एक असंतुष्ट भाभी की चुदाई

ओह्ह्ह दोस्तों हैडिंग ही पढ़कर आपको मजा आ गया होगा, मैं सभी दोस्तों को स्वागत करता हु अपनी कहानी से, नए यूजर का वेलकम और पुराने यूजर को प्यार भरा नमस्कार, ये मेरी दूसरी कहानी है सेक्सवासना डॉट कॉम पे, पिछली कहानी का बहुत ही अच्छा रिस्पांस मिला था, मेरी कहानी सच्ची कहानी होती है, और आपको पता है की चूत को ढूढ़ने में टाइम तो लगता है, इस बार ४ महीने लग गए है नए चूत का दर्शन करने में, पर चूत मिला बड़ा ही मस्त, मजा आ गया एक बंगाली भाभी की चुदाई ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह क्या बताऊँ दोस्तों लिखते लिखते भी मेरा लैंड मोटा हो रहा है, खैर कहानी खत्म होते ही मूठ मार लूंगा क्यों की भाभी जी भी यहाँ नहीं है वो शिमला गई है घूमने. आपने पिछले कहानी में ही पढ़ा है मैं sexkahani.net का फैन हु, बिना इस वेबसाइट को खोले मुझे रात में नींद ही नहीं आती है, पर आज कल भाभी जी की चूत के बारे में सोच कर ही काम चला लेता हु, पहले मैं आपको अपने बारे में बता दू जिन्होंने मेरी पिछली कहानी नहीं पढ़ी है, मेरा नाम सूर्या है मैं साल का हु, पढाई कर रहा हु, दिल्ली यूनिवर्सिटी में, किराये के फ्लैट में रहता हु, वो भी अकेले, मेरे आस पास सिर्फ फैमिली बालों का ही फ्लैट है, इस वजह से माल की कमी नहीं है, आज तक दो माल को चोद चूका हु, एक तो वर्जिन का सील तोडा और एक जो आज मैं आपको बता रहा हु वो फूली चूत बाली पर अंदर से टाइट भाभी की कहानी है. मेरे फ्लैट के ऊपर के फ्लैट में एक बंगाली कपल रहता है, शादी के ६ साल हो गए है पर उनलोगो को कोई बच्चा नहीं है, भहि सुपर्णा घोष मस्त माल है, गोरी चिट्टी, लम्बी, कमर पतली, जांघे मोटी, गोल गोल गाल, लम्बे लम्बे बाल, लम्बी गर्दन, ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह बात अब चूच पे आ रही है, साइड से ब्लाउज को देखो तो पहाड़ गगनचुम्बी सी ब्लाउज और ब्रा में बंद दो बड़ी बड़ी सुडौल टाइट चूचियाँ, किसी का भी मन खराब हो जाये भाभी को देखकर, ऊपर से गोरे गोरे मुखड़े पे गाल पे तिल, होठ हमेशा डार्क लाल रंग से रंगा हुआ, सिंदूर की लाली मांग के बीचो बीच, बड़ी सी बिंदी और बड़ी पार बाली साडी, गजब की ढाती है दोस्तों, ऊपर से जब वो स्टेर्स (सीढ़ी) पर चढ़ते हुए उनकी कमर जब मटकती है मत पूछो यारो बिना हस्तमैथुन के काम ही नहीं चलता है, करीब चार महीने तक उनकी याद में मैंने मूठ मारा है और करीब २ लीटर वीर्य को बर्वाद किया है, इतने में तो हजार के करीब बच्चे पैदा हो जाता, पर एक दिन वो खुसनसीब पल आ गया है जब भाभी जी खुद आई.

वो शनिवार का दिन था, रात के करीब १० बजे मेरे दरवाजे को किसी ने खटखटाया, मैं पढ़ रहा था उठा देखा तो ऊपर बाली वही बंगाली भाभी थी, मैंने कहा भाभी जी आप, सब ठीक है ना, तो बोली मैं अंदर आ जाऊँ, तो मैंने कहा हां हां ये कोई पूछने बाली बात है आईये, और अंदर आ गई, आपलोग को तो पता है स्टूडेंट के पास ज्यादा सामान नहीं होता एक गद्दा जो निचे ही बिछा था एक कमरे में उसी पर बैठने के लिए कहा वो भी बिना सरमाये बैठ गई, मैंने कहा आपको तो पता है मैं अभी पढाई कर रहा हु, इस वजह से मेरे पास अभी सब कुछ नहीं है, जिसपे मैं आपको बैठने के लिए कहता, तो भाभी बोली हां हां मैं समझती हु, आप ऐसा क्यों सोच रहे है, मैं भी कोलकाता में अकेले ही रहकर पढ़ी हु, मैंने फटा फट भाभी जी के लिए चाय लाया बना के वो पि बात करने लगी मुझसे, क्या पढाई कर रहे हो, तो मैंने कहा अभी मैं इंटेर्नन्स एग्जाम का तैयारी कर रहा हु, फिर वो बोलने लगी, मैं एक अच्छे बंगाली परिवार से आती हु, मेरी शादी के हुए ६ साल हुए है, पति का टूरिंग का जॉब है, महीने में १५ दिन ही मेरे साथ होते है, मैं तो तंग आ गई हु, मेरी ज़िंदगी तो बर्वाद लग रही है, सब लोग घूमने जाते है, पति के साथ शॉपिंग करने जाते है पर मेरा पति मेरे साथ नहीं रहता है और रहता भी है तब भी वो ऑफिस के काम में ही बीजी रहता है, तो मैंने कहा भैया आपसे प्यार तो करते है ना भाभी को सर झुका ली, मैंने कहा भाभी आपसे कुछ पूछ रहा हु, तो सर उठाई तो देखा उनके आँख में आंसू थे मैंने पूछा क्या बात है ? तो वो बोलने लगी, क्या बताऊँ आपको सूर्या जी, वो ऑफिस की एक लड़की के साथ समय बिताते है, दोनों का टूरिंग जॉब है और पति के साथ ही टूर करती है, वो अपने सुंदरता की जाल में फसा ली है, उस लड़की के साथ उनका शारीरिक सम्बन्ध भी है, और आज मैं ज्यादा परेशान हो गई हु, क्यों की आज मैं जब उनका सूटकेस साफ़ कर रही थी तो एक रिपोर्ट मिला ये रिपोर्ट उस लड़की है है, पति का नाम इनका है, और वो महीने की प्रेग्नेंट है, मैं उनको फ़ोन कर रही हु तो वो फ़ोन उठा नहीं रहे है, वो बाहर रंगरेलियां मना रहे है और मैं सती-सावित्री बनकर उनकी पूजा और सेवा कर रही हु, जब वो गुलछर्रे उड़ा रहे है तो मैं क्यों नहीं, इसलिए मैं आपके पास आई हु, आप भी अकेले है मैं भी अकेली हु, सच पूछिये तो मैंने आपसे आज सेक्स करने आई हु, अब आपको क्या बताऊँ दोस्तों ये सुनकर तो मेरे मन में लड्डू फूटने लगे, पर ऊपर मन से मैंने कहा भाभी जी ये आप क्या कह रही हो, अगर ये बात आपके पति को पता चल गया तो पता है क्या होगा, तो बोली क्यों वो मुह मार सकता है इधर उधर और मैं मुह मारूंगी तो ऑब्जेक्शन होगा, मैंने अब सोच लिए है सूर्या जी की मैं भी अपनी ज़िंदगी जीऊँगी बहुत हो गया है भारतीय नारी का नाटक, इसके बाद वो मेरे करीब आ गई और मेरी होठ को अपने होठ में ले के किश करने लगी, मैं भी उनके पीठ को सहलाते हुए हुए उसके नरम नरम होठो को चूसने लगा ओह्ह्ह माय गॉड मेरा फेवरेट उनका चूची हाथ लगी गरम था, सहलाने लगा ब्लाउज के ऊपर से ही, तो वो बोली जिस्म को जिस्म से मिलनी चाहिए तब मजा है, शरीर और रूह दोनों मिले तब सेक्स का असल मजा आता है ये सब बोलते बोलते वो अपने आँचल निचे कर दी और ब्लाउज के हुक को खोल दी, मैंने उनके ब्लाउज को उतार के पीछे से ब्रा का हुक खोल दिया, बड़ी बड़ी चूचियाँ निप्पल पिंक कलर का, उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ मैंने तुरंत ही मुह में ले लिया और चूसने लगा, ऐसा लग रहा था की मैं बरसो से प्यास हु, और मुझे अपने बच्चे की तरह पिलाने लगी मेरे सर के बाल को सहलाते हुए. उसके बाद मैंने उनको लिटा दिया और साड़ी निचे से उतार के पेटीकोट खोल दिया वो क्रीम कलर की पेंटी पहनी थी बड़ी ही सेक्सी पेंटी थी, मैंने उतार दिया और दोनों पैर के बीच में बैठ के, चूत को निहारने लगा, फुला हुआ चूत बीच में दरार सा लाइन, थोड़ा चीरने के बाद अंदर लाल कलर और पतला सा छोटा सा छेद, ऐसा लग रहा था की जैसे इनकी ज्यादा चुदाई नहीं हुई हो, मैं कहा भाभी ऐसा लगता है की भैया का लंड ज्यादा आपके चूत में नहीं गया है, तो बोली वो चोद भी अच्छे तरीके से नहीं पाते है मैं बहुत सेक्सी हु, जब तक मैं गरम होती हु उनका झड़ जाता है फिर मैं लात मार के निचे कर देती हु 

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एक असंतुष्ट भाभी की चुदाई

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