लॉकडाउन में दीदी के देवर ने मेरी चुत चोदी

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चुदासी लड़की की वासना स्टोरी में पढ़ें कि लॉकडाउन में मुझे ब्वॉयफ्रेंड के लंड को तरस गयी थी. ऐसे में मैं दीदी के घर गयी तो उनके देवर का लंड मुझे मिला.

दोस्तो, मैं अन्तर्वासना पर प्रकाशित सेक्स कहानियों को बहुत पसंद करती आयी हूँ. इसी लिए आज मैं अपनी अगली भूल को आप लोगों के साथ शेयर करना चाहती हूँ.
मेरी पिछली सेक्स कहानी
मेरी चुत की चुदाई कार में
को आप लोगों ने बहुत पसंद किया था और आपके ढेर सारे मैसेज मिले थे.

अब पढ़ें चुदासी लड़की की वासना स्टोरी:

आप यह कहानी लड़की की आवाज में सुन भी सकते हैं.


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सबसे पहले मैं एक बार फिर से अपने बारे में बता देती हूँ. मेरा नाम मीना गुप्ता है और मैं 24 वर्ष की अविवाहित लड़की हूँ … मगर मैं कुंवारी नहीं हूँ. मेरा साईज 32-28-36 का है व ऊंचाई 5 फुट 1 इंच है.

मैंने नर्सिंग की पढ़ाई की हुई है. मैं शहडोल के एक निजी अस्पताल में नौकरी करती थी.
बाद में मेरे ब्वॉयफ्रेंड डॉक्टर आशु ने मुझे रायपुर छत्तीसगढ़ में बुला लिया था और वहां एक कोचिंग सेंटर में मुझे सरकारी जॉब के लिए परीक्षा की तैयारी में लगा दिया था.

मार्च 2020 में लॉकडाउन होने से पहले क्लासेस बंद हो गयी थीं और हमें घर जाना पड़ गया था.

घर जाते ही लॉकडाउन चालू हो गया और मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड से मिलने को तरस गयी.

जून माह में मेरी दीदी को बच्चा हुआ तो हम सब उन्हें देखने गए.
इसी के चलते मुझे भी घर से बाहर जाने का मौका मिला.

वहां दीदी का देवर और उसकी पत्नी भी आए हुए थे. वो लोग सामने वाले मकान में अलग रहते थे.

मैं आपको बता दूँ कि दीदी का देवर राजा, अपनी शादी से पहले मुझे बहुत लाईन मारता था और मुझसे शादी करना चाहता था, लेकिन मैं उससे नहीं पटी थी.
आज मैंने देखा कि शादी के बाद राजा स्मार्ट और गुड लुकिंग हो गया था.

रात को हम सब साथ खाना खा रहे थे तो जीजा ने बताया कि उनको काम से एक हफ्ते के लिए बाहर जाना पड़ेगा.
वो हम सबको घर में ही रूकने के लिए बोल रहे थे.

लेकिन मेरे घर वालों को वापस जाना जरूरी था … तो ये तय हुआ कि मुझे दीदी के पास रूकने का बोल दिया गया.

दीदी के घर में जीजा के अलावा कोई नहीं था … इसलिए राजा को भी रात रूकने बोला गया.

दूसरे दिन सबके जाने के बाद जीजा भी काम पर निकल गए और दीदी के साथ मैं बस अकेली रह गयी.

रात को राजा अपने घर से खाना खाकर सोने के लिए आ गया.
दीदी जल्दी सो गयी थी और मैं हॉल में टीवी देख रही थी.

राजा के आने के बाद हम साथ में टीवी देखने लगे और बातें भी करने लगे.
मैं उस समय पिंक कलर की सिंगल नाईटी में थी और मेरे बड़े बड़े मम्मे उफान मार रहे थे.

मेरे मस्त मम्मों के उभार देख कर राजा का मन शायद डोल गया.
उसने कहा- मीना तुम आज भी बहुत हॉट और सेक्सी हो, काश उस समय तुम शादी के लिए हां कर देती … तो आज कुछ और बात होती.

मैंने राजा को देखा, तो उसकी आंखों में मुझे चुदाई की हवस दिखायी दी.

मैंने इठला कर पूछा- क्या कुछ और बात होती?
तो राजा ने फट से जवाब दिया- तुम यूं मुझसे दूर न होती.
मैंने कहा- हट पागल!

मैं उठ कर दीदी के रूम सोने चल दी. उस रात मुझे सेक्स के भारी सपने आए और रात भर करवट बदलती रही. मुझे अपनी चुत में लंड की भूख महसूस होने लगी थी.

सुबह राजा अपने घर चला गया और मैं भी घर के काम में लग गयी … लेकिन मेरा मन शांत नहीं हो रहा था.

लॉकडाउन में मैं इतनी लाचार थी कि सेक्स के लिए ब्वॉयफ्रेंड के पास भी नहीं जा सकती थी.
मैंने सोचा क्यों न राजा से अपनी जरूरत पूरी करा लूं.
लेकिन एक अनजाना डर भी था.

रात को राजा फिर देर से आया … लेकिन मैंने आज एक और ज्यादा हॉट सी नाईटी पहन ली थी. साथ ही सोफे में बैठकर जहर मूवी देख रही थी.

राजा आया तो वो भी मेरी बगल में आकर बैठ गया और मूवी देखने लगा.
हम दोनों फिल्म देखने के साथ साथ बातें करने लगे.

मूवी में हॉट सीन आने से पहले मैं सोने का नाटक करने लगी ताकि राजा मुझे सोया देख कर खुद से कुछ हिम्मत करे … उससे कुछ करवाने का मेरा मन भी बन गया था.

मैंने सोच लिया था कि यदि राजा पहल करेगा तो मैं उससे चुद जाऊंगी … मगर अपनी तरफ से पहल नहीं करूंगी.
हालांकि बाद में मुझे भी पहल करनी पड़ी थी.

तब भी एक बार शुरुआत हो जाने के बाद फिर सब कुछ वैसा ही हुआ, जैसा मैंने सोचा था.

राजा मूवी के गर्म सीन देख कर जोश में आ गया और मेरे जिस्म को देखने लगा.

चूंकि मैं बैठे बैठे सोने का नाटक कर रही थी … तो नींद में गिरने का नाटक करने लगी.
राजा ने तुरंत मेरे पास आकर मुझे सहारा दिया.

मैं भी बिंदास राजा के कंधे पर सर रख अपनी गर्म सांसें उसकी गर्दन में छोड़ने लगी.

राजा पूरी तरह गर्म हो गया था. राजा ने हिम्मत करके अपना एक हाथ मेरी पीठ से होते हुए मेरी चुचियों पर रख दिया और उन्हें सहलाने लगा.

इससे मेरी सांसें तेज होने लगीं और मैंने अपना एक हाथ राजा के लोवर पर उसके खड़े होते लंड के ऊपर रख दिया.
राजा का लंड भी मुझे चोदने के लिए जैसे उफान मार रहा था.

मेरे हाथ को अपने खड़े लौड़े पर पाकर राजा समझ गया था और अब वो पूरे जोश में आ चुका था.

उसने एक पल की भी देर नहीं की और अपना दूसरा हाथ मेरी नाइटी के अन्दर डाल दिया. उसने मेरे मम्मों को सहलाना शुरू कर दिया.

तो मैं भी सोने का और नाटक न कर सकी और मैंने आंखें खोल दीं.
मैंने राजा को नशीली आंखों से देखा, तो बस उसे देखती रह गयी.

राजा समझ गया कि आज उसका ही दिन है. वो मुझे अपनी बांहों में लेकर मेरे होंठों को बेरहमी से चूमने लगा.
उसके साथ ही मैंने भी उसे अपनी बांहो में समेट लिया.

राजा ने जल्दी से अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरी सिंगल पीस वाली नाईटी को भी उतार फेंका.

अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में अपने राजा के सामने थी. राजा मेरे मदमस्त जिस्म को निहारने लगा और मेरी गोलाइयों को सहलाते हुए उनकी तारीफ करने लगा.

राजा का लंड तना हुआ था.
मैंने भी मौका न गंवाते हुए उसके गर्म लंड को पकड़ लिया.

वो मेरी भावना को समझ गया और उसने अपनी टांगों को खोल दिया. मैंने पलंग पर उसके लंड को अपने मुँह में लेकर लेट गई और लंड चूसना चालू कर दिया.

मुझे राजा का लंड बहुत मजेदार लग रहा था. उसमें से कुछ मस्त सी महक आ रही थी.

काफी दिन बाद मुझे लंड चूसना नसीब हुआ था इसलिए मैं भी पूरी मस्ती से लंड को मुँह में अन्दर तक ले ले कर चूस रही थी.

उधर लंड चुसवाने से मस्त होकर मेरा गर्म राजा मादक सिसकारियां लेने लगा- ओहहह मीना … आहहहह … तुम लंड कितना मस्त चूसती हो … आह मजा आ गया.

कुछ देर बाद राजा से भी रहा नहीं गया और उसने फटाफट मेरी ब्रा और पैंटी को जिस्म से अलग कर दिए और फिर से 69 पॉजिशन में आ गया.
अब वो मेरी चुत को चाटने लगा.

मैं काफी दिन बाद अपनी चुत पर मर्द की जुबान पाकर सिहरते हुए कराह उठी- ओहहह आशु … उश … आहहह.

मेरे मुँह से आशु का नाम निकल गया था और मुझे होश ही न था. मगर मेरे लिए ये कोई चिंता का सबब नहीं था. राजा भी कुछ नहीं कह सकता था.

कुछ ही देर में मेरी चुत पानी पानी हो चुकी थी.

मैंने राजा से कहा- अब और न तड़पाओ मेरे राजा अब लंड पेल दो.
राजा ने मुझे चित्त लेटाकर मेरे मम्मों को दबोच लिया.

वो मेरे मम्मों को आटा सा गूंथता हुआ कभी मेरे होंठों का रस पीने लगा … तो कभी मेरे दूध की घुंडी को होंठों से दबा दबा कर खींचते हुए चूसने लगा.

मैं उसकी इस हरकत से एकदम से मीठी कराहें भरते हुए फिर से बोली- आह राजा मत सता यार … अब लौड़ा डाल दे.

राजा ने मुझे डॉगी पोजिशन में आने को कहा.
तो मैं झट से अपनी गांड हिलाते हुए कुतिया बन गई.

राजा ने अपने लंड को पीछे से मेरी चुत की फांकों में लगा दिया और सुपारे को चुत की फांकों में रगड़ने लगा.
मैं भी गांड उठाते हुए उसके लंड के सुपारे की गर्मी से मस्ती लेने लगी.

तभी अचानक से राजा ने एक जोर का झटका मारा दिया और उसका आधा लंड मेरी चुत में घुस गया.

काफी दिन बाद लंड लेने से मेरी चुत कसी हो गई थी और वैसे भी अभी मेरी चुत ताज़ी लौंडिया की चुत थी ज्यादा चुदी नहीं थी.

उसका लंड चुत के अन्दर एक तेज झटके से जैसे ही घुसा तो मेरी चीख निकल गई.

बहुत दिनों से मेरी चुत में सूखा पड़ा था … लंड का सुख नसीब ही नहीं हुआ था.

मगर दीदी को डिस्टर्ब न हो इसलिए राजा ने झट से आगे हाथ बढ़ा कर मेरा मुँह दबा दिया और बोला- मरवाओगी क्या?

मैंने हंसते हुए उसके लंड को झेला और कहा- मरवा ही तो रही हूँ मेरे राजा!
राजा ने भी हंसते हुए फिर से झटके देने शुरू कर दिए.

अब कुछ ही झटकों में मेरी चुत ने राजा के लंड से दोस्ती कर ली थी और मैं उसके लंड से चुत की चटनी बनवाने लगी थी.
वो भी मेरी चुत में झटके पर झटके दिए जा रहा था.

उसने दो चार झटकों में ही अपना पूरा लंड मेरी चुत में पेल दिया था.

मैं मस्ती से कराहते रही- आह ओहह मेरी जान राजा … कितना मस्त चोदते हो … आज मेरी प्यास बुझा दो … आह आज के लिए मैं ही तुम्हारी औरत हूँ.

राजा ने कहा- मीना क्या तुम अपनी शादी के बाद भी मुझे ये सुख दोगी!
मैंने गांड हिलाते हुए कहा- मैं तुम्हारी हूँ अब मेरे राजा … चाहे तो औरत बनाओ या रखैल.

राजा ये सुन कर मुझे और जोर से चोदने लगा.
वो मेरी पीठ को चूमते हुए मम्मों को मसल रहा था और मैं बस कराह रही थी- आहहह राजा!

राजा ने मेरे जिस्म की गरमी लेने के मुझे चित लेटा दिया और मेरे पैरों को फैला दिया.
उसने लंड चुत में पेल कर मुझे दुबारा से चोदना शुरू कर दिया. मेरे होंठों को चूमते हुए मेरी चुत में अपना डंडा पेल रहा था.

मेरी उत्तेजना काफी बढ़ गई थी और मैं अपने नाखून राजा की पीठ पर गाड़ रही थी.
अब मेरी चरम सीमा आ चुकी थी तो मैं झड़ गयी और निढाल होकर राजा को सहलाने लगी.

लेकिन राजा अभी शांत नहीं हुआ था. वो मुझे और देर तक चोदता रहा.
फिर आखिर में वो मेरी चुत में ही निकल गया.

उस रात राजा ने मुझे तीन बार चोदा और अलग हो गया.

सुबह दीदी के उठने से पहले मैं उनके पास सो गयी.

अगले 6 दिन राजा ने रोजाना मुझे चोदा और मेरी पिपासा शांत कर दी.

फिर जीजा जी आ गए, तो राजा का आना बंद हो गया.

दो दिन बाद मैं भी घर आ गयी.

अगले हफ्ते जीजा जी का फ़ोन आया कि वो दुबारा से दस दिन के लिए जाने वाले हैं.

क्या मैं फिर से राजा से चुदने जाऊं या नहीं?
शादी तो भले ही मुझे आशु से करना है लेकिन मेरी चुत की तड़प मुझे लाचार कर रही है.

अब मैं सोच में हूँ कि अपने ब्वॉयफ्रेंड आशु को ये बात बताऊं कि नहीं. आप लोग मेरी इस चुदासी लड़की की वासना स्टोरी पढ़ कर मुझे मेल से सलाह दें.
आपकी मीना
[email protected]

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