माँ-बहन की चुदाई अपने ही मुस्लिम दोस्त और उसके अब्बू से Part 4

Lated_posts">


आगे रिकॉर्डिंग में –

प्रिया दीदी मुस्कुराते हुए बोली- क्या हुआ फरहान जी ! मेरी चूची अच्छी है न ! मैं सुन्दर लग रही हूँ न !

फरहान- हाँ माँ की लौड़ी बहुत अच्छी चूची है। अब अपनी सलवार उतार ।

प्रिया दीदी मुस्कुराते हुए अपनी सलवार का नाडा खोल कर ढीला किया और फिर अपनी सलवार को फैला दिया जिससे दीदी की सलवार सरक कर नीचे ज़मीन पर गिर गयी। प्रिया दीदी बगल में रखी मेज़ पर बैठ कर अपने एक-एक पैर उठा कर अपनी सलवार अपने पैरों से निकाल दी और सलवार को मेज़ पर रख कर फिर से खडी हो गयी। प्रिया दीदी ने नीले रंग की पैंटी पहनी थी। पैंटी में मेरी प्रिया दीदी की फूली हुयी बुर साफ़ पता चल रही थी|

यहाँ पर फरहान वीडियो रोक देता है और इधर मैं देखता हूँ की पंकज और साबिर अपने लौड़े को पैंट से बाहर निकाल कर हाँथ से ऊपर-नीचे कर रहे थे। उन दोनों के लण्ड एकदम गंदे और काले थे। मैं सोचने लगा की ये कितनी बेरहमी से मेरी चाँद सी गोरी बहन को चोदेंगे। मेरा हाँथ भी मेरी पैंट के ऊपर से मेरे लौड़े पर आ गया था और मैं भी पैंट के ऊपर से ही अपने लौड़े को मसलने लगा।

ये देख कर सब हसने लगे और फरहान बोला- ये हुयी न बात ! क्यों साले साहब मज़ा आ रहा है ?

मैं मुस्कुराते हुए बोला- हाँ जीजा जी।

फरहान बोला- देख दीपक तेरी बहन प्रिया भी एक लड़की। जैसे तूने अभी तक दूसरी लड़कियों के मज़े लिए है वैसे ही तू प्रिया को भी अपनी बहन न मान। उसको एक मस्त रंडी समझ कर मज़े ले। तेरी बहनो को कभी न कभी और कोई न कोई जरूर चोदेगा और तुझे कुछ पता भी नहीं चलेगा। इससे अच्छा है की हम सब मिल कर जैसे चाहे, जहां चाहे, जितना चाहे तेरी बहनो और माँ को चोदे और उसकी जवानी का मज़ा ले और वो भी तेरे सामने। तू भी हमारे साथ मिल कर उनका मज़ा लूटना।

मैं बोला- ठीक है जैसा तुम लोगो को सही लगे। मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है पर मैं सिर्फ देखूंगा, कुछ करूँगा नहीं।

साबिर बोला- चल ठीक है पर अपनी बहनो और माँ को हमसे चुदते हुए देख कर अपनी मुठ तो मरेगा न।

मैं मुस्कुराते हुए बोला- हाँ यार वो तो मैं जरूर मरूंगा।

अब मुझे भी अच्छा लग रहा था और मज़ा आने लगा था। अब मुझे अपने दोस्तों से अपनी बहनो और माँ की चुदाई के बारे में बात करने में कोई शर्म नहीं थी। मैंने भी बे-शर्म हो कर अपना लौड़ा पैंट से बाहर निकाल लिया और हाँथ से ऊपर-नीचे करने लगा। ये देख कर सब हसने लगे और मैं भी उनके साथ हँस दिया।

फरहान ने मेरे कंधे पर अपना हाँथ रखा और बोला- ये हुयी न बात। ऐसे ही मज़े ले अपनी माँ और बहन के नंगे जिस्म का और हमें उनकी इज्जत लूटने का मज़ा लेने दे। वैसे कैसी लगी तेरी प्रिया दीदी बिना कपड़ो के ?

मैं मुस्कुराते हुए बोला- भाई बहुत मस्त जिस्म है मेरी दीदी का। पहले कभी मैंने ऐसे नंगा नहीं देखा है अपनी प्रिया दीदी को। अब आगे दिखाओ भाई। (ये बात मैं अपने लण्ड को मसलते हुए बोला)

फरहान बोला- रुक अभी पूरी नंगी दिखता हूँ तुझे।

फरहान ने रिकॉर्डिंग आगे शुरू की-

फरहान- चल अब घूम जा।
प्रिया दीदी पीछे घूम जाती है। प्रिया दीदी की कमर एकदम पतली और चिकनी थी। दीदी की कमर देख कर मेरे होश उड़ गए। क्या मस्त चिकनी, पतली और गोरी कमर थी मेरी प्रिया दीदी की।

फरहान- चल अब सीधी हो जा।

प्रिया दीदी फरहान की तरह मुंह करके सीधी खडी हो गयी।

फरहान- चल अब अपनी पैंटी उतार।

प्रिया दीदी ने मुस्कुराते हुए अपने दोनों हांथो को अपनी कमर पर रखा और अपनी उंगली से पैंटी को पकड़ा और नीचे झुकते हुए अपनी पैंटी नीचे सरका दी और अपनी एक-एक टांगों से अपनी पैंटी अलग कर के पैंटी को मेज़ पर रख दिया और एकदम नंगी हो गयी।

फरहान- धत्त तेरी की बहन की लौड़ी।

प्रिया दीदी थोड़ा डरते हुए बोली- क्या हुआ ? अच्छी नहीं लग रही हूँ क्या ? क्या-क्या कमी है ?

फरहान- साली कुतिया तुझे अपनी झांटे साफ़ करने में कोई परेशानी है क्या या तेरी मम्मी इसे भी साफ़ करने से मना करती है ?

प्रिया दीदी थोड़ा मुस्कुराते हुए बोली- मुझे क्या मालूम की आप लोगो को नीचे के बाल पसंद नहीं है। वरना मैं साफ़ करके आती।

फरहान- चल अब पता चल गया न। कल साफ़ करके आना। मुझे चिकनी बुर ज्यादा पसंद है। तेरा फिगर क्या है मादरचोद ?

प्रिया दीदी- जी कल जरुर साफ़ करके आऊगी और फिगर 30-28-30 है।

फरहान- सच में बड़ा कातिल फिगर है तेरा खास कर तेरी गांड। अब इधर आ मेरे पास और कैट-वाक करती हुयी आना।

प्रिया दीदी फरहान की तरफ कैट-वाक करती हुयी आती है। दीदी का एक पैर दूसरे पैर के आगे पड़ता है जिससे उनकी चूत की फांके आपस में रगड़ती हुयी नज़र आती है और चूत की दोनों फांके ऐसी दिख रही थी जैसे डबल रोटी। प्रिया दीदी अब फरहान के एकदम पास आ जाती है।
फरहान प्रिया दीदी के पैरों से कैमरा शुरू करता है, एकदम चिकनी और गोरी टाँगे, टांगो पर कोई रोयाँ नही, कोई बाल नही थे, दीदी की टाँगे पतली और चिकनी जैसे रैंप पर चलने वाली मॉडल की होती है, वैसे ही चिकनी और गोरी टाँगे थी, फिर फरहान कैमरा दीदी की बुर पर ले गया। प्रिया दीदी की बुर पर काले-काले बाल थे पर कम और छोटे थे।

फरहान बोलता है- तेरी झांटे कम है पर बहुत मस्त है साली मादरचोद।

प्रिया दीदी- हाँ मेरे शरीर में बाल कम है

फरहान कैमरा दीदी की चूत के पास ले जाता है फरहान कैमरा को दीदी की चूत के पास ले जाता है, प्रिया दीदी की चूत फूली हुयी थी। उसके बाद कैमरा दीदी की चूची पर ले जाता है, क्या मस्त चूची थी मेरी प्रिय दीदी की, एकदम गोल और गोरी-गोरी तानी हुयी चूची थी। चूची पर हलके भूरे रंग के छोटे-छोटे टाइट निप्पल चूची को शोभा बढ़ा रहे थे। फरहान प्रिया दीदी के निप्पल को अपनी उंगलियों से मसल देता है और जोर से एक थप्पड़ चूची पर मारता है जिससे प्रिया दीदी की गोरी चूची पर उँगलियों के निशान बन जाते है और दीदी के मुहं से प्यारी की चीख निकल जाती है और दीदी की साँसे तेजी से चलने लगती है। फिर फरहान कैमरा को दीदी के चेहरे पर ले जाता है, प्रिय दीदी का चेहरा शर्म से लाल हो गया था। दीदी के होंठ एकदम रसीले लग रहे थे, उनके नाक में सोने की रिंग उनके चेहरे को और सुन्दर बना रही थी। मेरी प्रिया दीदी के चेहरे पर शर्म और होठों पर हल्की मुस्काम थी जिससे दीदी एकदम हवस से भरी लग रही थी। फरहान ने प्रिया दीदी के बाल पकड़ के आगे किया और दीदी को घुमा दिया और कैमरा को दीदी के पीठ पर ले गया। दीदी की पीठ एकदम गोरी और चिकनी थी, पर दीदी की पीठ पर ब्रा के निशान बने हुए थे और कमर एकदम पतली थी।

फरहान बोला- साली तुझे कमर से पकड़ कर लंड पर ऊपर-नीचे करने में बड़ा मज़ा आएगा।

इसके बाद उसने कैमरा को प्रिया दीदी की चूतडों पर किया। प्रिया दीदी के चुतड एकदम उठे हुए और गोर थे, फरहान ने दीदी के चुतड को अपने हाँथ से पकड़ कर हल्का सा दबाया और छोड़ दिया, दीदी के चुतड बहुत मुलायम थे जैसे फोम की तरह और उनमे स्प्रिंग लगी हो, फरहान ने मेरी प्रिया दीदी के चुतड पर एक जोर का थप्पड़ मारा जिससे दीदी के चुतड़ पर उसकी उगलियों के निशान बन गए और चुतड़ एकदम लाल हो गए।

फरहान बोला- कुतिया चल अब अपनी गांड दिखा।

प्रिया दीदी ने अपने दोनों हाथों से अपने चूतडों को फैलाते हुए थोडा आगे झुक गयी, जिससे उनकी गांड का छेद दिखने लगा। गांड का छेद एकदम लाल था उस पर कोई बाल नही थे, एकदम चिकना और साफ़ था।

फरहान बोला- साली छिनार गांड बहुत साफ़ रखती है।

प्रिया दीदी बोली- जी साफ़ नही रखूंगी तो खुजली नही होगी।

फरहान फिर से दीदी के चूतड़ पर एक थप्पड़ मारते हुए बोला- चल अब सीधी खड़ी हो जा।

प्रिया दीदी सीधी खड़ी हो कर फरहान की तरफ घूम जाती है और बोलती है- जी कैसा लगा आपको मेरा जिस्म ? प्रिया दीदी के चेहरे पर एक शर्म भरी मुस्कान थी।

फरहान बोला- साली कुतिया तू बहुत मस्त माल है। अगर तू अपना ये जिस्म बाज़ार में बेचती तो तुझे लाखों रुपये मिलते पर मैं तुझे लाख रुपये तो नही दे सकता लेकिन तेरा काम जरुर करा दूंगा। सच में मैंने पंडित लड़कियां बहुत देखी है पर तेरे जैसी नहीं देखी। चल अब मेरा मुस्लिम लौड़ा चूस रंडी |

दीदी निचे बैठ गयी और फरहान के पैंट की चैन खोल कर उसका लंड बाहर निकाला |

फरहान का लंड एक दम और खड़ा था जिसे देख कर प्रिया दीदी बोली- बाप से इतना बड़ा !

फरहान बोला- हाँ छिनार हम मुसलमानों के लंड ऐसे ही होते है | (फरहान का मुस्लिम लंड 8 इंच लम्बा और काफी मोटा था, हमारे ग्रुप में फरहान का लंड सबसे लम्बा और मोटा था)

प्रिया दीदी- आपके दूसरे दोस्तों के भी ऐसे ही है क्या ?

फरहान- उनके लौड़े भी तेरी चूत फाड़ने के लिए एकदम मोटे और लम्बे है | मादरचोद अभी बकवास कम कर और मेरा लौड़ा चूस |

प्रिया दीदी फरहान के लौड़े को पहले हाँथ से आगे-पीछे करती है और फिर लौड़े के टोपे को किस करती है और फिर मुस्कुराते हुए फरहान के लंड को मुंह में ले कर चूसने लगती है | फरहान के मुंह से आह: निकल जाती है और फरहान प्रिया दीदी के सर पर अपना हाँथ फेरने लगता है | लगभग 20 मिनट लौड़ा चूसने के बाद दीदी लंड को अपने मुंह से बहार निकालना चाहा पर फरहान ने प्रिया दीदी का सर पकड़ लिया और बोला – “साली छिनार लंड को मुंह से बाहर मत निकाल, मेरे लंड का पानी निकलने वाला है और सारा पानी पी जा, एक बूंद भी तेरे मुंह से बाहर नही आनी चाहिए | अगर मेरे लौंडे के पानी की एक बूंद भी तेरे मुंह से बाहर आई तो मार-मार कर तेरी खाल निकाल दूंगा और ये बोलते ही फरहान से अपने मुसलमानी लंड से पिचकारी छोड़ी और दीदी का मुंह भर दिया, मेरी प्रिया दीदी फरहान के लंड का सारा पानी पी गयी |

फरहान ने दीदी के बाल पकड़ कर खड़ा किया और दीदी के चेहरे पर कैमरा फोकस किया | प्रिया दीदी का चेहरा एकदम लाल हो गया था और होंठ गीले थे जिन पर फरहान के लंड का पानी लगा हुआ था | दीदी अपनी गर्दन और आँखे नीचे किये खाड़ी थी | सच में मेरी प्रिया दीदी बहुत सुन्दर और मस्त माल लग रहा थी |

फरहान बोलो- साली तू गर्दन क्यों नीचे किये है ?

दीदी बोली- जी मुझे शर्म आ रही है और अपने हांथो से अपना चेहरा छुपा लिया |

फरहान हँसते हुए बोला – चल कोई बात नही रंडी, हम तेरी सारी शर्म ख़त्म कर देंगे, चल अपना चेहरा खोल और ये बता की तूने इतना अच्छा चुसना कहाँ से सीखा |

प्रिया दीदी– जी कहीं से नही, बस जैसे मन कर रहा था वैसे चूस रही थी |

फरहान- बहुत अच्छा, चूसा तूने एकदम रंडी लग रही थी |

प्रिया दीदी मुस्कुराते हुए बोली- जी थैंक्स |

फरहान- छिनार अब तू अपनी सलवार-कुर्ता पहन ले वो भी बिना ब्रा-पैंटी और समीज के, मैं तेरी ब्रा-पैंटी और समीज कैंटीन में छोटू को दे दूंगा, घर जाते समय ये कपड़े छोटू से ले लेना, आज से तू कॉलेज में बिना ब्रा-पैंटी के घूमेगी, अपने दुप्पटे में पिन मत लगाना और अपने बाल खुले रखना | तुझे मैं एकदम मस्त रंडी बनाऊंगा मादरचोद |

प्रिया दीदी मुस्कुराते हुए बोली- जी ठीक है जैसा आप बोलोंगे अब मैं वैसा ही करुँगी |

प्रिया दीदी ने अपनी सलवार-कुर्ता पहन लिया और बिना पिन के दुप्पटा डाल कर फरहान को मुस्कुराते हुए बाय बोल कर बाहर चली गयी |

फरहान ने मोबाइल में विडियो बंद कर दिया | सभी लोग विडियो देख कर बहुत गर्म हो गए थे | मेरा लंड भी खड़ा था और मैं पैंट के ऊपर से अपने लंड को सहला रहा था |

साबिर मुझसे बोला- यार दीपक तेरी बहन तो बहुत मस्त माल है, इसकी चूत फाड़ने में बहुत मज़ा आएगा |

मैं भी मुस्कुराते हुए बोला- हाँ अब ले लो मज़ा जितने मज़े लेने हो, अब तो मेरी बहन तुम लोगो की ही है |

फरहान मुझसे बोला- यार दीपक अब 3:30 बज गया है और तेरी बहन आती ही होगी, अभी हम सब मिल कर तेरी बहन को थोडा जलील करेंगे और मज़े लेंगे | आज तू यहाँ से चला जा कल से तू भी हमारे साथ अपनी बहन के मज़े ले लेना |

मैं एक हारे हुए खिलाडी की तरह वहां से उठा और सब को बाय बोल कर चल दिया | मेरे मन में आया की क्यों न छुप कर देखा जाये की ये लोग मेरी बहन के साथ क्या-क्या करेंगे | ये सोच कर मैं जैसे ही वहां से निकला तो देखा मेरी प्रिया दीदी अपनी सहेली स्वेता के साथ आ रही है | दीदी के बाल अभी भी खुले हुए थे और उनके चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान थी |

प्रिया दीदी के पास पहुँच कर मैं बोला- दीदी मैं बाइक निकालता हूँ आप जल्दी से आ जाओ |

प्रिया दीदी बोली- हाँ तुम गाड़ी निकालो मैं थोड़ी देर में आती हूँ, कैंटीन में छोटू से मुझे कुछ काम है |

मैं बोला- ठीक है दीदी पर जल्दी आना |

इतना बोल कर मैं वहां से चला गया और आगे जा कर एक जगह पर छुप गया | प्रिया दीदी अपनी सहेली को बाय बोल कर कैंटीन की तरफ चली गयी | मैं भी छुप कैंटीन के पीछे चला गया | सब लोग कमरे के अन्दर थे इसलिए किसी को पता नही चला की मैं अपनी बहन को देखने के लिए फिर से वापस आ गया हूँ | जिस कमरे में दीदी गयी थी मैं उस कमरे की एक खिड़की से अन्दर का नज़ारा देखने लगा | जब तक मैं वहां पहुंचा तब तक वो लोग प्रिया दीदी का दुप्पटा हटा चुके थे और दीदी अपना कुर्ता उतार रही थी |

दीदी का सलवार-सूट उतरते ही सब लोग प्रिया दीदी के पास आ गये | एक-एक करके कोई उनकी चूची दबा रहा था, कोई उनकी गांड दबा रहा था तो कोई दीदी की बुर सहला रहा था |

फरहान कुर्सी पर बैठा ये सब देख रहा था और अपना लंड पैंट से बाहर निकाल कर सहला रहा था |

साबिर बोला- हाय: क्या मस्त गांड है, साली तेरी गांड मारने में बहुत मज़ा आएगा कुतिया |

इतना बोल कर साबिर ने दीदी के चूतड़ पर एक जोर से थप्पड़ मारा और मेरी प्रिया दीदी के मुंह से आह निकल गयी | दीदी के चूतड़ पर थप्पड़ का निशान बन गया |

पंकज ने दीदी के चूतड़ को पकड़ कर जोर से दबाया और बोला- साबिर भाई सही बोल रहे हो, सच में इस मादरचोद की बहुत मस्त और गोरी गांड है |

पंकज ने भी दीदी की गांड पर बहुत जोर से थप्पड़ मारा और बोला- भोसड़ीवाली तेरी ये बुर और गांड किसके लिए है ?

प्रिया दीदी के मुंह से फिर आह: निकल गयी और बोली- जी आप लोगो के लिए है |

साबिर बोला- मादरचोद कभी किसी का लंड तूने अपनी चूत या गांड में लिया है ?

प्रिया दीदी- नही, अभी कुवांरी हूँ |

प्रिया दीदी ने जैसे ही ये बोला विजय ने बेल्ट से दीदी की गांड पर जोर से 2 बार मारा और बोला- साली छिनार तुझसे जो पूछा जाये सिर्फ उसका जवाब दे, ज्यादा बकवास न कर |

प्रिया दीदी ने सोचा भी नही था कि ये भी हो सकता है ! दीदी ने अपने दोनों हाँथ चूतड़ पर रख कर थोडा पीछे हट गयी और रोने लगी |

ये देख कर विजय को गुस्सा आया और वो दीदी का हाँथ पकड़ के बोला- साली बहन की लौंडी अपनी गांड मत छुपा और न ही पानी जगह से हिल कुतिया, अब तू रंडी है और रंडी की तरह काम कर |

विजय के इतना बोलते ही छोटू ने विजय के हाँथ से बेल्ट ले ली और बोला- विजय भईया आप रहने दो, मैं इस कुतिया हो ठीक करता हूँ | इतना बोल कर छोटू ने प्रिया दीदी की गांड पर 4-5 बेल्ट मारी | दीदी की आँखों में आंसू आ गये, वो जोर से रोने लगी और अपने हाँथ से अपने चूतड़ सहलाने लगी, दीदी अपनी जगह से थोडा पीछे हट गयी | मेरी प्रिया दीदी के चूतड़ पर बेल्ट के निशान बन गए |

छोटू बोला- साली छिनार चुप हो जा, रोना बंद कर, मुंह से कोई आवाज़ नही आनी चाहिए और अपनी जगह से हिलना नही बहन की लौंडी | तेरे हाँथ गांड पर नही जाने चाहिए, अपने हाँथ सीधे रखना | तुझसे जितना बोला जाये उतना की कर, नही तो और मरूँगा |

प्रिया दीदी नही मानी और वो रोते हुए अपने चूतड़ को सहला रही थी | ये देख कर छोटू ने दीदी की चूची पर 3-4 बेल्ट मारी, दीदी बेल्ट से बचने के लिए अपने हाँथ अपनी चूची पर रख लिए | दीदी ने जैसे ही अपने हाँथ अपनी चूची पर रखे, छोटू ने 8-10 बेल्ट फिर से दीदी की गांड पर मारी | जिससे दीदी के चूतड़ से हल्का सा खून निकलने लगा |

प्रिया दीदी बोली- नही रोउंगी-अब नही रोउंगी |

छोटू बोला- नही तू अब रो, जितना रोना है तू रो, मैं भी देखता हूँ कि तू कितना रोएगी |

इतना बोल कर छोटू ने दीदी की गांड पर जोर-जोर से 4-5 बेल्ट और मारे, इस बार बेल्ट से मार खाते ही दीदी ने रोना बंद कर दिया, वो धीरे-धीरे सुबकने लगी और अपने हाँथ अपने चूतड़ से हटा कर सीधी खाड़ी हो गयी |

छोटू बोला- साली लड़कियां बिना मार खाए कुछ समझती ही नही है और दीदी से पूछा कि छिनार अपनी जहग से हिलेगी ?

प्रिया दीदी कुछ नही बोली और छोटू के फिर दीदी की गांड पर 4-5 बेल्ट मारी |

प्रिया दीदी झट से बोल पड़ी की – “नही हिलुंगी-अब बिलकुल भी नही हिलुंगी” |

साबिर दीदी को डांटते हुए बोला- रंडी चुप बिलकुल चुप |

दीदी का अब सुबकना भी बंद हो गया |

साबिर बोला- साली छिनार अब अपने दोनों हाँथ ऊपर कर के अपने सर पर रख |

प्रिया दीदी ने तुरंत अपने दोनों ऊपर कर के अपने सर रख लिए |

साबिर ने छोटू से बोला कि अगर इस रंडी के हाँथ नीचे आये तो कम से कम 10 बेल्ट इसकी चूची पर और इसकी गांड पर 20 बेल्ट से कम मत मारना |

साबिर के इतना बोलते ही छोटू ने बिना किसी बात के प्रिया दीदी की गांड पर 4 बेल्ट लगा दी |

इस बार मेरी प्रिया दीदी के मुंह से कोई आवाज़ नही निकली और न ही वो अपनी जगह से हिली, दीदी के हाँथ भी ऊपर ही थे |

छोटू बोला- अब ठीक है, इस मादरचोद को सब समझ में आ गया है |

फरहान कुर्सी से उठ कर आया और एक हाँथ से दीदी के निप्पल को दबाते हुए दूसरे हाँथ से दीदी के गाल पर एक जोर से थप्पड़ मर कर पूछा – साली छिनार तूने कभी किसी का लौंडा चूसा है ?

प्रिया दीदी – नही, अभी तक किसी का नही चूसा |

प्रिया दीदी के इतना बोलते ही छोटू ने 6-7 बेल्ट दीदी की गांड पर लगा दिए और बोला- सच बोल हरामजादी, झूठ क्यों बोल रही है |

प्रिया दीदी जोर से चीखते हुए बोली – हाँ चूसा है | आज दोपहर को मैंने फरहान जी का लंड चूसा है |

छोटू ने फिर दीदी के चूतड़ पर 4-5 बेल्ट मारी और बोला- चिल्ला मत बहन की लौंडी | तूने हमसे झूठ क्यों बोला ?

इतना बोल कर छोटू ने फिर दीदी के चूतड़ पर 3-4 बेल्ट मारी |

प्रिया दीदी रोते हुए बोली – माफ़ कर दीजिये, अब कभी झूठ नही बोलूंगी, सब सच बोलूंगी |

प्रिया दीदी अपने दोनों हाँथ ऊपर किये हुए थी और उनकी आखों में आंसू थे | दीदी कुछ कर नही सकती थी, क्युकी ये रास्ता दीदी ने खुद ही चुना था | मैं भी कुछ नही कर सकता था और बेबस हो कर ये सब देख रहा था |

साबिर ने दीदी की दोनों चूची को जोर से मसलते हुए पूछा– साली रंडी हम तेरे क्या है ?

प्रिया दीदी– जी आप लोग मेरे मालिक है |

साबिर- तू हम लोगों की क्या है ?

प्रिया दीदी- जी मैं आप लोगो की रंडी, रखैल और पालतू कुतिया हूँ |

फरहान- शाबास मेरी प्रिया रांड, इस बात को कभी भूलना मत |

साबिर- साली कुतिया अब सही लाइन पर आई है | अब अपनी छिनार माँ के बारे में बता |

प्रिया दीदी- जी मेरी मम्मी का नाम रश्मि शुक्ला है |

दीदी के इतना बोलते ही छोटू ने फिर दीदी की गांड पर 2 बेल्ट मारी और बोला- साली हरामजादी ये तो हमें पता है |
साबिर – तेरी माँ के जिस्म के बारे में पूछ रहे है, पूरा खुल कर सब कुछ बता |

मेरी प्रिया दीदी अब बेल्ट से मार खाने के बाद भी अपनी जगह से बिलकुल भी नही हिल रही थी, वो अच्छी तरह जान गयी थी कि यहाँ उनको बचाने वाला कोई नही है और उनका रोना बेकार है | दीदी अपनी जगह पर ही खाड़ी थी |

प्रिया दीदी- जी मेरी मम्मी हिन्दू पंडित है, उनका का रंग गोरा है | मेरी मम्मी की चूची 36 की है, उनकी कमर 32 की है और गांड 38 की है |

छोटू इस बार प्रिया दीदी की चूची पर 4-5 बेल्ट मरी और बोला- अपनी माँ के रंडीपन के बारे में बता |

प्रिया दीदी- जी मुझे अपनी मम्मी के रंडीपन के बारे में नही मालूम |

छोटू फिर से दीदी की गांड पर 3-4 बेल्ट मरता है पर इस बार विजय ने छोटू का हाँथ पकड़ लिया और बोला- यार रहने दे, मत मार इसे, इस छिनार को अपनी माँ के रंडीपन के बारे में कैसे मालूम होगा |

पंकज बोला- छिनार अब अपने कपड़े पहन ले और घर जा |

दीदी ने अपने दोनों हाँथ नीचे किये जैसे ही अपने कपड़ो की तरफ बढ़ी फरहान बोला- प्रिया मेरी रखैल पहले सबके पैरो पर अपना माथा टेक, जैसे मंदिर के माथा टेकती है और सबके पैर चूम | सब लोग हँस रहे थे |

प्रिया दीदी सबसे पहले फरहान के पैरो में अपना माथा टेका और उसके पैरो को चूमा और फिर उसके बाद सबके पैरों में माथा टेका और चूमा, दीदी की गांड और चूची पर बेल्ट की मार के काले-लाल निशान बन गये थे | दीदी के चूतड़ देख कर तो लग रहा था ही खून निकल आएगा | उसके बाद दीदी ने पानी से अपना मुंह धुला और पहले जैसी दिखने की कोशिश करने लगी | प्रिया दीदी ने जल्दी से अपने कपड़े पहन लिए |

कपड़े पहनने के बाद दीदी ने फरहान से पूछा कि क्या अब मैं जा सकती हूँ ?

फरहान बोला- हाँ रंडी अब तू जा सकती है पर कल से तू अन्दर ब्रा-पैंटी, समीज कुछ नही पहनेगी, सिर्फ सलवार-कुर्ता ही पहन कर आएगी, दुप्पटे में पिन नही लगाएगी और अपने बाल खुले रखेगी, कल से तू अपनी चूत के बाल भी साफ़ कर के अपनी चूत को चिकना रखेगी, जिससे तू पूरी रंडी लगेगी | कल मैं अपने इस सब दोस्तों के सामने तेरी पहली चुदाई करूँगा |

प्रिया दीदी- जी ठीक है, आप जैसा बोलेंगे मैं कल से वैसा ही करुँगी |
इतना बोल कर दीदी रूम से बाहर जाने लगी | इतनी मार खाने के बाद दीदी को चलने में बहुत तकलीफ हो रही थी | मैंने सोचा की दीदी थोडा दूर चली जाये फिर मैं यहाँ से निकलू, तब तक इन सबकी बाते सुनता हूँ |

प्रिया दीदी के रूम से बाहर जाने के बाद साबिर बोला- यार फरहान अपने दोस्त दीपक की बहन तो बहुत मस्त माल है | यार तू तो कल प्रिया को चोद कर मज़े लेगा पर हम लोग क्या करेंगे ?

फरहान- यार अपने दोस्त दीपक की एक और छोटी बहन है, साली अभी तो वो कच्ची कली है, तू उसे चोद कर कली से फूल बना देना |

लकी बोला- भाई आप लोगो ने दीपक की बहन को इतना मारा क्यों ? वो तो अपनी मर्ज़ी से चुदवाने के लिए तैयार है |

फरहान- यार लकी तू नहीं जानता, ये पंडित लड़कियां बिना मार खाए न कुछ सीखती है और न ही कुछ समझती नही है | अभी तो कुछ नही मारा, कल देखना मैं इसका क्या हाल करता हूँ |

लकी- भाई तो क्या दीपक की छोटी बहन को भी ऐसे ही मारोगे ?

फहरान- दीपक की दोनों बहन और उसकी माँ को भी मरना बहुत जरुरी है | तभी वो हमारी अच्छी और वफादार रखैल और पालतू कुतिया बन कर रहेगी | मैंने उसकी माँ को देखा है वो भी एकदम मस्त रंडी लगती है |

छोटू बोला- फरहान भाई दीपक की छोटी बहन का नाम क्या है और वो किस क्लास में पढ़ती है ?
फरहान- उसका नाम रिया शुक्ला है, वो अभी 11th क्लास में है |

छोटू बोला- साबिर भाई जब आप रिया को चोद लेना तब रिया को मुझे दे देना, मैं भी उसे चोदूंगा और कुवांरी माँ बनाऊंगा |

लकी बोला- भाई दीपक की माँ का क्या करोगे ?

साबिर बोला- उस कुतिया को तो हम सब मिल कर एक साथ चोदेंगे |

सब लोग जोर-जोर से हंसने लगे |

अब मैं भी जल्दी वहां से निकला और बाइक के पास जाने लगा | बाइक के पहुँच कर देखा की प्रिया दीदी पहले ही वहां पहुँच कर और मेरा इन्तेजार कर रही है | मैं भाग कर दीदी के पास पहुँच गया |

प्रिया दीदी मुझसे बोली- दीपक तू कहाँ चला गया था, मैं कब से तेरा इन्तेजार कर रही हूँ |

दीदी मुझे ऐसे देख रही थी जैसे उनके साथ कुछ हुआ ही नही |

मैंने जल्दी से बाइक निकाली और दीदी को बैठने के लिए बोला, आज दीदी बाइक पर बैठने में झिझक रही थी, मुझे मालूम था कि उनके चूतड़ में बहुत दर्द हो रहा है |

मैं दीदी से बोला- जल्दी बैठिये न, क्या हुआ ?

दीदी बाइक पर बैठ गयी | अब उनके चूतड़ में और भी ज्यादा दर्द होने लगा | मैंने बाइक स्टार्ट की और घर की तरफ चल दिया | आज मेरे मन में बहुत सारे सवाल उठ रहे थे पर उन सवालो के जवाब मेरे पास नही थे | मैं बहुत शांत था और बाइक भी धीरे-धीरे चला रहा था, ये सोच कर की कही दीदी को कोई झटका न लगे और उनके चूतड़ में ज्यादा दर्द न हो | दीदी से कोई बात भी नही कर रहा था |

दीदी मुझसे बोली- क्या बात है दीपक ? आज बहुत शांत हो, कोई बात है क्या ?

मैं बोला- नही दीदी, कोई बात नही है, आज मैं बहुत थक गया हूँ |

दीदी बोली- मैंने तुमसे गाड़ी निकालने के लिए बोला था, तुम कहाँ चले गये थे ? मैं कब से तुम्हारा इन्तेजार कर रही थी |

मैं बोला- अभी 2 मिनट पहले ही तो गया था, आप ही नही आई तो मैं पेशाब करने चला गया था |

दीदी बोली- कहाँ गया था पेशाब करने ?

बिना कुछ सोचे मेरे मुंह से से निकल गया कि कैंटीन के पीछे | फिर मैंने सोचा कि ये मैंने क्या बोल दिया | मैंने तुरंत अपना जवाब बदला और बोला कि अरे स्टैंड के पीछे गया था |

दीदी चौक गयी और बोली- तुम तो कैंटीन की तरफ से आ रहे थे | तुम मुझसे कुछ छुपा रहे हो |

मैं बोला- हाँ वो आपको आने में बहुत टाइम लग गया तो मैं आपको देखने और बुलाने गया था कि आप कहाँ रह गयी |

इतना सुनते ही दीदी और भी ज्यादा चौक और बोली तो क्या तुमने वहां कुछ देखा ?

मैंने बाइक सड़क के किनारे रोक दी और पीछे मुड कर दीदी की तरफ देख कर बोला- हाँ दीदी मैंने सब देख लिया |

इतना सुनते ही दीदी ने अपनी गर्दन नीचे झुका ली और उनकी आँखों में आंसू आ गए, वो रोने लगी |

मैंने दीदी से सिर्फ इतना पूछा कि क्या ज्यादा दर्द हो रहा है ?

दीदी कुछ बोली नही सिर्फ रोते हुए हाँ में सर हिला दिया |

मैं बोला- चल कर किसी मेडिकल स्टोर से दवाई ले लेते है, आपको आराम मिल जाएगी |

मुझे अब तक इस बात का अहसास तो हो गया था कि मेरी प्रिया दीदी ने जो किया है वो अपनी मर्ज़ी से नही किया, उनकी कोई न कोई मज़बूरी जरुर होगी, नही तो दीदी फरहान से पास नही जाती |

इतना बोल कर मैंने बाइक स्टार्ट की और एक मेडिकल स्टोर के सामने रुक गया |

मैं दीदी से बोला- आप यही रुको, मैं दवाई ले कर आता हूँ |

मैं मेडिकल स्टोर पर गया और कुछ दवाई खाने वाली और एक क्रीम की ट्यूब लगाने वाली ले आया | मैंने एक पानी की बोलत खरीदी और दीदी वो वही दवाई खिला दी | मैंने सोचा की दीदी को आइसक्रीम बहुत पसंद है, दीदी को आइसक्रीम खिला देता हूँ, उनको कुछ अच्छा लगेगा | मैं दीदी के लिए उनकी पसंद की आइसक्रीम ले आया और दीदी को दे दी | उसके बाद हम घर आ गये |

घर में बहार से ताला बंद था | मम्मी और रिया अभी स्कूल से वापस नही आई थी | मैंने दीदी से घर की चाभी ली और ताला खोल कर अन्दर आ गये | दीदी मेरे पीछे-पीछे आ रही थी | जैसे ही हम रूम में अन्दर आये प्रिया दीदी मुझसे बोली कि दीपक मैं तुमसे कुछ बात करना चाहती हूँ |

मैं बोला- दीदी पहले आप हाँथ-मुंह धुल लो और क्रीम लगा लो फिर बाद में बात करेंगे |

दीदी बोली- मैं तुम्हे बताना चाहती हूँ कि मैंने ऐसा क्यों किया |

मैं भी जानना चाहता था कि मेरी दीदी ने ऐसा क्यों किया लेकिन मैं बोला कि रात में खाना खाने के बाद हम इस बारे में बात करेंगे |

दीदी रोते हुए हाँथ जोड़ कर मुझसे बोली- तुम्हे ये जानना बहुत जरुरी है कि मैंने ऐसा क्यों किया, मेरी बात सुन लो, ये तुम्हारे लिए भी ये बहुत जरुरी है | मम्मी और रिया के आने में अभी बहुत टाइम है |

मैं समझ गया था कि कोई न कोई बात जरुर है इसलिए दीदी इतना जिद कर रही है |

मैं बोला- ठीक है दीदी लेकिन पहले आप हाँथ-मुंह धो लो और क्रीम लगा लो, तब तक मैं आपके लिए शरबत बना के लता हूँ |

दीदी बोली- ठीक है |

प्रिया दीदी बाथरूम में चली गयी और मैं किचेन में चला गया | मैंने दीदी के लिए शरबत बनाया और दीदी के रूम में आ गया | मैंने देखा कि दीदी सिर्फ समीज पहने खाड़ी है, दीदी ने कुछ और नही पहना था, दीदी की समीज सिर्फ उनकी कमर के थोडा ऊपर तक ही थी, वो कमर के नीचे पूरी नंगी थी | उनके हाँथ में दवाई थी जो अभी तक उन्होंने अपने चूतड़ में नही लगायी थी | शायद उनके चूतड़ में दर्द ज्यादा हो रहा था इसलिए दवाई नही लगा पा रही थी | उनकी आँखों में आंसू थे |

दीदी मुझे देख कर बोली- दीपक अब तुमसे क्या शर्माना, तुमने तो मुझे पूरा नंगा देखा ही है |

मैं बोला- दीदी अभी तक अपने दवाई नही लगायी |

दीदी बोली- दीपक मेरे पीछे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है, दवाई लगाने की मेरी हिम्मत नही हो रही |

मैं बोला- दीदी अगर आपको प्रोब्लम न हो तो मैं आपके दवाई लगा दूँ |

दीदी बोली- हाँ ठीक है, तुम ही दवाई लगा दो | मुझे कोई प्रोब्लम नही है |

इतना बोल कर दीदी ने दवाई मुझे दी और अपने बिस्तर पर उल्टा हो कर पेट के बल लेट गयी | मैंने शरबत मेज़ पर रख दिया और दीदी के बगल में बैठ गया | मैंने देखा कि मेरी प्रिया दीदी के गोरे चूतड़ एकदम लाल-काले हो गये थे, उनके चूतड़ में काफी सूजन भी आ गयी थी | बेल्ट की मार के निशान भी बने थे | मैं क्रीम को अपनी उंगली में ले कर दीदी के चूतड़ पर लगाने लगा |

दीदी बोली- दीपक मैं तुम्हे कुछ बताना चाहती हूँ |

मैं बोला- हाँ दीदी बताओ |

दीदी बोली- आज मैं फरहान के पास अपने नंबर बढवाने नही गयी थी | मैं किसी दूसरे जरुरी काम से गयी थी | मैं तुम्हे ये नही बताना चाहती थी पर अब तुमसे ये सब छुपाने का कोई फायदा नही है |

मैं बोला- ऐसा क्या जरुरी काम है जो आपको फरहान के पास जाना पड़ा ?

दीदी बोली- मम्मी जिस स्कूल में पढ़ाती है उस स्कूल के प्रिंसिपल ने एक दिन मम्मी को कोई नशा दे कर उनकी नंगी फोटो खिंची और विडियो भी बना लिया | अब वो मम्मी को ब्लैक-मेल करता है और मम्मी के साथ सेक्स भी करता है | उसने मम्मी को कुछ महीने से सैलरी भी नही दी है, उल्टा वो मम्मी से पैसे मांगता है | अब वो हमारी मम्मी को अपने दोस्तों का बिस्तर गरम करने के लिए बोल रहा है और साथ में मुझे और रिया को मांग रहा है | वो मम्मी को बहुत मारता भी है | रिया जब स्कूल से वापस आती है तो एक लड़का उसे बहुत छेड़ता है, वो लड़का कभी कभी रिया के सीने पर भी हाँथ लगा देता है, एक दिन तो उस लड़के ने रिया की स्कर्ट के अन्दर हाँथ डाल कर रिया की पैंटी भी खींच ली थी | उस दिन रिया घर आ कर बहुत रोयी थी | ये सब हमने तुम्हे नही बताया | मैं सिर्फ तुम्हारे दोस्तों की वजह से अभी तक बची हूँ | तुम्हारे दोस्तों से डर कर कोई मुझे कुछ नही बोलता है | मैंने फरहान के बारे में अपनी सहेलियों से काफी कुछ सुना है | इसलिए मैं फरहान के पास अपने नंबर बढवाने के बहाने गयी थी | अगर मैं उसके अब्बू तक पहुँच गयी तो मैं मम्मी को उस प्रिंसिपल के चंगुल से छुड़वा लुंगी और रिया को भी उस लड़के से बचा लेती | मैंने ये बात मम्मी और रिया को पहले ही बता दी थी, सिर्फ तुम्हे नही बताई लेकिन अब तुम्हे भी सब बता दिया है | फरहान से मिल कर एक बात साफ़ है कि हम तीनो को उसकी गुलाम होना पड़ेगा, उसकी रखैल बन कर रहना पड़ेगा | इसी में हम सब की भलाई है | मुझे पता है कि फरहान कभी किसी लड़की को ब्लैक-मेल या उसके साथ कोई जबरदस्ती नही करता | मुझे मालूम था कि फरहान आज मेरा एग्जाम ले रहा है, ये बात मेरी एक सहेली ने मुझे पहले ही बता दी थी |

ये सब सुन कर मेरी आँखों में आंसू आ गये और मैं रोने लगा, मैं कुछ बोल नही पाया |

इतनी देर में ही डोर-बेल बजी | मैं और दीदी दोनों समझ गये कि मम्मी और रिया आ गयी है |

मैं बोला- दीदी आप अपने कपड़े पहन लो, मैं दरवाज़ा खोलता हूँ |

दीदी बोली- अरे कपड़े पहनने की जरुरत नही है, मम्मी और रिया को सब पता चल ही जायेगा | मुझे बहुत दर्द  हो रहा है | मुझे लेता रहने दो, तुम जा कर दरवाज़ा खोल दो |

#मबहन #क #चदई #अपन #ह #मसलम #दसत #और #उसक #अबब #स #Part

माँ-बहन की चुदाई अपने ही मुस्लिम दोस्त और उसके अब्बू से Part 4

Return back to Adult sex stories, Desi Chudai sex stories, hindi Sex Stories, Indian sex stories, Malayalam Kambi Kathakal sex stories, Meri Chudai sex stories, Other Languages, Popular Sex Stories, Top Collection, पहली बार चुदाई, रिश्तों में चुदाई, लड़कियों की गांड चुदाई, सबसे लोक़प्रिय कहानियाँ, हिंदी सेक्स स्टोरी

Return back to Home

Leave a Reply