसने जल्दी से चाय रखी और जाने लगी, इस बीच उसने तीन चार बार मेरे तौलिये में से खड़े लंड को चोर निगाह से देखा। जब वो चली गई तो मैं अपने प्लान की कामयाबी पर बहुत खुश हुआ और डर भी रहा था कि कहीं ये मुझे भी घर से न निकाल दे। पर इतनी सुंदर माल की लेने के लिए ये एक बहुत छोटा रिस्क था।

रूचि का पति रितेश एक शराबी था और एक रात शराब के नशे में किसी से लड़ाई कर ली और पुलिस केस बन गया। पुलिस उसे पकड़ कर जेल ले गई। जब यह खबर मुझे पता चली तो मैं रूचि को साथ लेकर जेल में उसके पति से मिलने गया, फिर मैंने पुलिस से बात की तो पुलिस ने बताया कि इसने जिसे मारा है वो एक करोड़पति बाप का बेटा है और आज रात को हम इसकी बहुत बुरी तरह पिटाई करेंगे, ये सुन कर रूचि रोने लगी, तो मैंने उसके कंधे पर हाथ रख कर उसे दिलासा दी को वो चिंता न करे, फिर मैंने अपने एक दोस्त के पापा को फ़ोन लगाया, जो की पंजाब पुलिस में ऊँची पोस्ट पर है, मैंने उनकी बात उस पुलिस वाले से करवाई। बाद में पुलिस वाले ने मुझे सर कहकर बुलाना शुरू कर दिया और कहा- आप चिंता न करें, हम इन्हें कुछ नहीं करेंगे, पर केस बन गया है, हम इन्हें ऐसे ही नहीं छोड़ सकते, आप सुबह इनकी जमानत करवा लीजियेगा।

जब मैं थाने से बाहर निकला तो बहुत तेज बारिश शुरू हो गई और आप को बता दूं की चंडीगढ़ की बारिश में मौसम बहुत सुहाना हो जाता है और जिसे उस रात कोई लड़की चोदने को नहीं मिलती वो अपनी किस्मत पर बहुत रोता है। आज मेरे साथ बला की खूबसूरत लड़की तो थी पर समय सही नहीं था। मैं रूचि को लेकर घर आ गया, उसका हाल बहुत बुरा था, वो पूरा रास्ता रोती रही, यहाँ तक की कार से भी मैंने ही उसे उतारा।

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हम दोनों बारिश में पूरी तरह भीग गए थे, उसकी साड़ी उसके शरीर से चिपकी हुई थी। एक सुंदर औरत…….. बरसात की रात……. बारिश में भीगा हुआ साड़ी में लिपटा बदन……..। अब आप ही बताये क्या कोई खुद पर कण्ट्रोल कर सकता है। मैं तो मन ही मन उसे चोदने का प्लान बना रहा था और डर रहा था कि कहीं किस्मत आज भी चूतिया न निकले।

मैं उसे कार से उतार कर घर की तरफ लेकर चलने लगा, की अचानक वो मुझ से लिपट गई और बोली- थैंक्यू, आज आपकी वजह से मेरे पति बच गए नहीं तो पुलिस जाने आज क्या करती उनके साथ !

और वो तेज तेज रोने लगी, मैंने भी मौका देख उसके सर और पीठ पर हाथ फिराना शुरू कर दिया, और उसे थोड़ा और अपनी बाँहों में कस लिया। बारिश की बूंदें उसके होठों पर पड़ रही थी, मेरा खुद को रोक पाना मुश्किल हो गया और मैंने अपने होंठ उसके होठों पर रख दिए। आज तो जैसे मेरी लॉटरी ही खुल गई, उसने कोई इनकार नहीं किया, या तो बारिश ने उसका मूड बना दिया होगा, या शायद वो मेरी एहसानमंद होगी। मैंने उसे 5 मिनट तक चूसा और फिर गोद में उठा कर उसे ऊपर अपने कमरे में ले गया।

मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और अपने होठ उसके होठों से जोड़ दिए, बाहर से आती बारिश की आवाज संगीत का काम कर रही थी। हम दोनों 15-20 मिनट तक एक दूसरे के होंठ चूसते रहे, फिर मैंने धीरे धीरे उसके गले को चूमना शुरू किया, फिर साड़ी के ऊपर से ही उसकी चुचियों को चूमा, फिर उसकी नाभि को, और फिर उसकी चूत के ऊपर एक छोटी सी किस की।

आज तो मैं जन्नत में था, अगर खुदा भी आकर कहता कि चल तुझे स्वर्ग ले चलता हूँ तो आज मैं उसे भी इनकार कर देता।

मैंने उसके होठों को चूमते हुए बड़े प्यार से उसकी साड़ी उसके शरीर से अलग कर दी, फिर उसके ब्लाउज को उतार दिया और चूमते चूमते उसकी ब्रा भी उतार दी। वाह! क्या चूचियां थी उसकी, एक दिन तो इन्हीं से खेलने के लिए चाहिए, पर मैंने उन्हें 30 मिनट तक चूसा, वो भी पूरी तरह गरम हो गई थी और मेरा साथ देने लगी। उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरा ८” लम्बा और 3″ मोटा लंड देख कर हैरान रह गई। जब मैंने कारण पूछा तो उसने बताया कि उसके पति का लंड बहुत छोटा है।

फिर वो मुझसे बातें करने लगी और काफी खुल गई, आखिर में उसने बताया कि उसने मुझे और कम्मो को देख लिया था इसलिए उसने कम्मो को काम से निकल दिया, क्योंकि रूचि मेरा लंड अपनी चूत में लेना चाहती थी, उसके पति शराबी है वो कभी रूचि को संतुष्ट नहीं कर पाता और उसका लंड भी बहुत छोटा है, अभी तक उसकी झिल्ली भी अच्छी तरह से नहीं टूटी है। वो एक जवान मर्द की तलाश में थी और मुझसे चुदने का कब से प्लान बना रही थी।

मैंने उसके मुँह पर ऊँगली रख कर कहा- आज कुछ मत बोलो, आज हम दोनों का सपना पूरा हो जायेगा, पर क्या तुम मेरा लंड सह लोगी क्यूंकि मैं बहुत देर तक चोदता हूँ।

तो वो बोली- ऐसा चुदने के लिए तो मैं मर भी सकती हूँ मेरे राजा!

मैंने उसके शेष कपड़े भी उतार दिए और वो मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी, उसकी चूत को देख कर लग रहा था कि जैसे उसे किसी ने आज तक छुआ भी नहीं हो। मेरा हाथ उसकी मखमल सी चूत पर चला गया, वो बहुत गरम थी। हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और वो मजे लेकर मेरा लंड चूसने लगी, मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी चूत के ऊपरी हिस्से पर रगड़नी शुरू कर दी, इतने में ही उसने पानी छोड़ दिया, फिर मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी चूत में प्यार से धीरे धीरे डाल दी, उसके मुँह से हल्की हल्की सिसकी निकलने लगी और उसका सारा शरीर काम्पने लगा।

मैंने अपने एक ऊँगली उसकी चूत में घुमानी शुरू कर दी, थोड़ी देर में वो दोबारा स्खलित हो गई, और मेरा लंड अपने मुँह से निकाल कर बोली- अब रहा नहीं जाता जानू! अब तो मेरी चूत की प्यास बुझा दो और मुझे चोद दो!

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मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके ऊपर आ गया, मैंने अपना लंड उसकी चूत के ऊपर सटा दिया और उसकी चूत पर ही अपना लंड रगड़ने लगा और होठों से उसकी चूचियां जोर जोर से काटने लगा।

वो पूरी तरह उत्तेजित हो गई और बोली- राजा अब अन्दर डाल दो नहीं तो मैं मर जाउंगी।

मैंने कहा- अन्दर डाल दिया तो भी तुम मर जाओगी, क्यूंकि तुम्हारी चूत बहुत टाइट है।

उसने कहा- मुझे कुछ नहीं होगा बस तुम मुझे आज जम कर चोद दो। मैंने हरी झंडी पा कर अपने लंड का जोर उसकी चूत पर दबा दिया, चूत से दो बार पानी निकल जाने के बावजूद भी मेरा लंड उसकी चूत में नहीं जा रहा था, वो अपने होठ दांतों में दबाए होने वाले दर्द के लिए खुद को तैयार कर रही थी।

मैंने उसे कहा- ऐसे प्यार से ये नहीं जायेगा, मुझे थोड़ा जोर लगाना पड़ेगा, तुम्हें थोड़ा ज्यादा दर्द होगा। उसने सर हिला कर हामी भर दी। मैंने अपने हाथ उसके चूतड़ों से सटा लिए और एक जोरदार धक्का मारा। मेरा लंड 2″ उसकी चूत के अन्दर चला गया, उसके मुँह से बहुत तेज चीख निकली- आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् उईएम्म्म्ममाआआआआ…..।

मैं ऐसे ही बिना हिले डुले उसके ऊपर लेट गया और 10 मिनट तक ऐसे ही लेटा रहा, उसका सारा शरीर दर्द से कांप रहा था। 10 मिनट बाद उसने हिलना शुरू किया और नीचे से चूतड़ उठा उठा कर धक्के लगाने लगी, मैं समझ गया कि वो अब फिर से तैयार है, मैंने और जोर लगाना शुरू किया और अपना लंड 4″ तक उसकी चूत में डाल दिया। वो दर्द के मारे चीखने लगी और उसकी चूत से खून निकलने लगा

मैंने उससे कहा- आज तुम सचमुच की सुहागन बन गई हो!
पर उससे दर्द कण्ट्रोल नहीं हो रहा था और बोली- अपना लंड निकाल लो नहीं तो मैं मर जाउंगी।

मैं भी डर गया और अपना लंड उसकी चूत में से निकाल लिया। मुझे लगा कि शायद आज मैं इसकी अब और नहीं मार पाऊंगा और आज भी मेरा लौड़ा प्यासा रह जाएगा। मैंने उसके होठों को चूसना शुरू कर दिया और अपने दोनों हाथों से उसकी चूचियां जोर जोर से रगड़ने लगा।

15 मिनट में वो गरम हो गई और बोली- मैं क्या करुँ मुझ से दर्द बर्दाश्त नहीं होता।

मैंने थोड़ी देर सोच कर उससे कहा- मुझ पर भरोसा है?
तो वो बोली- जान से भी ज्यादा!

तो मैं घुटनों के बल बैठ गया और उसे अपने ऊपर आने को कहा। वो धीरे धीरे मेरे ऊपर आने लगी, जब उसकी चूत मेरे लंड के पास आई तो मैंने उसे कहा- पूरे जोर से मेरे लंड पर बैठ जाओ!

वो बोली- दर्द होगा!
मैंने कहा- मुझ पर भरोसा करो।

उसने अपनी आँखें बंद कर ली और पूरा जोर लगा कर मेरे लंड पर बैठ गई, नीचे से मैंने भी अपना लंड ऊपर उठा लिया, एक ही झटके ही पूरा लंड उसकी चूत में। उसके मुँह से तेज तेज चीखें निकलने लगी हाय मर गई… आह्ह … ऊऊऊ ओह्ह्ह माँ मार डाला …

उसका सारा शरीर पसीने से तर हो गया, उसका अंग अंग कांप रहा था। वो मुझसे छुटने की कोशिश करने लगी, पर मैंने उसे कस कर पकड़ रखा था, वो करीब 20 मिनट तक ऐसे ही बैठी रही, फिर उसने चूतड़ हिलाना शुरू कर दिया। मैंने 7″ लंड चूत से बाहर निकाला और एक ही झटके में पूरा अन्दर डाल दिया, मुझे लगा कि मेरा लंड उसकी बच्चेदानी से टकरा गया, उसके मुंह से हलकी हलकी सिसकारियां निकलने लगी।

मैंने 15 मिनट तक उसे इसी पोज में चोदा, फिर उसे डौगी स्टाइल में किया और पीछे से उसे 20 मिनट तक चोदा। इस बीच वो 2 बार स्खलित हुई, फिर मैंने उसे नीचे लिटा कर पूरी तेज रफ्तार से चोदना शुरू कर दिया, पूरा कमरा फच फच की आवाज से भर गया, करीब 30 मिनट बाद वो फिर से स्खलित हो गई, मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और 5 मिनट बाद ही उसकी चूत में गरम वीर्य की धार छोड़ दी और मैं उसके ऊपर निढाल होकर गिर गया।

10 मिनट बाद जब मैं उठा तो उसके चेहरे पर सम्पूर्णता के भाव साफ़ साफ़ दिख रहे थे, वो मुझे चूमने लगी और बोली- मुझे कभी छोड़ कर मत जाना और मुझ से लिपट गई।

उसके बाद उसने मुझे 3 और असंतुष्ट पत्नियों से मिलवाया, जिनके पति उन्हें संतुष्ट नहीं कर सकते थे, मैंने उन्हें 6 महीने तक संतुष्ट किया।

मुझे मेल करें!
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