लॉकडॉउन में साली की सेवा- 1


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लॉकडॉउन में साली की सेवा- 1

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हॉट साली की चूत कहानी में पढ़ें कि लॉकडाउन में मैं अपनी ससुराल में फंस गया. वहां मेरी एक साली भी है. एक दिन मैंने छुप कर साली के कमरे में झांका तो …

दोस्तो, एक बार फिर से आपका प्यारा शरद सक्सेना एक नई सेक्स कहानी के साथ आपके सामने हाजिर है.

इस लॉकडॉउन में कई सेक्स कहानियां मेरे दिमाग में आनी शुरू हुईं. इस दौरान कई सम्बन्ध भी नये बन गए थे.

मैं ये हॉट साली की चूत कहानी केवल आपके मनोरंजन के लिए लिख रहा हूं.

कई प्रशंसकों ने मुझे और भी ज्यादा खुली भाषा में सेक्सी कहानी लिखने को कहा. मगर मैं अपने हिसाब से कहानी को बहुत उत्तेजित और कामुक भाषा का प्रयोग करते हुए लिखता हूं.

आप लोगों का प्यार ही मुझे सेक्स कहानी लिखने को प्रोत्साहित करता है.

हो सकता है ये हॉट साली की चूत कहानी कुछ पाठकों को पसन्द आए और कुछ मुझे गाली भी दें … जो भी हो, पर एक प्रार्थना है कि ये सेक्स कहानी केवल और केवल काल्पनिक है, इससे ज्यादा कुछ नहीं है.

मैं आज एक नए करेक्टर के साथ नई सेक्स कहानी लिख रहा हूं.
इस कहानी में अमित नाम का 32 वर्षीय एक लड़का है.
वही इस हॉट साली की चूत कहानी में आपसे मुखातिब है.

दोस्तो, मेरा नाम अमित है. मेरी शादी हुए अभी तीन साल हुए हैं.

नई-नई शादी हुई है, तो बीवी को खुश करने के लिए और अपने बिजनेस के काम से अक्सर मुझे ससुराल के शहर में चक्कर लगाना पड़ता है.

मेरी ससुराल मेरे शहर से काफी दूर है और मुझे रेलगाड़ी से रात भर की यात्रा करनी पड़ती है.

मेरी ससुराल में मेरे सास-ससुर के अलावा एक साली है, जिसका नाम रश्मि है.
वो करीब 24 साल की है. देखने में रश्मि भी मेरी बीवी की ही तरह खूबसूरत है.

मगर रश्मि मुझसे कुछ दूरी बनाकर रहती है, इसलिए मैं भी उससे दूरी बनाकर रहता हूं.
हालांकि वो बड़ी बिंदास है लेकिन अपने काम की व्यस्तता के चलते भी मैंने उस पर कभी ध्यान नहीं दिया था.
जबकि वो बड़ी ही मदमस्त जवान कांटा माल है.

हालांकि मैं पक्का चोदू हूं. पॉर्न फिल्मों की तरह अपनी बीवी को घनघोर चोदता हूं.
शुरू-शुरू में मेरी बीवी चुदाई के समय थोड़ा नखरा करती थी, लेकिन अब वो भी मस्त चुदवाती है.
हम दोनों अपने बेडरूम में नंगे ही रहते हैं.

हां कभी-कभी परेशानी होती है, जब घर का कोई बड़ा आवाज से देता है. उस स्थिति में मुझे पहले निकलना पड़ता है और बाद में मेरी बीवी कपड़े पहन कर निकलती है.

तो हुआ यूं कि बिजनेस के काम से एक बार फिर मुझे चार-पांच दिनों तक अपनी ससुराल में रूकना था.

मैं अपने काम के सिलसिले में सुबह निकल जाता और शाम को वापस ससुराल वाले घर आ जाता.
मेरे सास ससुर मेरा बहुत ख्याल रखते.

मगर इस बार लॉकडॉउन की वजह से मुझे रूकना पड़ गया.
एकदम से लॉकडाउन की स्थिति बन गई थी तो मैं समझ ही न सका कि ये मामला इतना लम्बा चलेगा.

मगर अब फंस गया था, प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान कर दिया था कि जो जहां है, वो वहीं रहेगा.

अब मैं न तो अपने घर आ सकता था और न ही बिजनेस का कुछ कर सकता था.

उधर फोन पर बीवी भी बोल चुकी थी कि अब जब आना होगा, तो आ जाना. तब तक आप मेरे माता-पिता का ध्यान रखना.

मेरी भी मजबूरी थी कि मुझे रूकना ही पड़ा.

खैर … इधर रूकने में एक फायदा भी हुआ.

लॉकडाउन के करीब 10 दिन बीत गए थे.
आगे के लक्षण भी कुछ अच्छे लग नहीं रहे थे. दिन भर गप्पबाजी और खाना के अलावा कुछ नहीं था. बोर हो जाओ तो बस अपने-अपने कमरे में जाकर सो जाओ. यही दिनचर्या हो गई थी. ससुराल के इस घर में मैं अपनी बीवी के कमरे में ही रुकता था.

मेरी बीवी और साली का कमरा अलग-अलग था, पर अन्दर से एक-दूसरे के कमरे में जाने के लिए एक दरवाजा भी लगा था और रोशनदान का तो आप जानते ही हैं.

मेरी साली इस दौरान मुझसे काफी खुल गई थी और हम दोनों सारे दिन कोई न कोई गेम खेलते हुए आपस में लड़ते झगड़ते और चुहलबाजी करते रहते थे.

एक दो बार छीना झपटी में मेरा हाथ उसके मस्त मम्मों पर भी लग चुका था, जिसका उसने कोई विरोध नहीं किया था.
मुझे समझ आ गया था कि यदि मौका मिला तो इसको अपने लौड़े के नीचे ले ही लूंगा.

उस दिन दोपहर के समय की बात थी. मुझे रश्मि के कमरे से कुछ आवाज आ रही थी, ऐसा लग रहा था कि रश्मि किसी से बात कर रही थी.

मैंने की-होल से झांककर देखा, तो मुझे ज्यादा कुछ समझ में नहीं आया, इसलिए मैंने स्टूल को दरवाजे के पास लगाया और रोशनदान से रश्मि के कमरे में झांकने लगा.

वो लैपटॉप को अपने सामने रखकर शायद अपने ब्वॉयफ्रेंड से बात कर रही थी.

अब मुझे रश्मि की आवाज थोड़ा स्पष्ट आने लगी थी.

वो बोल रही थी- अबे चुतिये, चूत तो मेरी भी फड़क रही है. पर मैं कुछ नहीं कर सकती.
उधर से कुछ कहा गया.

जिस पर रश्मि बोली- नहीं, मैं तेरे लिए रात को ही नंगी होऊंगी, अभी कोई आ भी सकता है.

पर शायद दूसरी तरफ से शायद जिद ज्यादा हो रही थी, तो रश्मि बोली- ठीक है … अभी तेरे लिए जितना करूंगी … उसी से शांत हो जाना … बाकी रात को करूंगी.

ये कहकर वो पलंग से उठी और अपने कमरे के अटैच बाथरूम में गयी.

उधर से वो पानी का खाली मग ले आयी. मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था.

वो मग को हिलाते हुए बोली- देख … तेरे लिए ही कर रही हूं.

इतना कहकर उसने अपना पजामा और पैंटी को बिल्कुल से उतार दिया और एक टांग को पलंग से टिका कर मग को अपनी चूत के पास ले गयी.

शायद वो उस मग में पेशाब कर रही थी. मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं.
मूतने के बाद खुद ही वो अपने मूत को पी गयी और मग को किनारे रखते हुए बोली- देख सुमित, अब मुठ मार कर सो जा भोसड़ी के … रात को और मजा करेंगे.

ये कहते हुए उसने अपने नीचे के कपड़े पहने और लैपटॉप को बन्द करके बिस्तर पर लेट गयी.

मेरे तो होश फाख्ता थे … सीन देख कर आंख फटी की फटी रह गयी थी कि साली क्या चीज है मादरचोद.

इधर मेरे लंड को भी दस दिन से चूत नहीं मिली थी.
मगर मुझे लग रहा था कि अब मेरे लिए चुत का इंतजाम हो चुका है.

अब मुझे रात का इंतजार था, पर उसके कमरे में जाने के लिए दोनों के कमरे वाला दरवाजा खुला होना चाहिए.

मैंने दरवाजे की सिटकनी खोली.
इत्तफाक से मेरी तरफ से ही दरवाजा बन्द था.

मैंने धीरे से दरवाजा खोला और दबे पांव उसके पास पहुंच गया.

उसका पीछे का हिस्सा मेरी तरफ था. एक पैर को सिकोड़ कर वो गहरी नींद में सो रही थी.

रश्मि की गांड की उठान बहुत मस्त थी. मैंने उसके ऊपर झुककर देखा, सोते हुए वो बहुत मस्त लग रही थी.

उसे देखकर लग ही नहीं रहा था कि ये साली कितनी बड़ी चुदक्कड़ है.

मैंने उसके चूतड़ पर हाथ फेरा, वो थोड़ा कुनमुनाई और फिर अपने चूतड़ को खुजलाकर सो गयी.

रश्मि को चोदने का इस समय मेरा मन तो बहुत कर रहा था, पर मैं रूक गया.
हो सकता है कि नींद के झोंक में रश्मि चिल्ला उठे और खेल बिगड़ जाए.

फिर मैंने अपने लौड़े को थपथपाते हुए उससे कहा- चल यार, जहां इतने दिनों तक चूत के लिए तरसा है, कुछ समय तक और अपने आपको रोक ले. रात को तेरी सब ख्वाहिशें पूरी हो जाएंगी.

मैं बुझे मन से अपने कमरे में आकर सो गया.

शाम को एक बार फिर इकट्ठे हुए.
हम सभी में आपस में बातचीत होती रही और साथ में रश्मि और माताजी घर के काम निपटाने के साथ ही बातें भी करती जा रही थीं मगर मेरी नजर रश्मि की चूचियों और उसके पेन्डुलम के सामान ऊपर नीचे होते चूतड़ों पर ही टिकी थी.
साला लंड में एक खुजली का अहसास हो रहा था.

रात होते-होते 10 बज गए थे. मैं खाना खाकर सीधे अपने कमरे में चला गया.

मुझे मालूम था कि सब काम समेटने में उसे अभी भी काफी वक्त लगेगा. इसलिए मैं अपने कमरे में आया और अपने कपड़े उतारकर सीधा अंडरवियर और बनियान में आ गया.

मैं अपने कमरे की लाईट ऑफ करके रश्मि के कमरे में आ गया.
उधर कहीं छिपने की जगह नहीं थी. लेकिन उम्मीद की एक झलक मुझे उसके पलंग के नीचे की दिखी, जहां इतनी पर्याप्त जगह थी कि मैं आसानी से उसके नीचे आ सकता था.

खैर … मैं पलंग के नीचे छिप गया.

कोई 10-15 मिनट बाद रश्मि कमरे के अन्दर आयी और अच्छे से अपने कमरे दरवाजे और खिड़कियों को बन्द करके पर्दा-वर्दा अच्छे से लगाकर उसने लैपटॉप ऑन किया.

कुछ देर बाद ही ‘हाय ..’ की आवाज आयी. यह आवाज उसके ब्वॉयफ्रेंड सुमित की थी. जवाब में रश्मि ने भी ‘हाय ..’ कहा.

फिर आवाज आयी- हाय जानेमन … क्या हॉट लग रही हो.
रश्मि- साले मस्का मारना शुरू कर दिया!

सुमित- नहीं नहीं यार, सही कह रहा हूं.
रश्मि बोली- तो ठीक है, अब मैं कपड़े उतारने से बच गयी.

सुमित- अरे नहीं यार, ऐसा जुल्म मत करो … नहीं तो तेरा ये यार अपना लंड अपनी गांड के अन्दर ले लेगा.
रश्मि- ओह तो यह बात है … ठीक है तो फिर एक काम कर, तू अपना लंड अपनी गांड में डाल ले, मैं भी देखना चाहती हूं कि तुम कैसे अपना लंड अपनी गांड में डालते हो.

सुमित- अरे यार, मैं मजाक कर रहा हूं और तुम सीरियस हो जाती हो.

तभी रश्मि के हंसने की आवाज आई और साथ ही उसका कुर्ता जमीन पर गिर गया.
मुझे अपने सामने जमीन पर उसका कुर्ता पड़ा दिखने लगा.

रश्मि- ले देख … अब ठीक है न.
सुमित- यार मत तरसा यार, पूरा दिन बिता दिया तेरी गोल-गोल चूची, फूली हुयी चूत और उभारदार गांड देखने को बड़ा जी कर रहा है.

इधर मैंने उसके गिरे हुए कुर्ते को खींचा और रश्मि के जिस्म की महक को सूंघने लगा. इसी बीच उसकी ब्रा जमीन पर गिरी, मैंने झट से उसको भी उठाया और सूंघने लगा.

इसी तरह वो जो भी उतारती, मैं उसको सूंघने के लिए उठा लेता.

लेकिन अब मेरे लिए बर्दाश्त के बाहर की बात हो रही थी.
जवान चुदासी लड़की मेरे सामने थी और मैं पलंग के नीचे लेटा हुआ अपना लंड मरोड़ रहा था.

मैं पलंग से बाहर निकल आया और ठीक उसके सामने खड़ा हो गया.

उस वक्त रश्मि ने एक टांग को पलंग पर रखा हुआ था और बुर की फांकों के बीच उंगली चला रही थी.

मुझे इस तरह देखकर वो जरा भी नहीं घबराई, बल्कि मुझे देखते हुए चुत रगड़ कर बोली- मैं जानती हूं … तू बड़ा चोदू किस्म का है.

तभी सुमित बोला- क्या करूं जानेमन, तेरी चूत देखकर मेरा लौड़ा फड़कने लगता है.

मैंने भी अपने लौड़े की तरफ इशारा किया.
रश्मि ने फलाईंग किस मेरी तरफ उछाला और जैसे ही मुट्ठी में मैंने उसके किस को पकड़ा, वो इशारे से उस किस को मुझे मेरे लंड में लगाने के लिए बोली.
फिर उसने अपनी बुर की फांकों के बीच उंगली चलाई और उंगली को मुँह में लेकर चाटने लगी.

तभी सुमित बोला- जान, इस तरह जब तुम अपनी चूत चाटती हो, कसम से लगता है कि काश मैं वहां होता और तुम्हारी चूत को कचकचा कर खा जाता.
रश्मि उसी नशीले अंदाज में बोली- तुमने अभी तक अपना लौड़ा नहीं दिखाया.
सुमित बोला- अरे हां यार मैं भूल ही गया.

इधर मैंने भी रश्मि के इशारे को समझकर अपने कपड़े एक-एक करके उतार दिए.

मेरे खड़े लंड को देखते ही एक बार रश्मि अपने होंठों को गोल करके मेरे लंड को चाटने के अंदाज में अपनी जीभ को होंठों पर फेरने लगी.

अब उसके लिए मुश्किल था कि वो सुमित के साथ लाईव शो करे … इसलिए उसने सुमित की तरफ देखे बिना कहा- सुमित डार्लिंग, लैपटॉप की बैटरी लो हो रही है … और मुझे अब नींद भी आ रही है. अब तुम मेरे सपने में आकर मुझे रोज की तरह चोदो.

इससे पहले सुमित कुछ बोलता … रश्मि ने लैपटॉप के साथ ही मोबाईल को भी ऑफ कर दिया.
शायद उसे मालूम था कि सुमित उसे मोबाईल करके परेशान कर देगा.

अब वो मेरे पास इठलाते हुए आयी और मुझसे चिपकते हुए बोली- जीजा मेरी जान … आज पूरी रात तुम अपने इस साली की चूत और गांड मार-मार कर इसे बेदम कर दो.

ये कहते हुए रश्मि ने मेरे एक निप्पल पर अपनी जीभ चलाना शुरू कर दिया.
वो निप्पल को चाटने के साथ-साथ काटने भी लगी और साथ ही मेरे लंड को अपनी मुट्ठी में भरकर अपनी चूत से लड़ाने लगी.

उसने मुझे हल्का सा धक्का मारते हुए पलंग पर गिरा दिया और मेरे पैरों के बीच बैठकर मेरे लंड को अपने मुँह में भर कर चूसने लगी.
मैं मस्त हो गया.

मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि सब कुछ इतना सहज हो जाने वाला था.

मैंने कहा- मेरे लंड पर कब से नजर लगाए बैठी थी?
वो बोली- जीजू जान मैं तो आज दोपहर को ही आपके लौड़े से चुदने के लिए राजी थी. मगर आपकी गांड फट गई थी इसलिए खेल नहीं हो सका था.

मैं हंस दिया.

मेरी हॉट साली की चूत कहानी का पूरा मजा मैं सेक्स कहानी के अगले भाग में लिखूंगा. आप मुझे मेल करना न भूलें.
आपका अमित
[email protected]

हॉट साली की चूत कहानी जारी है.

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